कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS) मिशन
केंद्र सरकार भारत की एनर्जी ट्रांजीशन रणनीति के एक महत्वपूर्ण अंग, CCUS मिशन के लिए रोडमैप और वित्तीय परिव्यय को अंतिम रूप दे रही है। नीति आयोग में ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण सलाहकार, राजनाथ राम ने इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के तीसरे ऊर्जा शिखर सम्मेलन के दौरान इस बात पर प्रकाश डाला।
ऊर्जा सुरक्षा का महत्व
- ऊर्जा सुरक्षा और दीर्घकालिक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आपूर्ति अनुबंध दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।
- भारत के लिए अपने शुद्ध शून्य लक्ष्यों को पूरा करने हेतु CCUS आवश्यक है।
प्राकृतिक गैस उपभोग लक्ष्य
भारत का लक्ष्य 2030 तक अपने ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को 15% तक बढ़ाना है।
- वर्तमान प्राकृतिक गैस की खपत को दो से तीन गुना बढ़ाने की आवश्यकता है।
- अनुमानित खपत लगभग 180-200 बिलियन घन मीटर है।
लक्ष्य प्राप्ति हेतु प्रमुख प्राथमिकताएँ
- प्राकृतिक गैस की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करना।
- प्राकृतिक गैस की सामर्थ्य सुनिश्चित करना।
- संपीडित बायोगैस (CBG) के माध्यम से घरेलू उत्पादन का विस्तार करना।
- आयात पर निर्भरता को न्यूनतम करने के लिए भारत के भूवैज्ञानिक बेसिनों का व्यापक सर्वेक्षण करना।