पतली चोंच वाला गिद्ध (स्लेंडर-बिल्ड वल्चर) | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) की असम स्थित सुविधा केंद्र में पाले गए पांच ‘पतली चोंच वाले गिद्धों (स्लेंडर-बिल्ड वल्चर)’ को विश्व में पहली बार जंगल में छोड़ा गया।

  • इन गिद्धों को गुवाहाटी के गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र से लाकर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान स्थित जटायु सॉफ्ट रिलीज सेंटर में छोड़ा गया।

पतली चोंच वाले गिद्धों (जिप्स टेन्यूइरोस्ट्रिस) के बारे में

  • भौगोलिक प्राप्ति क्षेत्र: भारत, बांग्लादेश, कंबोडिया, लाओस, म्यांमार, नेपाल।
    • भारत: गंगा का मैदान, हिमाचल प्रदेश, उत्तरी ओडिशा और पूर्वी असम।
  • पर्यावास: वन, सवाना, झाड़ियां, घास के मैदान; मानव बस्तियों के पास भी पाए जाते हैं (कूड़े के ढेरों और बूचड़खानों से आहार की खोज करते हैं)।
  • खतरा: भारत में जिप्स (Gyps) प्रजाति के गिद्धों की संख्या पिछले 20 वर्षों में लगभग 99% तक घट गई है। इसका प्रमुख कारण पशुओं के उपचार में उपयोग होने वाली दर्द निवारक दवा डिक्लोफेनाक है। डिक्लोफेनाक से उपचारित पशुओं के शव खाने पर गिद्धों में किडनी फेलियर और मृत्यु हो सकती है।
  • संरक्षण की स्थिति:
    • IUCN रेड लिस्ट: क्रिटिकली एंडेंजर्ड; 
    • प्रवासी वन्यजीवों के संरक्षण पर कन्वेंशन (CMS): अनुसूची 1,
    • वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2022: अनुसूची 1.

भारत ने अरुणाचल प्रदेश के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा जारी अपने अद्यतन आधिकारिक मानचित्र में राज्य के 27 स्थानों के आधिकारिक नाम जारी किए हैं।

  • चीन के दावों का प्रत्युत्तर: भारत का यह कदम अरुणाचल प्रदेश में स्थानों का नाम बदलने के चीन के बार-बार के प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रत्युत्तर है। चीन अरुणाचल प्रदेश को "दक्षिणी तिब्बत" बताता है और अपने आधारहीन दावों को बढ़ावा देने के लिए स्थानों के नाम बदलता रहा है।

प्रमुख स्थानों के नाम

  • अधिक ऊंचाई वाले दर्रे: थाग ला (तवांग क्षेत्र में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण दर्रा, 1962 के भारत-चीन युद्ध की शुरुआती लड़ाइयों का संबंध इसी क्षेत्र से रहा), ड्जो लारिजा ला, पुकुर ला। 
  • भूमि क्षेत्र: लॉन्ग जू (1959 में भारत-चीन सीमा तनाव के शुरुआती प्रमुख केंद्रों में से एक, इस क्षेत्र में चीनी सैनिकों के प्रवेश की घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ाया था।)
  • झील: शंभू सरोवर (यह अधिक ऊँचाई पर स्थित झील है।)
  • स्मारक: शेर-ए-थापा मेमोरियल (यह स्मारक त्रिलोक सिंह थापा की वीरता की स्मृति में बनाया गया है। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध में वीरता का प्रदर्शन किया था।)

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने सऊदी अरब के मक्का में आयोजित ”मक्का अल-मुकर्रमा शिखर सम्मेलन" में एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए।

समझौते के मुख्य बिंदु

  • सामूहिक रक्षा: तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला, तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित आक्रामक कार्रवाई के खिलाफ सामूहिक प्रतिरोध क्षमता को सुदृढ़ करना है।
  • तीनों देश इस साझेदारी में एक-दूसरे की पूरक शक्तियां लाते हैं:
    • सऊदी अरब: विश्व के प्रमुख तेल निर्यातक देशों में शामिल, अरब जगत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था।
    • तुर्किये: नाटो का सदस्य, नाटो में अमेरिका के बाद दूसरी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति रखने वाला देश, तेजी से विकसित हो रहा रक्षा उद्योग।
    • पाकिस्तान: विश्व का एकमात्र परमाणु हथियार संपन्न मुस्लिम-बहुल देश।
  • भारत के लिए संभावित प्रभाव:
    • इस समझौते से भारत-पाकिस्तान संबंधों से जुड़े कूटनीतिक और रणनीतिक समीकरण अधिक जटिल हो सकते हैं।  
    • भारत को एक ओर सऊदी अरब के साथ अपने गहन रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को बनाए रखना होगा, वहीं दूसरी ओर तुर्किये और पाकिस्तान के साथ संबंधों से उत्पन्न चुनौतियों को भी संतुलित करना होगा। 

नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, DAY-NRLM ने 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को लगभग 92 लाख स्वयं सहायता समूहों (SHGs) में संगठित किया है।

  • लाभार्थियों के औसत घरेलू आय में 49% की वृद्धि हुई है।
  • 52% महिलाओं को आय सृजन के अवसरों तक बेहतर पहुंच प्राप्त हुई है।

DAY-NRLM के बारे में

  • प्रारंभ: NRLM को 2010 में पूर्ववर्ती स्वर्ण-जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY) का पुनर्गठन करके एक मिशन-मोड योजना के रूप में शुरू किया गया था।
    • 2016 में NRLM का नाम बदलकर DAY-NRLM कर दिया गया।
  • मंत्रालय: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय
  • योजना का प्रकार: केंद्र प्रायोजित योजना (CSS)
  • चार मुख्य घटक:
    • सामाजिक लामबंदी, सामुदायिक संस्थान और क्षमता निर्माण;
    • वित्तीय समावेशन;
    • आजीविका प्रोत्साहन; और
    • अभिसरण/कन्वर्जेन्स।

केंद्र सरकार ने लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis) को नियंत्रित करने के लिए देशभर में निगरानी और तैयारी की व्यवस्था को मजबूत किया है।

लेप्टोस्पायरोसिस के बारे में

  • लेप्टोस्पायरोसिस एक जूनोटिक (पशु से मनुष्य में फैलने वाला) जीवाणु (बैक्टीरिया) जनित रोग है। यह लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया के कारण होता है।
  • रोग कैसे फैलता है: संक्रमित जानवरों, विशेषकर चूहों के मूत्र से दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में आने से यह संक्रमण मनुष्यों में फैल सकता है। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में इसका संक्रमण बहुत दुर्लभ है।
  • जोखिम बढ़ाने वाले कारक: बाढ़, भारी वर्षा, खराब स्वच्छता व्यवस्था; संक्रमित पानी/मिट्टी के संपर्क में आने वाले व्यावसायिक कार्य। 
  • संभावित जटिलताएँ: गंभीर संक्रमण होने पर यह बीमारी किडनी फेलियर, लिवर फेलियर, मेनिन्जाइटिस, श्वसन संबंधी विकार का कारण बन सकती है। 
  • उपचार: बीमारी की शुरुआत में एंटीबायोटिक दवाएं लेना (जैसे, डॉक्सीसाइक्लिन या पेनिसिलिन)।
  • बचाव के उपाय: दूषित पानी के संपर्क से बचें, बाढ़ के पानी या दूषित मिट्टी में काम करते समय सुरक्षात्मक उपकरण पहनें, व्यक्तिगत और आसपास की स्वच्छता बनाए रखें, चूहों और अन्य कृंतकों का नियंत्रण करें।

ऐस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज ने भारत के पहले निजी तौर पर निर्मित 800 kN FFSC इंजन 'एवेरस्ट (EVEREST)' का अनावरण किया।

एवरेस्ट (Everest) के बारे में

  • एवरेस्ट एक फुल-फ्लो स्टैज्ड कंबशन (FFSC) लिक्विड ऑक्सीजन (LOX)-मीथेन रॉकेट इंजन है। 
    • यह एक उन्नत क्लोज्ड-साइकिल इंजन तकनीक पर आधारित है। इसमें ईंधन और ऑक्सीडाइज़र के लिए अलग-अलग ईंधन-समृद्ध और ऑक्सीडाइज़र-रिच प्री-बर्नर  का उपयोग किया जाता है। इससे इंजन की दक्षता और प्रदर्शन बढ़ते हैं।
  • प्रणोदक: तरल ऑक्सीजन (LOX) और तरल मीथेन (LCH₄)
  • प्रमुख विशेषताएं: 3D-प्रिंटेड कोर घटक; 800 kN थ्रस्ट, 340-सेकंड विशिष्ट आवेग, और 50-110% थ्रॉटल रेंज।
  • भारत FFSC इंजन तकनीक प्राप्त करने वाला चौथा देश बनाता है। अन्य देश हैं; रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन। 

भारत पॉलीसिलिकॉन के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन से संबद्ध प्रोत्साहन (PLI) योजना शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य चीन पर आयात की निर्भरता कम करना है।

  • वर्तमान में भारत अपनी पॉलीसिलिकॉन की लगभग पूरी आवश्यकता चीन से आयात करता है। 

पॉलीसिलिकॉन के बारे में

  • पॉलीसिलिकॉन यानी पॉलीक्रिस्टलाइन सिलिकॉन, सिलिकॉन का एक अत्यधिक शुद्ध रूप है। इसे मेटलर्जिकल-ग्रेड सिलिकॉन को शुद्ध करके तैयार किया जाता है।
  • प्रमुख उपयोग: सोलर फोटोवोल्टिक (PV) सेल बनाने में मुख्य कच्चा माल, सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्माण में उपयोग, विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में।
  • महत्व: यह सौर ऊर्जा की पूरी मूल्य श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण घटक है। पॉलीसिलिकॉन की गुणवत्ता और कीमत का प्रत्यक्ष प्रभाव सोलर मॉड्यूल की दक्षता और लागत पर पड़ता है। 
  • उत्पादन: पॉलीसिलिकॉन का उत्पादन ऊर्जा-गहन प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाता है। इसमें प्रमुख रूप से सीमेंस प्रक्रिया का उपयोग होता है। इसके लिए उच्च शुद्धता वाले क्वार्ट्ज की आवश्यकता होती है।

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने कंपनियों और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को ‘बॉस स्कैम’ से सावधान रहने की सलाह दी है।

बॉस स्कैम क्या है?

  • बॉस स्कैम को 'CEO बनकर धोखाधड़ी करना' (CEO Impersonation Fraud) भी कहा जाता है। 
  • इसमें अपराधी किसी वरिष्ठ अधिकारी के वास्तविक व्हाट्सएप अकाउंट का उपयोग कर सकते हैं। कभी-कभी वे किसी हमलावर द्वारा नियंत्रित मोबाइल नंबर को पीड़ित के डिवाइस में CEO के नाम से सेव कर देते हैं। 
    • इसके बाद वे कंपनी के अकाउंट्स या वित्तीय कर्मचारियों को तत्काल म्यूल बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश देते हैं। 
  • बॉस स्कैम में अपनाए जाने वाले तरीके
    • रणनीति A: डीपफेक और AI का उपयोग, जिसमें अपराधी आवाज की क्लोनिंग के जरिए वरिष्ठ अधिकारी जैसी आवाज बना सकते हैं, AI आधारित वीडियो कॉल का उपयोग कर सकते हैं। 
    • रणनीति B (मैलवेयर वाली फाइल भेजना): अपराधी एक कंप्रेस्ड .zip फाइल भेजता है जिसमें  एक दुर्भावनापूर्ण (.exe) फाइल और डायनामिक लिंक लाइब्रेरी (.dll) फाइल हो सकती है।  
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

जिप्स (Gyps) प्रजाति

जिप्स (Gyps) गिद्धों के एक वंश का नाम है, जिसमें कई प्रजातियां शामिल हैं जो मुख्य रूप से पुराने विश्व (अफ्रीका, एशिया और यूरोप) में पाई जाती हैं। भारत में पाई जाने वाली अधिकांश गिद्ध प्रजातियां इसी वंश की हैं।

वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2022

वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2022, भारत में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए मौजूदा कानूनों में महत्वपूर्ण बदलाव लाता है। यह अधिनियम CITES (Convention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora) के प्रावधानों को शामिल करता है और वन्यजीवों के प्रबंधन एवं संरक्षण को मजबूत करता है।

प्रवासी वन्यजीवों के संरक्षण पर कन्वेंशन (CMS)

प्रवासी वन्यजीवों के संरक्षण पर कन्वेंशन (CMS) एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जो प्रवासी प्रजातियों और उनके आवासों के संरक्षण के लिए वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देती है। इसके अनुबंधों में विभिन्न प्रवासी प्रजातियों को शामिल किया गया है, जिनके संरक्षण के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet