केंद्र सरकार MSME सतत (जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट –ZED) प्रमाणन योजना के माध्यम से गुणवत्ता आधारित और पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण को बढ़ावा दे रही है।
MSME सतत (जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट –ZED) प्रमाणन योजना के बारे में
- नोडल मंत्रालय: केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME)
- प्रारंभ: 28 अप्रैल, 2022 को
- उद्देश्य: "जीरो डिफेक्ट" (उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद) और "जीरो इफेक्ट" (पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव) प्राप्त करने के लिए MSMEs को प्रोत्साहित करना।
- प्रमाणन स्तर: कांस्य (Bronze), रजत (Silver), और स्वर्ण (Gold)।
- कार्यान्वयन: प्रथम चरण में केवल विनिर्माण क्षेत्रक के MSMEs को शामिल किया गया; द्वितीय चरण में योजना का विस्तार सेवा क्षेत्रक के MSMEs तक किया जाएगा।
- वित्तीय सहायता: प्रमाणन के लिए 75% तक सब्सिडी (अधिकतम ₹50,000), परामर्श के लिए ₹2 लाख, और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों के लिए ₹3 लाख।
- महिला उद्यमी: महिला स्वामित्व वाले MSMEs के लिए 100% प्रमाणन सब्सिडी।
उच्चतम न्यायालय ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 146 (अनिवार्य तृतीय-पक्ष मोटर बीमा) के प्रभावी अनु पालन हेतु निर्देश जारी किए।
- वर्तमान में अनिवार्य बीमा होने के बावजूद लगभग 56% वाहन (16.54 करोड़) बिना बीमा के चल रहे हैं।
प्रमुख निर्देश
- विस्तारित अनिवार्य बीमा: नई कारों के लिए 4 वर्ष का अनिवार्य तृतीय-पक्ष बीमा; नए दोपहिया वाहनों के लिए 6 वर्ष का अनिवार्य तृतीय-पक्ष बीमा।
- मानकीकृत चार-स्तरीय बीमा: अनिवार्य तृतीय-पक्ष बीमा के साथ वैकल्पिक रूप से विधिक दायित्व, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और स्वयं के वाहन की क्षति बीमा; साथ ही ग्राहकों के लिए विकल्प प्रपत्र।
- प्रौद्योगिकी का उपयोग: ANPR कैमरों को वाहन/VAHAN और बीमा सूचना ब्यूरो (IIB) के डेटाबेस से जोड़ा जाए। पुलिस को रियल-टाइम बीमा सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- अनुपालन बढ़ाने के उपाय): वैध बीमा को ईंधन बिक्री से जोड़ने के लिए पायलट परियोजनाएँ शुरू करने की संभावना पर विचार किया जाए।
- मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) में शीघ्र मुआवजा: विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (DAR) समय पर दाखिल की जाए, ताकि लंबित मुआवजा क्लेम्स का शीघ्र निपटारा हो सके।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और सहयोगी संगठनों के एक अध्ययन के अनुसार, सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत हेक्सावेलेंट वैक्सीन को शामिल करने से भारत के टीकाकरण कार्यक्रम में सुधार हो सकता है।
हेक्सावेलेंट वैक्सीन के बारे में
- छह बीमारियों का एक टीका: यह एक संयोजन टीका है, जो एक ही टीकाकरण श्रृंखला के माध्यम से शिशुओं को छह गंभीर बाल्यकालीन रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है।
- बीमारियों से बचाव: यह टीका डिप्थीरिया (गलघोंटू), टिटनेस, काली खांसी (पर्टुसिस), हेपेटाइटिस बी, हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (Hib) और पोलियोमाइलाइटिस (निष्क्रिय पोलियो वैक्सीन [IPV] के माध्यम से) के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है।
- WHO की सिफारिश: इस कॉम्बिनेशन वैक्सीन को शामिल करने का निर्णय बच्चों के सुव्यवस्थित और सुचारू टीकाकरण के लिए WHO की अनुशंसाओं के अनुरूप है।
- प्रमुख लाभ: कम इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं, टीका कार्यक्रम की लागत में बचत होती है, टीकाकरण कवरेज में सुधार होता है और दुष्प्रभावों (साइड इफेक्ट्स) में कमी आती है।
नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने नेपच्यून के आंतरिक चंद्रमाओं (प्रोटियस, लारिसा और गैलेटिया) पर प्राचीन विध्वंसकारी घटना के संकेत खोजे हैं।
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) के बारे में
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: यह नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (CSA) की संयुक्त परियोजना है।
- कक्षीय स्थिति: यह पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी दूर द्वितीय लैग्रांज बिंदु (L2) पर सूर्य की परिक्रमा करता है।
- वैज्ञानिक उद्देश्य: बिग बैंग के बाद बनी पहली आकाशगंगाओं का अध्ययन करना तथा ब्रह्मांड के विकास के प्रत्येक चरण का अवलोकन करना।
- विशेषता: यह मुख्य रूप से अवरक्त (इंफ्रारेड) प्रकाश का अवलोकन करता है।
Article Sources
1 sourceसंसद ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 के बारे में
- नोडल मंत्रालय: केंद्रीय गृह मंत्रालय
- उद्देश्य: जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक सख्त और पारदर्शी बनाना, फर्जी पहचान, दस्तावेजों में हेरफेर तथा अभिलेखों (रिकार्ड्स) के दुरुपयोग को रोकना; समय पर पंजीकरण को बढ़ावा देना तथा सुरक्षित और डिजिटल नागरिक पंजीकरण प्रणाली विकसित करना।
- संशोधन: जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 की धारा 13(3) में संशोधन हेतु।
- विलंबित पंजीकरण:
- जन्म या मृत्यु के 1 से 2 वर्ष के भीतर पंजीकरण: पंजीकरण से पहले संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM), सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की स्वीकृति आवश्यक होगी।
- 2 वर्ष से अधिक: जन्म या मृत्यु के 2 वर्ष से अधिक समय बाद पंजीकरण: ऐसे मामलों में अब प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) के आदेश के बाद ही पंजीकरण किया जा सकेगा। पहले, एक वर्ष से अधिक विलंब वाले सभी मामलों में DM/SDM की अनुमति से ही पंजीकरण संभव था।
ICAR-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (ICAR-NIHSAD) ने भारत का पहला स्वदेशी अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) टीका विकसित किया है।
अफ्रीकी स्वाइन फीवर टीके के बारे में
- टीका: यह एक लाइव अटैन्यूएटेड (सजीव क्षीण), MA-104 सेल लाइन-आधारित टीका है।
- महत्व: यह रोग से निपटने की भारत की तैयारी को सुदृढ़ करेगा, सूअर पालकों की आजीविका की रक्षा करेगा, स्वाइन (सूअर) उद्योग को बढ़ावा देगा और भारत की पशु जैव-प्रौद्योगिकी क्षमताओं को सुदृढ़ करेगा।
अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) के बारे में
- प्रकृति: यह अफ्रीकी स्वाइन फीवर वायरस (ASFV) के कारण होने वाली अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है। यह केवल घरेलू और जंगली सूअरों को प्रभावित करती है।
- प्रभाव: मृत्यु दर 100% तक पहुँच सकती है; मानव स्वास्थ्य के लिए कोई जोखिम नहीं है, लेकिन इससे गंभीर आर्थिक नुकसान होता है।
- संचरण (प्रसार): यह संक्रमित सूअरों, संक्रमित पोर्क (सूअर के मांस) एवं उससे बने उत्पादों के माध्यम से, फोमाइट्स (दूषित वस्तुओं) और सॉफ्ट टिक्स (नरम किल्ली/चिंचड़ी) के माध्यम से फैलता है।
Article Sources
1 sourceउच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आसन आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व के 10 किलोमीटर दायरे में खनन पर लागू प्रतिबंध अब देश के सभी आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व पर समान रूप से लागू होगा।
- 10 किमी बफर क्षेत्र में खनन के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की स्थायी समिति और/या केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होगी।
आसन आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व के बारे में
- यह उत्तराखंड का पहला रामसर स्थल है।
- यह आसन और यमुना नदियों के संगम पर स्थित है।
- मध्य एशियाई फ्लाईवे पर स्थित होने के कारण यह स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्यावास है।
विश्व बैंक की विश्व विकास रिपोर्ट 2026 के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विकासशील देशों में समावेशी आर्थिक विकास को तेज करने वाली परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकी है।
रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु
- ऑटोमेशन बनाम उत्पादकता: विकासशील देशों में केवल 4.5% नौकरियाँ AI के कारण ऑटोमेटेड होने से खतरे में हैं जबकि 16.2% नौकरियों में AI के माध्यम से उत्पादकता बढ़ने की संभावना है।
- तीन-चरणीय रणनीति: यह रिपोर्ट विकासशील देशों को निम्नलिखित रणनीति अपनाने की सलाह देती है:
- मौजूदा AI उपकरणों को अपनाएं।
- उन्हें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित करें।
- उन्नत AI क्षमताओं का विकास करें।
- बुनियादी अवसंरचना पर ध्यान: वैश्विक असमानता को कम करने के लिए निम्नलिखित बुनियादी सुविधाएं आवश्यक हैं—नियमित बिजली आपूर्ति, इंटरनेट कनेक्टिविटी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI), डिजिटल कौशल।
अंतरराष्ट्रीय क्लाउडेड लेपर्ड दिवस (4 अगस्त) के अवसर पर भारत ने क्लाउडेड लेपर्ड संरक्षण कार्य-योजना (CAP) की शुरुआत की।
संरक्षण कार्य-योजना (CAP) के बारे में
- यह भारत सरकार एवं UNDP-GEF की पहल है। इसमें पूर्वोत्तर भारत के 14 प्राथमिक संरक्षण भू-क्षेत्रों की पहचान की गई है।
- कार्यान्वयन: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) और राज्य वन विभाग मिलकर करेंगे।
- रणनीति: eDNA, M-STrIPES तकनीक तथा सीमा-पार सहयोग के माध्यम से निगरानी और शिकार-रोधी कार्रवाई।
क्लाउडेड लेपर्ड के बारे में
- पर्यावास: पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के घने सदाबहार वनों में पाया जाता है।
- विशेष तथ्य: एशिया में इसका सबसे अधिक घनत्व मिजोरम के दम्पा टाइगर रिजर्व में दर्ज किया गया है।
- विशेषताएँ: पेड़ों पर रहने वाला, रात्रिचर तथा सभी बिल्ली प्रजातियों में शरीर के अनुपात में सबसे लंबे दांत होते हैं।
- खतरे: वनों की कटाई, पर्यावास का विखंडन और अवैध शिकार।
- संरक्षण स्थिति:
- IUCN: वल्नरेबल
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची-I
- CITES: परिशिष्ट-I
- IDWH योजना के प्रजाति पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम में शामिल।