राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने “समग्र आपदा-पीड़ित की पहचान एवं प्रबंधन” पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दिशानिर्देश जारी किए हैं।
- यह "किसी बड़ी त्रासदी में बड़ी संख्या में मृतकों" की पहचान के लिए भारत की पहली मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) है।
- इसमें 'राष्ट्रीय दंत डेटा रजिस्ट्री' बनाने; शवों की पहचान में मदद के लिए "फोरेंसिक पुरावशेषों" (forensic archaeology) का उपयोग करने, आदि की सिफारिश करता है।
NDMA के बारे में
- यह आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत गठित एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है।
- यह भारत में आपदा प्रबंधन के लिए शीर्ष निकाय के रूप में कार्य करता है।
- अध्यक्ष: भारत के प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष हैं।
- अधिदेश: आपदा प्रबंधन के लिए नीतियां और योजनाएं बनाना तथा दिशानिर्देश तैयार करना।
ईरान के अधिकारियों ने देश में दशकों के सबसे भीषण सूखे से निपटने के लिए उर्मिया झील बेसिन के ऊपर बादलों में रसायनों का छिड़काव (क्लाउड सीडिंग) किया, ताकि कृत्रिम वर्षा कराई जा सके।
उर्मिया झील के बारे में
- इसे ओरोमीह झील भी कहा जाता है।
- अवस्थिति: यह उत्तर-पश्चिमी ईरान के अजरबैजान क्षेत्र में स्थित है।
- यह मध्य पूर्व की सबसे बड़ी झील है।
- बंद जल निकाय (टर्मिनल झील): इस झील से पानी बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। इसलिए यह अत्यधिक खारी है।
- जल स्रोत: उत्तर-पूर्व में तल्खेह नदी और दक्षिण में ज़रीनेह (जगातू) और सिमीनेह (तातवी) नामक जुड़वां नदियां।
- संरक्षण स्थिति: यह एक रामसर साइट है। यह यूनेस्को के मैन एंड द बायोस्फीयर प्रोग्राम (MAB) में भी शामिल स्थल है।
Article Sources
1 sourceभारत विनिर्माण और MSMEs को सहायता प्रदान करने के लिए ब्रिक्स औद्योगिक सक्षमता केंद्र (BRICS Centre for Industrial Competencies - BCIC) में शामिल हो गया है।
- ब्रिक्स 11 देशों का एक समूह है। यह ग्लोबल साउथ के देशों के लिए एक राजनीतिक और राजनयिक समन्वय मंच के रूप में कार्य करता है।
ब्रिक्स औद्योगिक सक्षमता केंद्र (BCIC) के बारे में
- इसे संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) के साथ साझेदारी में शुरू किया गया है।
- यह ब्रिक्स देशों में विनिर्माण कंपनियों तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को एकीकृत सहायता सेवाएँ प्रदान करने वाले 'वन-स्टॉप सेंटर' के रूप में कार्य करता है। इसका मुख्य ध्यान इंडस्ट्री 4.0 की दक्षताओं को मजबूत करने पर है।
- राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) को BCIC का भारतीय केंद्र नामित किया गया है।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने प्रथम अति-महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक (Critical Minerals Ministerial) के दौरान ‘फोरम ऑन रिसोर्स, जियोस्ट्रैटेजिक एंगेजमेंट (FORGE)’ शुरू करने की घोषणा की है।
- यह मंत्रिस्तरीय बैठक वाशिंगटन डीसी में अमेरिका द्वारा आयोजित की गई। इसमें भारत सहित 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया।
- इसका उद्देश्य था अति-महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित और विविध बनाने के लिए सहयोग बढ़ाना।
FORGE के बारे में
- FORGE का गठन खनिज सुरक्षा साझेदारी (Minerals Security Partnership: MSP) के उत्तराधिकारी के रूप में किया गया है।
- MSP का उद्देश्य आर्थिक समृद्धि और जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अति-महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना था।
- उद्देश्य: FORGE के साझेदार देश नीतिगत स्तर और परियोजना स्तर पर मिलकर काम करेंगे।
- इसका उद्देश्य विविध, लचीली और सुरक्षित अति-महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाएंगे।
उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में तदर्थ (ad hoc) न्यायाधीश के रूप में 5 पूर्व-न्यायाधीशों के नाम को मंजूरी दी है।
तदर्थ न्यायाधीशों के बारे में
- संविधान का अनुच्छेद 224A किसी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को किसी भी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायाधीश के रूप में कार्य करने का अनुरोध करने का अधिकार देता है।
- यह नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से की जाती है।
- नियुक्ति अस्थायी होती है: इस तरह नियुक्त न्यायाधीश केवल निर्दिष्ट अवधि के लिए ही सेवा देता है और उसे स्थायी न्यायाधीश नहीं माना जाता है।
- क्षेत्राधिकार और शक्तियाँ: पद पर रहते हुए, उन्हें उच्च न्यायालय के नियमित न्यायाधीश के समान ही शक्तियां, क्षेत्राधिकार और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं।
संयुक्त विशेष बल अभ्यास खंजर का 13वां संस्करण असम के सोनितपुर जिले के मिसामारी में शुरू हुआ।
अभ्यास 'खंजर' के बारे में
- यह भारत और किर्गिस्तान के बीच प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है।
- इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के तहत शहरी युद्ध और आतंकवाद-रोधी परिदृश्यों में संयुक्त अभियानों पर ध्यान केंद्रित करना और दोनों देशों के विशेष बलों के बीच पारस्परिक सहयोग को बढ़ाना है।