SIPRI ईयरबुक 2026 के मुख्य बिंदु
- कुल परमाणु हथियार: जनवरी 2026 तक विश्व भर में लगभग 12,187 परमाणु वॉरहेड्स मौजूद हैं।
- भारत के पास लगभग परमाणु वॉरहेड्स की संख्या बढ़कर 190 हो गई हैं जिनमें से 12 वॉरहेड्स मिसाइलों पर तैनात हैं। भारत की तुलना में चीन के पास 620 और पाकिस्तान के पास 170 परमाणु वॉरहेड्स हैं।
- वैश्विक सैन्य व्यय: वर्ष 2025 में यह व्यय बढ़कर रिकॉर्ड 2.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। वैश्विक सैन्य व्यय में लगातार 11वें वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है।
- भारत का स्थान: भारत 92.1 बिलियन डॉलर के सैन्य व्यय के साथ विश्व का 5वां सबसे बड़ा सैन्य व्यय करने वाला देश है। संयुक्त राज्य अमेरिका 954 बिलियन डॉलर के सैन्य व्यय के साथ पहले स्थान पर है।
- हथियारों के आयात: यूक्रेन के बाद भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा हथियार-आयातक देश बना हुआ है। वैश्विक हथियार आयात में भारत की लगभग 8% हिस्सेदारी है।
- हथियारों के निर्यात: वैश्विक हथियार निर्यात में 70% हिस्सेदारी केवल पांच देशों; संयुक्त राज्य अमेरिका (42%), फ्रांस, रूस, जर्मनी और चीन की है।
- वैश्विक सशस्त्र संघर्ष: 2024 में देशों के बीच जारी सशस्त्र संघर्षों की संख्या 3 थी, जो 2025 में दोगुने होकर 6 हो गई। यह विश्व में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है।
- तकनीकी-रणनीतिक युद्ध: अब AI, ड्रोन समूह (ड्रोन स्वार्म), स्वायत्त हथियार व साइबर उपकरणों का उपयोग होने लगा है। साथ ही, अति-महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) व सेमीकंडक्टर का 'हथियार के रूप में उपयोग' किया जाने लगा है। इस तरह ये तकनीकें आधुनिक युद्ध और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को नया आकार दे रही हैं।
परमाणु निरस्त्रीकरण के वैश्विक तंत्र
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