केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 {CENTRAL ARMED POLICE FORCES (CAPF) (GENERAL ADMINISTRATION) BILL, 2026} | Current Affairs | Vision IAS

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संक्षिप्त समाचार

30 Apr 2026
5 min

In Summary

  • केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) विधेयक, 2026, पांच प्रमुख सीएपीएफ में अधिकारियों की भर्ती, प्रतिनियुक्ति और सेवा शर्तों को विनियमित करता है।
  • इस विधेयक में इंस्पेक्टर जनरल के 50% पदों, एडिशनल डायरेक्टर जनरल के 67% पदों और सभी डायरेक्टर जनरल/स्पेशल डायरेक्टर जनरल पदों के लिए आईपीएस अधिकारी की प्रतिनियुक्ति अनिवार्य की गई है।
  • यह कानून 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए उस निर्देश के बाद आया है जिसमें सीएपीएफ के उच्च पदों पर आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को धीरे-धीरे कम करने का प्रावधान है।

In Summary

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को संसद के दोनों सदनों ने पारित कर दिया है। 

  • यह विधेयक कानून बन जाने के बाद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में अधिकारियों की भर्ती, प्रतिनियुक्ति, पदोन्नति और सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए एक व्यापक कानून के रूप में कार्य करेगा। वर्तमान में CAPF के अलग-अलग सशस्त्र बलों को भिन्न-भिन्न सेवा अधिनियमों द्वारा प्रशासित किया जाता है।
  • इस विधेयक में विशेष रूप से CAPFs में उच्च पदों पर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का प्रावधान है। 
    • इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने 2025 में निर्देश दिया था कि CAPFs में DIG (उप महानिरीक्षक) और IG (महानिरीक्षक) के पदों पर IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को दो वर्षों में क्रमिक रूप से कम किया जाये

विधेयक के प्रमुख प्रावधान

  • नियम बनाने की शक्ति: यह विधेयक केंद्र सरकार को निर्दिष्ट CAPFs के अधिकारियों से संबंधित मामलों पर नियम बनाने की शक्ति प्रदान करता है।
  • किन CAPFs पर लागू होगा: यह विधेयक प्रथम अनुसूची में सूचीबद्ध पांच प्रमुख CAPFs पर लागू होगा। इनमें शामिल हैं: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB)
    • असम राइफल्स और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) को फिलहाल इसमें शामिल नहीं किया गया है।
    • केंद्र सरकार अनुसूची में संशोधन कर CAPFs के अन्य सशस्त्र बलों पर भी इसके प्रावधान को लागू कर सकती है।
  • प्रतिनियुक्ति द्वारा भरे जाने वाले पद: CAPFs में निम्नलिखित पद अनिवार्य रूप से IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे:
    • महानिरीक्षक (IG) के 50% पद।
    • अपर महानिदेशक (ADG) के न्यूनतम 67% पद।
    • महानिदेशक (DG) और विशेष महानिदेशक (SDG) के सभी पद।

‘उपभोक्ता न्याय रिपोर्ट 2026’ ‘इंडिया जस्टिस रिपोर्ट’ द्वारा जारी की गई है। इसका उद्देश्य भारत में उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों की क्षमता और प्रदर्शन का आकलन करना है।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर 

  • लंबित मामलों का बढ़ता बोझ: कोविड महामारी के बाद उपभोक्ता मामलों के निस्तारण दर में सुधार हुआ है। कुल 7.64 लाख मामलों में से 88.5% का निस्तारण हुआ। इसके बावजूद, 2020 से 2024 के बीच कुल लंबित मामलों में 21% की वृद्धि दर्ज की गई।
  • यह स्थिति 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019' में निर्धारित समय-सीमा से कहीं अधिक है; इस अधिनियम के तहत मामलों का निपटारा तीन से पाँच महीनों के भीतर किया जाना अनिवार्य है।
  • वैकल्पिक विवाद-निवारण उपायों का कम उपयोग (ADR): 23 राज्यों के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में केवल 134 मामलों को मध्यस्थता के लिए भेजा गया।
  • महिलाओं के प्रतिनिधित्व में कमी: 14 राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों (SCDRCs) में अध्यक्षों और सदस्यों के रूप में महिलाओं की हिस्सेदारी 2021 में औसतन 35% थी, जो घटकर 2025 में 29% रह गई।
  • रिक्तियों की अधिक संख्या: 2025 तक, लगभग 50% राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों (SCDRCs) में अध्यक्ष का पद रिक्त था। 

भारत के निर्वाचन आयोग ने 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं और दिव्यांग जनों (PwD) को 'डाक मतपत्र से मतदान' की सुविधा प्रदान की है। 

डाक मतपत्र या पोस्टल बैलट के बारे में: 

  • यह मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त डाक मतपत्र पर अपना वोट डालने की अनुमति देता है। इससे उन्हें मतदान केंद्रों पर व्यक्तिगत रूप से जाने की आवश्यकता नहीं होती है। 
    • मतदाता को इसे प्रिंट कराना होगा, अपनी पसंद के उम्मीदवार को मैन्युअल रूप से अंकित करना होगा और इसे डाक (पोस्ट) के जरिए वापस भेजना होगा। 
  • विधिक ढांचा: यह निर्वाचन संचालन नियम, 1961 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 द्वारा शासित है।
  • पात्रता: सेवा मतदाता, विशेष मतदाता, अनुपस्थित मतदाता (85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, आदि), निवारक निरोध के तहत हिरासत में रखे गए व्यक्ति और चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मी।
    • सेवा मतदाताओं (सर्विस वोटर्स) में सशस्त्र बलों के सदस्य, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, विदेश में तैनात सरकारी कर्मचारी आदि शामिल हैं। 
    • विशेष मतदाताओं में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, कैबिनेट मंत्री आदि और उनके जीवनसाथी शामिल हैं। 

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने ‘सुजल गांव आईडी’ का शुभारंभ किया।

सुजल गांव आईडी के बारे में

  • शुभारंभ: इसे केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 'जल जीवन मिशन' के अंतर्गत शुरू किया गया।
  • स्वरूप: ग्रामीण पाइप्ड जल आपूर्ति योजनाओं की मैपिंग और निगरानी के लिए एक विशिष्ट डिजिटल आईडी है। 
  • उद्देश्य: जल स्रोत से घर के नल तक जलापूर्ति के लिए ग्रामीण पेयजल अवसंरचना का डिजिटल मानचित्र तैयार करना।
  • प्लेटफॉर्म: इसे 'सुजलम भारत' राष्ट्रीय डिजिटल आर्किटेक्चर के साथ जोड़ा गया है।
  • महत्त्व:
    • यह जलापूर्ति योजनाओं की निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार करती है। 
    • यह वर्ष 2028 तक 'हर घर जल' के सार्वभौमिक लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होगी। 

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी राजनीतिक विज्ञापनों को इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से पहले MCMC से पूर्व-प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य है।

MCMC के बारे में:

  • स्थापना: इसकी स्थापना भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा की गई है।
  • उद्देश्य: निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना और 'पेड न्यूज' या भ्रामक कंटेंट के प्रसार को रोकना।
    • यह समिति मीडिया में 'पेड न्यूज' के संदिग्ध मामलों पर कड़ी नजर रखती है और उचित कार्रवाई करती है। 

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विशेष महानिदेशक (SDG)

विशेष महानिदेशक (SDG) एक अति वरिष्ठ पुलिस पद है, जो आमतौर पर विशेष या महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को दिया जाता है। यह पद महानिदेशक (DG) के समानांतर या उससे नीचे हो सकता है, जो विशिष्ट संगठनात्मक आवश्यकताओं पर निर्भर करता है।

महानिदेशक (DG)

महानिदेशक (DG) किसी राज्य पुलिस बल या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) का सर्वोच्च पद होता है। वे संगठन के समग्र नेतृत्व, रणनीति और संचालन के लिए जिम्मेदार होते हैं।

अपर महानिदेशक (ADG)

अपर महानिदेशक (ADG) एक बहुत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का पद है, जो आमतौर पर राज्य पुलिस बल या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) के भीतर एक प्रमुख विभाग या क्षेत्र के लिए जिम्मेदार होता है। यह महानिदेशक (DG) के अधीन एक महत्वपूर्ण पद है।

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