डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के अंतर्गत ‘लैंड स्टैक’ और ‘राजस्व शर्तों की शब्दावली’ (GoRT) का शुभारंभ किया गया।
लैंड स्टैक के बारे में
- यह भूमि और संपत्ति अभिलेखों के लिए एक एकीकृत जीआईएस-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम और फिनलैंड जैसे देशों की वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से प्रेरित है।
- मुख्य विशेषताएं और लाभ:
- नागरिकों और सरकारी एजेंसियों दोनों को भूमि व संपत्ति संबंधी जानकारी तक सिंगल-विंडो पहुंच प्रदान करेगा।
- नागरिकों को सोच-समझकर निर्णय लेने में सक्षम बनाएगा।
- पारदर्शिता, सुविधा और जनविश्वास को बढ़ाएगा।
- अनाधिकृत या नियमों का पालन न करने वाली संपत्तियों से संबंधित जोखिमों को कम करेगा।
- विभागीय समन्वय में सुधार करेगा।
Article Sources
1 sourceऊर्जा और स्वच्छ वायु पर अनुसंधान केंद्र (CREA) के हालिया विश्लेषण के अनुसार, दिल्ली के वार्षिक PM2.5 प्रदूषण का कम से कम एक-तिहाई हिस्सा द्वितीयक प्रदूषकों , मुख्य रूप से अमोनियम सल्फेट के कारण होता है।
द्वितीयक प्रदूषकों (Secondary Pollutants) के बारे में
- ये प्रदूषक प्रत्यक्ष रूप से किसी स्रोत (जैसे- वाहन या विद्युत संयंत्र) से उत्सर्जित नहीं होते हैं।
- इसके बजाय ये तब बनते हैं, जब इन स्रोतों से निकलने वाले प्रदूषक वायुमंडल में मौजूद अणुओं के साथ रासायनिक अभिक्रिया करते हैं। इससे एक नया प्रदूषक निर्मित होता है।
- उदाहरण के लिए: अमोनियम सल्फेट, ओज़ोन, नाइट्रोजन के ऑक्साइड आदि।
- जो प्रदूषक किसी स्रोत से सीधे पर्यावरण में उत्सर्जित होते हैं, प्राथमिक प्रदूषक कहलाते हैं।
- अमोनियम सल्फेट का निर्माण: सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) गैस वायुमंडल में ऑक्सीकृत होकर 'सल्फेट' बनाती है। इसके बाद यह सल्फेट वायुमंडल में मौजूद 'अमोनिया' के साथ अभिक्रिया करता है। इस प्रक्रिया के अंत में अमोनियम सल्फेट का निर्माण होता है।
अमेजन की डंकरहित मधुमक्खियां कानूनी अधिकार प्राप्त करने वाली पहली कीट बनीं।
डंकरहित मधुमक्खी (मेलिपोनिनी) के बारे में
- प्राचीन उत्पत्ति: यह विश्व की सबसे पुरानी मधुमक्खी प्रजाति है, जो लगभग 8 करोड़ वर्षों से अस्तित्व में है।
- शारीरिक संरचना: इनमें डंक होते हैं, लेकिन ये बहुत छोटे होते हैं और रक्षा के लिए कार्यात्मक रूप से अनुपयोगी हैं।
- विविधता: विश्व स्तर पर इनकी लगभग 500 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से 170 से अधिक विशेष रूप से पेरू में पाई जाती हैं।
- उपचार: इनके शहद को "तरल स्वर्ण" कहा जाता है। यह अपने शक्तिशाली जीवाणुरोधी और सूजनरोधी गुणों के लिए मूल्यवान है।
- महत्त्व: ये प्राचीन परागणकर्ता कोको और कॉफी सहित अमेजन की 80% वनस्पतियों का पोषण करती हैं।
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1 sourceयूरोपीय संघ (EU) ने 1 जनवरी, 2026 से विश्व का पहला कार्बन कर (CBAM) लागू किया। इसके तहत कार्बन-गहन उत्पादों के आयात पर कार्बन से संबंधित शुल्क लगाया जाएगा।
कार्बन सीमा समायोजन तंत्र (CBAM) के बारे में
- यह EU की एक नीति है। इसके तहत कम सख्त जलवायु नीतियों वाले देशों से कुछ उत्पादों के आयात पर कार्बन कर लगाया जाएगा। उदाहरण के लिए- इस्पात।
- CBAM को 2023 में संक्रमणकालीन चरण में कार्यान्वित किया गया था। यह 2026 तक पूर्ण रूप से लागू हो जाएगा।
- CBAM को 2023 में कार्यान्वित किया गया था। यह 2026 तक संक्रमणकालीन चरण से पूर्ण रूप से लागू हो जाएगा।
- उद्देश्य: कंपनियों को कमजोर जलवायु नियमों वाले देशों में उत्पादन स्थानांतरित करने से रोककर कार्बन लीकेज को रोकना।
- कार्बन लीकेज का अर्थ है, जब ग्रीनहाउस गैसें उत्सर्जित करने वाले उद्योगों को कठोर पर्यावरण मानकों वाले देशों (इस मामले में EU) से हटाकर उन देशों में स्थानांतरित कर दिया जाता है, जहां पर्यावरणीय मानक कमजोर होते हैं। ऐसा मुख्यतः सख्त मानकों के पालन से बचने के लिए किया जाता है।
- शामिल क्षेत्रक: सीमेंट, एल्यूमीनियम, उर्वरक, लोहा और इस्पात, हाइड्रोजन व विद्युत।
- व्यापार पर प्रभाव: इस्पात, एल्यूमीनियम और सीमेंट के भारतीय निर्यात पर लागत बढ़ सकती है।
प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) ने अपनी शुरुआत के 9 वर्ष पूरे किए।
प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के बारे में
- इसे 2017 में शुरू किया गया था। यह गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं (PW&LM) के लिए एक सशर्त नकद अंतरण योजना है।
- वर्ष 2022 में इसे ‘मिशन शक्ति’ में मिला दिया गया था। मिशन शक्ति महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तीकरण के लिए एक अम्ब्रेला योजना है।
- मंत्रालय: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय।
- प्रकार: केंद्र प्रायोजित योजना।
- लाभार्थी: अनौपचारिक एवं असंगठित क्षेत्रकों में कार्य करने वाली कम-से-कम 19 वर्ष की आयु की गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं (PW&LM)।
- लाभ:
- परिवार के पहले जीवित बच्चे के लिए 5,000 रुपये का सशर्त मातृत्व लाभ।
- जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराया जाता है। इस हिसाब से एक महिला को औसतन 6,000 रुपये मिलते हैं।
- बालिका को सहायता: PMMVY 2.0 के तहत दूसरी बालिका के जन्म के बाद एक ही किस्त में 6,000 रुपये का प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है।
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1 sourceध्रुव-एनजी/NG (नई पीढ़ी) ने बेंगलुरु में अपनी पहली उड़ान पूरी की।
ध्रुव-एनजी हेलीकॉप्टर के बारे में
- प्लेटफॉर्म: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड का ALH ध्रुव स्वदेशी रूप से विकसित, दो इंजन युक्त बहु-भूमिका वाला हेलीकॉप्टर है।
- संस्करण: ध्रुव-एनजी आधुनिक विमानन प्रणालियों से सुसज्जित नई पीढ़ी का असैन्य संस्करण है।
- भूमिकाएं: इसे परिवहन, एयर एम्बुलेंस, आपदा राहत, पर्यटन और अन्य उपयोगी मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा तट से दो प्रलय मिसाइलों का प्रक्षेपण किया।
प्रलय मिसाइल के बारे में
- यह स्वदेशी, अल्प दूरी की और सतह से सतह पर मार करने वाली अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल है। इसे विभिन्न प्रकार के वारहेड्स ले जाने और कई लक्ष्यों को भेदने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- इसे भारतीय सशस्त्र बलों के लिए DRDO ने विकसित किया है।
- रेंज: 150 से 500 किमी।
देश की राष्ट्रपति स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस (SOAR) कार्यक्रम में शामिल हुई और एआई कौशल प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस (SOAR) के बारे में
- यह स्किल इंडिया मिशन के तहत जुलाई 2025 में शुरू की गई एक राष्ट्रीय कौशल विकास पहल है।
- मंत्रालय: कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE)।
- उद्देश्य: भारत के शिक्षा और कौशल विकास तंत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की दक्षताओं को एकीकृत करना।
- लक्ष्य समूह: कक्षा 6 से 12 तक के स्कूली छात्र और सरकारी व निजी स्कूलों के शिक्षक।