भारत का ब्लूमबर्ग बॉण्ड इंडेक्स में प्रवेश इस बॉण्ड की मांग और रुपए की स्थिति के आधार पर तय किया जाएगा।
ब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट बॉण्ड इंडेक्स के बारे में
- ब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट बॉण्ड इंडेक्स (BGAI), विश्व के सबसे प्रभावशाली बॉण्ड सूचकांकों में से एक है। यह वैश्विक बाजारों में निवेश-श्रेणी के सरकारी और कॉरपोरेट बॉण्ड को सूचीबद्ध करता है।
- उद्देश्य: यह वैश्विक बॉण्ड निवेशकों और पैसिव निवेश फंड्स के लिए एक बेंचमार्क के रूप में कार्य करता है।
- पात्रता: किसी देश को सूचकांक में शामिल होने के लिए बाजार की पहुँच, तरलता (लिक्विडिटी), निपटान (सेटलमेंट) अवसंरचना, कराधान व्यवस्था तथा विदेशी निवेशकों की पहुँच से संबंधित मानदंडों को पूरा करना होता है।
- भारत की स्थिति: भारत वर्तमान में ब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट बॉण्ड इंडेक्स में शामिल होने का प्रयास कर रहा है। इससे पहले भारत जेपी मॉर्गन GBI-EM (2024) और FTSE रसेल EMGBI (2025) जैसे प्रमुख वैश्विक बॉण्ड सूचकांकों में शामिल हो चुका है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने यमुना नदी के कायाकल्प के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से संयुक्त कार्रवाई का आह्वान किया।
यमुना नदी के बारे में
- उद्गम: यमुना नदी का उद्गम गढ़वाल हिमालय में बंदरपूँछ शिखर के निकट स्थित यमुनोत्री हिमनद से होता है, जो लगभग 6,387 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।
- लंबाई: 1,376 किमी। यह गंगा की सबसे लंबी सहायक नदी है।
- संगम: यह त्रिवेणी संगम, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में गंगा नदी में मिलती है।
- हिमालयी सहायक नदियां: ऋषि गंगा, हनुमान गंगा, टोंस और गिरी।
- मैदानी सहायक नदियां: हिंडन, चंबल, सिंध, बेतवा और केन।
- सबसे बड़ी सहायक नदी: टोंस नदी, जो यमुना के जल प्रवाह में लगभग 60% का योगदान करती है।
- बेसिन वाले राज्य: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश।
- अनूठी विशेषता: यह भारत की सबसे लंबी नदी है, जो सीधे समुद्र में नहीं मिलती है।
ऐतिहासिक जोजिला सुरंग की सफल खुदाई पूरी होने के लिए एक केंद्रीय मंत्री ब्रेकथ्रू ब्लास्ट करेंगे।

जोजिला सुरंग के बारे में
- अवस्थिति और संरचना: यह 13.14 किमी लंबी, घोड़े की नाल के आकार की, एकल-ट्यूब द्विदिशीय (Single-Tube Bi-Directional) सुरंग है, जो 11,578 फीट की ऊँचाई पर गांदरबल (कश्मीर) और कारगिल जिले के द्रास (लद्दाख) के बीच स्थित है।
- निर्माण संबंधी विशेषताएं: इस सुरंग का निर्माण न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) के माध्यम से किया जा रहा है तथा इसमें निगरानी और संचालन के लिए स्मार्ट टनल (SCADA) प्रणाली का उपयोग किया गया है।
- रणनीतिक महत्व: यह श्रीनगर-कारगिल-लेह राजमार्ग का हिस्सा है, जो नागरिक और सेनाओं के आवागमन को सुलभ बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
महत्व: यह सुरंग वर्ष 2028 तक लद्दाख को बारहमासी सड़क संपर्क प्रदान करेगी। इसके पूरा होने पर यह भारत की सबसे लंबी सड़क सुरंग तथा एशिया की सबसे लंबी द्विदिशीय सुरंग बन जाएगी।
भारत की राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों और पुलिस कर्मियों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए।
वीरता पुरस्कारों के बारे में
- उद्देश्य: यह युद्धकाल एवं शांतिकाल, दोनों समय बहादुरी, वीरता और आत्म-बलिदान के कार्यों के लिए प्रदान किया जाने वाला पुरस्कार है।
- किसके द्वारा प्रदान किया जाता है: यह भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है, जो सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं।
- घोषणा: आधिकारिक तौर पर वर्ष में दो बार गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) और स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) की पूर्व संध्या पर घोषित किया जाता है।
- नोडल मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय। यह सशस्त्र बलों और केंद्रीय गृह मंत्रालय से वर्ष में दो बार सिफारिशें आमंत्रित करता है।
- युद्ध-कालीन वीरता पुरस्कार: परमवीर चक्र (सर्वोच्च), महावीर चक्र और वीर चक्र।
- 26 जनवरी 1950 को स्थापित (15 अगस्त 1947 से प्रभावी)।
- शांतिकालीन वीरता पुरस्कार: अशोक चक्र (सर्वोच्च), कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र।
- मूल रूप से, इनका नाम अशोक चक्र वर्ग I, वर्ग II और वर्ग III रखा गया था, लेकिन 1967 में इनका नाम परिवर्तित कर दिया गया।
- 4 जनवरी, 1952 को स्थापित (15 अगस्त 1947 से प्रभावी)।
Article Sources
1 sourceकाबिल (KABIL) ने अर्जेंटीना में पांच महत्वपूर्ण (क्रिटिकल) खनिज ब्लॉक्स का अधिग्रहण किया।
- अर्जेंटीना, चिली और बोलीविया मिलकर "लिथियम ट्रायंगल" का निर्माण करते हैं, जिनके पास विश्व का आधे से अधिक लिथियम संसाधन है।
- अर्जेंटीना के पास विश्व के दूसरे सबसे बड़े लिथियम संसाधन, तीसरे सबसे बड़े लिथियम भंडार है तथा चौथा सबसे बड़ा लिथियम उत्पादक है।
काबिल (KABIL) के बारे में
- स्थापना: इसे 2019 में केंद्रीय खान मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित किया गया था।
- संयुक्त उद्यम संरचना: NALCO, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) और MECL द्वारा 40:30:30 शेयरधारिता के अनुपात में गठित।
- उद्देश्य: महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की आपूर्ति को सुरक्षित करना तथा भारत की खनिज सुरक्षा एवं आपूर्ति-श्रृंखला की निरंतरता सुनिश्चित करना।
पश्चिम बंगाल के AB-PMJAY में शामिल होने के बाद इस योजना का राष्ट्रव्यापी स्तर पर विस्तार हो गया।
AB-PMJAY के बारे में
- शुरुआत: यह सितंबर 2018 में शुरू की गई केंद्र प्रायोजित योजना है। इसे विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य आश्वासन योजना माना जाता है।
- घटक: आयुष्मान आरोग्य मंदिर और प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY)।
- उद्देश्य: गरीब और कमजोर परिवारों पर स्वास्थ्य व्यय का वित्तीय बोझ कम करते हुए प्राथमिक से लेकर तृतीयक स्तर तक सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना।
- कवरेज: द्वितीयक और तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य-देखभाल सेवाओं के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस अस्पताल-उपचार प्रदान किया जाता है।
Article Sources
1 sourceएक अमेरिकी संघीय न्यायालय ने H-1B वीजा शुल्क को बढ़ाकर 1,00,000 डॉलर करने के निर्णय को गैर-कानूनी बताते हुए रद्द कर दिया।
H-1B वीज़ा के बारे में
- एच-1बी वीज़ा एक गैर-आप्रवासी वर्क-वीजा है। यह अमेरिकी नियोक्ताओं को ऐसे विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है जिनके कार्य के लिए विशेष ज्ञान तथा कम से कम स्नातक या समकक्ष योग्यता आवश्यक होती है।
- पात्र क्षेत्रक: सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य-देखभाल सेवा, वित्त, अनुसंधान, शिक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, आदि।
- अवधि: शुरुआत में यह 3 वर्ष के लिए दिया जाता है, जिसे 6 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है (और कुछ ग्रीन-कार्ड प्रक्रिया वाले मामलों में इससे भी अधिक अवधि के लिए बढाया जा सकता है)।
- भारत का महत्व: भारतीय नागरिक H-1B कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थी हैं। इस वीजा को प्राप्त करने वालों में भारतीय सर्वाधिक हैं।
ज्ञान भारतम सर्वेक्षण के तहत पूरे भारत में एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों को सूचीबद्ध किया गया है।
ज्ञान भारतम मिशन के बारे में
- उद्देश्य: यह एक राष्ट्रीय मिशन है जिसका उद्देश्य पूरे भारत में एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और संरक्षण करना है।
- नोडल मंत्रालय: केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय।
- फोकस: भारत की पांडुलिपि विरासत का डिजिटल माध्यम में संरक्षण, सूचीकरण और साझा करना।
- शामिल पांडुलिपियां: इनमें ताड़पत्र, भोजपत्र और कागज पर लिखी संस्कृत, फारसी और क्षेत्रीय भाषाओं की पांडुलिपियां शामिल हैं।
- पांच स्तंभ: सर्वेक्षण और सूचीकरण, संरक्षण, डिजिटलीकरण, अनुवाद और अनुसंधान एवं आउटरीच।