
पहले वैज्ञानिक आकलन में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एवं बाघ अभयारण्य में फिशिंग कैट की अधिक मौजूदगी दर्ज की गई है।
फिशिंग कैट के बारे में
- यह अधिक बलवती बिल्ली प्रजाति है। यह आकार में घरेलू बिल्ली से लगभग दोगुनी होती है।
- पर्यावास: भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, थाईलैंड की खाड़ी आदि क्षेत्रों में आर्द्रभूमियों एवं मैंग्रोव वनों में पाई जाती है।
- भारत में मुख्यतः सुंदरबन क्षेत्र, हिमालयी गिरिपाद के साथ गंगा एवं ब्रह्मपुत्र घाटियों, पश्चिमी घाट में प्राप्त होती हैं।
- व्यवहार: निशाचर शिकारी;
- मुख्य आहार: मछलियां, मेंढक, क्रस्टेशियन, सांप, पक्षी तथा मृत जीवों पर निर्भर।
- संरक्षण स्थिति:
- IUCN की लाल सूची: वल्नरेबल
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची-1
- CITES: परिशिष्ट II में सूचीबद्ध।
- विशेष मान्यता: पश्चिम बंगाल का राज्य पशु (स्टेट एनिमल)।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने अपनी स्थापना के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में कई समारोह शुरू किए।
ESIC के बारे में
- यह सामाजिक सुरक्षा सेवाएं प्रदान करने वाली एक सांविधिक संस्था है। इसकी स्थापना 1952 में कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अंतर्गत की गई थी।
- मंत्रालय: केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत
- उद्देश्य: संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा संरक्षण प्रदान करना।
Article Sources
1 sourceकांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की माई-न्डोम्बे झील और तुम्बा झील के आसपास स्थित पीटलैंड से कार्बन उत्सर्जित हो रहा है। यह कार्बन हज़ारों वर्षों से वहां प्राकृतिक रूप से भंडारित था।
- कांगो बेसिन के दलदल और पीटलैंड्स पृथ्वी की सतह के केवल 0.3% हिस्से में फैले हैं, फिर भी इनमें विश्व के उष्णकटिबंधीय पीटलैंड्स में संचित कार्बन का एक-तिहाई हिस्सा मौजूद है।
पीटलैंड के बारे में
- पीटलैंड वह भूक्षेत्र है जहाँ सतह पर आंशिक रूप से अपघटित जैविक पदार्थ की परतें जमा होती हैं, जिसे ‘पीट’ कहा जाता है।
- पीट का निर्माण जलभराव की परिस्थितियों में होता है। यहां ऑक्सीजन की कमी के कारण जैविक पदार्थों का अपघटन बहुत धीमा होता है।
- पीटलैंड्स क्षेत्र प्रत्येक वर्ष वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में का कम-से-कम 5% का योगदान देते हैं। यह उत्सर्जन वहां की जल-अपवाह प्रणाली और आग लगने से होता है। इस तरह, ये जलवायु परिवर्तन के लिए उत्तरदायी हैं।
Article Sources
1 sourceकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने को स्वीकृति दी है।
संविधान के अनुच्छेद 3 के बारे में
- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 3 संसद को निम्नलिखित शक्तियां प्रदान करता है:
- नए राज्यों का निर्माण करना,
- वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों को बढ़ाना या घटाना,
- वर्तमान राज्यों की सीमाओं में परिवर्तन करना,
- किसी राज्य के नाम में परिवर्तन करना।
- प्रक्रिया:
- राष्ट्रपति की अनुशंसा: इस प्रकार का विधेयक प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व-अनुशंसा आवश्यक होती है।
- राज्य विधानमंडल का मत: राष्ट्रपति संबंधित राज्य के विधानमंडल से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना मत देने के लिए संदर्भित करते हैं।
- राष्ट्रपति (या संसद) राज्य विधानमंडल की राय मानने के लिए बाध्य नहीं होते।
- संसद में पारित होना: राज्य का नाम बदलने हेतु विधेयक साधारण बहुमत से संसद में पारित किया जाता है।
भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ने 40वें स्थापना दिवस के अवसर पर ‘सुजविका’ पोर्टल शुरू किया।
सुजविका (SUJVIKA) के बारे में
- यह AI-संचालित बायोटेक उत्पादों पर डेटा पोर्टल है। इसे उद्योग साझेदार ABLE के सहयोग से विकसित किया गया है।
- यह व्यापार सांख्यिकी पर डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। यह प्रमाणित जैव-प्रौद्योगिकी उत्पादों के आयात पर डेटा को व्यवस्थित और सुलभ रूप में उपलब्ध कराएगा।
- यह पोर्टल जैव-रसायन उत्पादों, औद्योगिक एंजाइम तथा जैव-प्रौद्योगिकी से संबंधित अन्य उत्पादों के आयातों पर क्षेत्रक-वार जानकारी प्रदान करेगा।
- यह पोर्टल शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को उच्च-मूल्य वाले आयातों की पहचान करने, आयात पर निर्भरता के आकलन तथा स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास को प्राथमिकता देने में सक्षम बनाएगा।
Article Sources
1 sourceधर्म गार्जियन अभ्यास:
- यह भारतीय थल सेना और जापान की स्थलीय आत्मरक्षा सेना के बीच आयोजित होने वाला द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है।
वज्र प्रहार अभ्यास:
- इस अभ्यास का उद्देश्य भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करना है।
राष्ट्रीय MSMEई परिषद ने ‘MSME प्रदर्शन को बढ़ाना और तेज करना (Raising and Accelerating MSME Performance: RAMP)’ कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की।
RAMP कार्यक्रम के बारे में
- शुरुआत: इसे वर्ष 2022 में विश्व बैंक की सहायता से केंद्रीय क्षेत्रक योजना के रूप में प्रारंभ किया गया।
- कार्यान्वयन: इसका कार्यान्वयन केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा पाँच वर्ष की अवधि (2022–23 से 2026–27) में किया जा रहा है।
- उद्देश्य: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की कार्यान्वयन क्षमता तथा उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार करना।
- इसके अंतर्गत नवाचार को बढ़ावा देना, नए विचारों को प्रोत्साहित करना, कार्य-प्रणालियों एवं प्रक्रियाओं में सुधार करना, बाज़ार तक पहुँच को बढ़ाना, हरित पहलों को प्रोत्साहित करना, महिला स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को गारंटी प्रदान करना आदि शामिल हैं।
- वित्तपोषण व्यवस्था: रणनीतिक निवेश योजना के अंतर्गत चयनित परियोजनाओं के कार्यान्वयन हेतु राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को अनुदान प्रदान किए जाते हैं।