शिक्षा में AI का महत्व
- विद्यार्थियों के लिए महत्व: यह व्यक्तिकृत शिक्षा और सुधार करने में सहायता प्रदान करता है। यह वास्तविक समय में विद्यार्थी के स्तर का आकलन करके अध्ययन सामग्री की कठिनाई, प्रारूप या गति को समायोजित करता है।
- उदाहरण के लिए, माइंडक्राफ्ट (MindCraft) प्लेटफॉर्म ग्रामीण विद्यार्थियों के अनुकूल अध्ययन सामग्री प्रदान करता है।
- शिक्षकों के लिए महत्व: NCERT के एक अध्ययन (2024) के अनुसार जिन शिक्षकों को AI-सहायता प्राप्त पाठ योजना टूल्स के साथ प्री-सर्विस प्रशिक्षण मिलता है, वे विद्यार्थियों की आवश्यकताओं की बेहतर पहचान कर पाते हैं।
- मूल्यांकन: AI-आधारित मूल्यांकन सतत और प्रारूपिक (Formative) हो सकते हैं, जो विद्यार्थियों को वास्तविक समय आधारित फीडबैक देते हैं और शिक्षकों को आवश्यक कदम उठाने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

- शासन और प्रणाली की निगरानी: पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण (Predictive analytics) और AI-संचालित डैशबोर्ड के माध्यम से निगरानी की जाती है।
- समावेशी शिक्षा: AI आधारित सहायक उपकरणों के माध्यम से दिव्यांग शिक्षार्थियों को सहायता प्रदान की जाती है तथा उन्हें बहुभाषी एवं स्थानीय बोलियों में शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
शिक्षा में AI के प्रसार के लिए की गई प्रमुख पहलें
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020: यह नीति शिक्षा में परिवर्तन लाने में AI, बिग डेटा और मशीन लर्निंग की भूमिका को स्वीकार करती है।
- स्कूली शिक्षा: NEP 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (National Curriculum Framework) 2023 के तहत CBSE और NCERT के माध्यम से स्कूली पाठ्यक्रम में AI का एकीकरण किया जा रहा है।
- विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए AI-पाठ्यक्रम:
- दीक्षा (DIKSHA): ज्ञान साझा करने के लिए डिजिटल अवसंरचना।
- SOAR (स्किलिंग फॉर AI रेडीनेस): कक्षा 6-12 के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए AI जागरूकता तथा कौशल विकसित करना।
- स्वयं/SWAYAM (स्टडी वेब्स ऑफ़ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स): यह प्लेटफॉर्म IIT और IISc आदि प्रतिष्ठित संस्थानों से निःशुल्क AI पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
- उच्चतर शिक्षा: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), 2022 के स्नातक पाठ्यक्रम में AI, 3D मशीनिंग, बिग डेटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग आदि शामिल किए गए हैं।
- अनुसंधान और विकास: राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF) की स्थापना, 'वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन' पहल, आदि।
Article Sources
1 sourceनीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया ने इम्पैक्ट4न्यूट्रिशन (I4N) प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सुधारों को सुदृढ़ करना है।
I4N प्लेटफॉर्म के बारे में:
- यह पोषण पर ज्ञान और संसाधनों के केंद्रीय हब के रूप में कार्य करता है।
- यह व्यवसायों और पोषण (POSHAN) 2.0 से जुड़े व्यापक सामाजिक आंदोलन के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करता है।
- पोषण 2.0 का लक्ष्य बच्चों और महिलाओं, दोनों के लिए प्रमुख पोषण मानकों में सुधार करना है।
- इसमें ACE कार्ड पहल (पोषण के लिए परिसंपत्ति, पोषण के लिए CSR और पोषण के लिए कर्मचारियों की भागीदारी) शामिल है। इसका उद्देश्य कार्य परिवेश के भीतर पोषण साक्षरता और आहार संबंधी आदतों में सुधार लाने हेतु व्यवहार परिवर्तन को गति देना है।