यह विधेयक कानून बन जाने के बाद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में अधिकारियों की भर्ती, प्रतिनियुक्ति, पदोन्नति और सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए एक व्यापक कानून के रूप में कार्य करेगा। वर्तमान में CAPF के अलग-अलग सशस्त्र बलों को अलग-अलग सेवा अधिनियमों द्वारा प्रशासित किया जाता है।
- इस विधेयक में विशेष रूप से CAPFs में उच्च पदों पर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का प्रावधान है।
- गौरतलब है कि इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने 2025 में CAPFs में DIG (उप महानिरीक्षक) और IG (महानिरीक्षक) के पदों पर IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को दो वर्षों में क्रमिक रूप से कम करने का निर्देश दिया था।
विधेयक के प्रमुख प्रावधान
- नियम बनाने की शक्ति: यह विधेयक केंद्र सरकार को निर्दिष्ट CAPFs के अधिकारियों से संबंधित मामलों पर नियम बनाने की शक्ति प्रदान करता है।
- किन CAPFs पर लागू होगा: यह विधेयक प्रथम अनुसूची में सूचीबद्ध पांच प्रमुख CAPFs पर लागू होगा। इनमें शामिल हैं: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB)।
- केंद्र सरकार अनुसूची में संशोधन कर CAPFs के अन्य सशस्त्र बलों पर भी इसके प्रावधान को लागू कर सकती है।
- प्रतिनियुक्ति द्वारा भरे जाने वाले पद: CAPFs में निम्नलिखित पद IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे:
- महानिरीक्षक (IG) के 50% पद।
- अपर महानिदेशक (ADG) के न्यूनतम 67% पद।
- महानिदेशक (DG) और विशेष महानिदेशक (SDG) के सभी पद।
