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लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर द्वारा नए कण की खोज (Discovery of New Particle by Large Hadron Collider)

30 Apr 2026
1 min

In Summary

  • सीईआरएन में स्थित लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (एलएचसी) ने ज़ी-सीसी-प्लस नामक एक कण की खोज की, जो दो चार्म क्वार्क और एक डाउन क्वार्क से बना है और प्रोटॉन से चार गुना भारी है।
  • यह खोज क्वार्कों को प्रोटॉन और न्यूट्रॉन में बांधने वाले मजबूत बल को समझने में मदद करती है, जो पदार्थ के लिए मूलभूत है।
  • सीईआरएन में स्थित 27 किलोमीटर लंबी रिंग, एलएचसी, कणों को टक्करों के लिए प्रकाश की गति के लगभग बराबर गति तक त्वरित करती है, जिससे हिग्स बोसोन और विलक्षण हैड्रॉन जैसी खोजें संभव हो पाती हैं।

In Summary

सुर्ख़ियों में क्यों?

CERN में स्थित लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC) ने हाल ही में Xi-cc-प्लस  नामक एक नए कण की खोज की है। यह LHC द्वारा खोजा गया 80वां कण है।

नए कण Xi-cc-प्लस के बारे में

  • संरचना: यह दो चार्म क्वार्क और एक डाउन क्वार्क से बना है, जो प्रोटॉन के समान है (प्रोटॉन में दो अप क्वार्क और एक डाउन क्वार्क होते हैं)।
  • द्रव्यमान: अप क्वार्क के चार्म क्वार्क से प्रतिस्थापन कारण इसका द्रव्यमान प्रोटॉन से लगभग चार गुना अधिक है।
  • इस खोज का महत्व: इस खोज से वैज्ञानिकों को यह समझने में सहायता मिलेगी कि प्रबल बल (Strong force) किस प्रकार प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और अन्य कणों को एक साथ बांधता है।
  • वर्ष 2017 में भी LHC ने एक समान कण (जैसे  Xi-cc-प्लस)की खोज की थी, जिसमें दो चार्म क्वार्क और एक अप क्वार्क था।

प्रबल बल

  • बल का प्रकार: यह प्रकृति के चार मूलभूत बलों प्रबल, दुर्बल, विद्युत-चुंबकीय और गुरुत्वाकर्षण बल में से एक है।
  • प्रकृति : यह एक आकर्षण बल है, जो क्वार्क को जोड़कर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन बनाता है और उप-परमाण्विक कणों को एक साथ रखता है।
  • शक्ति: यह विद्युत-चुंबकीय बल से लगभग 100 गुना अधिक शक्तिशाली है और बहुत छोटी दूरी (परमाणु के व्यास से लगभग 100,000 गुना कम) पर कार्य करता है।

क्वार्क (Quarks)

  • ये पदार्थ के मूलभूत निर्माण खंड हैं और इनके छह प्रकार होते हैं: अप, डाउन, चार्म, स्ट्रेंज, टॉप और बॉटम।
    • क्वार्क कभी मुक्त नहीं पाए जाते, बल्कि सदैव समूह में होते हैं।
  • ये मिलकर निम्न कण बनाते हैं:
    • मेसॉन (Mesons): दो क्वार्क के संयोजन से निर्मित होते हैं। उदाहरण: पायन (Pions), काऑन (Kaons)।
    • बैरॉन (Baryons): तीन क्वार्क के संयोजन से निर्मित होते हैं। उदाहरण: प्रोटॉन, न्यूट्रॉन।
  • अधिकांश मेसॉन और बैरॉन (जिन्हें मिलकर हैड्रॉन कहा जाता है) अस्थिर और कम समय तक रहने वाले होते हैं, इसलिए इन्हें देखना कठिन होता है।

 

 

 

लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC)

  • यह विश्व का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली कण त्वरक है, जो CERN (यूरोपीय परमाणु अनुसंधान संगठन) में लगभग 100 मीटर भूमिगत सुरंग में स्थित है।
  • संरचना : इसमें 27 किलोमीटर लंबी रिंग होती है, जिसमें सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट और कई त्वरक संरचनाएं होती हैं, जो कणों की ऊर्जा बढ़ाती हैं।
  • कार्यप्रणाली: इसमें प्रोटॉन या आयन के दो उच्च-ऊर्जा बीम लगभग प्रकाश की गति से चलाए जाते हैं और फिर आपस में टकराए जाते हैं।
  • महत्व : इन टक्करों से ऐसे कण और ऊर्जा क्षेत्र उत्पन्न होते हैं, जो प्रकृति के मूलभूत सिद्धांतों को समझने में सहायता करते हैं, जैसे द्रव्यमान, बलों का एकीकरण, डार्क एनर्जी और डार्क मैटर।
  • LHC की अन्य प्रमुख खोजें: हिग्स बोसॉन (2012); एक्सोटिक हैड्रॉन (चार या पाँच क्वार्क से बने कण); दुर्लभ B-मेसॉन क्षय; टोपोनियम (टॉप क्वार्क और उसके एंटी-क्वार्क से बना, अब तक का सबसे भारी संयुक्त कण)

CERN

  • CERN विश्व के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों में से एक है, जो जिनेवा के पास फ्रांस-स्विट्जरलैंड सीमा पर स्थित है।
  • इसकी स्थापना 1954 में हुई थी।
  • सदस्य: इसमें 25 सदस्य देश हैं।
    • भारत एक सहयोगी सदस्य है।
  • उद्देश्य: उन्नत कण त्वरकों (Particle Accelerators) का उपयोग करके मूलभूत भौतिकी में विश्व स्तरीय अनुसंधान करना।

 

निष्कर्ष

CERN में Xi-cc-प्लस कण की खोज, लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर की निरंतर सफलता को दर्शाती है। यह खोज क्वार्क के आपसी संबंध और प्रबल बल को बेहतर समझने में सहायता करती है। इसके माध्यम से पदार्थ के मूलभूत घटकों और ब्रह्मांड को संचालित करने वाले नियमों की हमारी समझ और अधिक व्यापक होती है।

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हिग्स बोसॉन

यह एक मूलभूत कण है जो कणों को द्रव्यमान प्रदान करने वाले हिग्स क्षेत्र से जुड़ा है। इसकी खोज 2012 में लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC) द्वारा की गई थी।

CERN

The European Organization for Nuclear Research, an intergovernmental organization that operates the largest particle physics laboratory in the world. India has been an associate member of CERN since 2017, facilitating its participation in cutting-edge scientific research.

हैड्रॉन (Hadron)

मेसॉन और बैरॉन को मिलाकर कहा जाने वाला कणों का एक वर्ग, जो क्वार्क से बने होते हैं। इनमें से अधिकांश अस्थिर होते हैं।

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