UNFCCC और उसके पेरिस जलवायु समझौते के तहत, भारत ने 2015 में अपना पहला राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (Nationally Determined Contribution: NDC) प्रस्तुत किया था। इसे 2022 में अपडेट किया गया और अब 2031-2035 के लिए नए लक्ष्यों की घोषणा की गई है।
- NDCs वे जलवायु कार्य योजनाएं हैं जिन्हें पेरिस जलवायु समझौते के पक्षकार देशों के लिए 2020 के बाद प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
- NDCs प्रत्येक पाँच वर्ष में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC)-सचिवालय को प्रस्तुत किए जाते हैं।

NDC के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पहलें
- जलवायु परिवर्तन कार्य योजनाएं: भारत के NDC लक्ष्यों को 'राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना' (NAPCC) और इसके नौ राष्ट्रीय मिशनों के साथ-साथ 'जलवायु परिवर्तन पर राज्य कार्य योजनाओं' (SAPCC) के माध्यम से प्राप्त किया जाता है।
- स्वच्छ ऊर्जा: ग्रीन हाइड्रोजन मिशन और पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना; कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (CCUS) पर जोर, तथा अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA), लीडरशिप ग्रुप फॉर इंडस्ट्री ट्रांजिशन (Lead-IT) जैसी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां, आदि।
- जलवायु अनुकूलन: राष्ट्रीय संधारणीय कृषि मिशन, मैंग्रोव इनिशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटेट्स एंड टैंगेबल इनकम्स (MISHTI), जलवायु-लचीली अवसंरचना, हिमनदों की निगरानी के लिए लक्षित कार्यक्रम तथा हिमालयी राज्यों में सतत आजीविका, आदि।
- जन-भागीदारी: पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यक्तियों और सामुदायिक कार्यों को प्रोत्साहित करने हेतु मिशन लाइफ (LiFE: पर्यावरण के लिए जीवन शैली)।