ग्रीनलैंड पर अमेरिका का दावा (US Claim on the Greenland) | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

ग्रीनलैंड पर अमेरिका का दावा (US Claim on the Greenland)

01 Mar 2026
1 min

In Summary

  • ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति, मिसाइल रक्षा में इसकी भूमिका और नवीकरणीय ऊर्जा/जीवाश्म ईंधन के भंडार इसे भू-राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाते हैं।
  • अमेरिका ने ग्रीनलैंड को खरीदने का प्रस्ताव रखा, जिसे डेनमार्क और नाटो सहयोगियों ने क्षेत्रीय अखंडता का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया।
  • इन पहलों में नाटो की मध्यस्थता, रक्षा समझौतों पर पुनर्विचार और भू-राजनीतिक तनावों से निपटने के लिए एक "आर्कटिक सेंट्री" मिशन शामिल हैं।

In Summary

सुर्ख़ियों में क्यों? 

अमेरिका ने ग्रीनलैंड से जुड़े टैरिफ (शुल्क) की अपनी धमकी वापस ले ली और कहा कि अमेरिका तथा नाटो ने भविष्य की व्यवस्था के लिए एक रूपरेखा विकसित कर ली है।

ग्रीनलैंड का महत्व

  • सामरिक और सैन्य अवस्थिति
    • भू राजनीतिक चौराहा: ग्रीनलैंड उत्तरी अमेरिका, यूरोप और आर्कटिक के बीच स्थित है तथा यह "GIUK Gap" (ग्रीनलैंड–आइसलैंड–यूनाइटेड किंगडम) का हिस्सा है। यह उत्तरी अटलांटिक में पनडुब्बी गतिविधियों की निगरानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और विवादित समुद्री गलियारा है। 
    • मिसाइल डिफेंस और अर्ली वार्निंग: ग्रीनलैंड उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस रक्षा के लिए आवश्यक है और यहां पिटफ़िक स्पेस बेस स्थित है, जो अमेरिका के प्रारंभिक चेतावनी रडार नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
      • अमेरिका ग्रीनलैंड को प्रस्तावित "गोल्डन डोम" परियोजना के लिए भी महत्वपूर्ण मानता है, जो एक अंतरिक्ष-आधारित मिसाइल रक्षा प्रणाली है और लंबी दूरी के हमलों से अमेरिका की रक्षा के लिए तैयार की जा रही है।
    • रूस और चीन का संतुलन: जलवायु परिवर्तन के कारण आर्कटिक बर्फ पिघलने और नए समुद्री मार्ग खुलने से इस क्षेत्र में सैन्य और आर्थिक प्रभाव के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
  • प्राकृतिक संसाधन
    • दुर्लभ मृदा तत्व: ग्रीनलैंड में दुनिया के सबसे बड़े अप्रयुक्त दुर्लभ मृदा तत्वों के भंडार मौजूद हैं। प्रमुख भंडारों में क्वानेफजेल्ड (जिसमें यूरेनियम भी है) और क्रिंगलेर्न शामिल हैं, जो दक्षिणी ग्रीनलैंड में स्थित हैं। 
    • अमेरिका इन संसाधनों पर नियंत्रण के माध्यम से वैश्विक दुर्लभ मृदा बाजार में चीन के एकाधिकार को तोड़ना चाहता है।
    • जीवाश्म ईंधन: ग्रीनलैंड में तेल और प्राकृतिक गैस के पर्याप्त भंडार होने का अनुमान है, जो हिम परत के हटने से अधिक सुलभ होते जा रहे हैं।
  • जलवायु और पर्यावरणीय महत्व
    • "एल्बीडो प्रभाव" : ग्रीनलैंड अपनी विशाल हिम परत के कारण सूर्य के विकिरण को अंतरिक्ष में परावर्तित करता है, जिससे यह पृथ्वी के लिए एक प्राकृतिक शीतलन तंत्र के रूप में कार्य करता है।
    • प्रणालीगत आर्थिक जोखिम: ग्रीनलैंड में इतनी जमी हुई बर्फ है कि यदि यह पूरी तरह पिघल जाए तो वैश्विक समुद्र-स्तर सात मीटर से अधिक बढ़ सकता है, जिससे तटीय अवसंरचना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भारी आर्थिक जोखिम उत्पन्न होगा।
    • जलवायु अभिलेख: ग्रीनलैंड की बर्फ वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अभिलेख है। "आइस कोर" के माध्यम से वैज्ञानिक पृथ्वी की जलवायु का हजारों वर्षों का इतिहास समझते हैं।
    • अमेरिका के लिए वैचारिक महत्व: ग्रीनलैंड का अमेरिका की विदेश नीति में प्रतीकात्मक महत्व भी है, विशेषकर डोनल्ड ट्रम्प प्रशासन के संदर्भ में। इसे "डोनरो सिद्धांत" (Donroe Doctrine) जैसी सोच से जोड़ा जाता है, जो पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिका की पूर्ण प्रधानता और प्रभाव-क्षेत्र को स्थापित करने की अवधारणा पर बल देती है।

ग्रीनलैंड पर अमेरिका के दावों को लेकर विभिन्न देशों का रुख

  • विलय का पूर्ण विरोध: डेनमार्क ने संकेत दिया है कि वह नाटो के अनुच्छेद 5 को लागू कर सकता है। अनुच्छेद 5 सामूहिक सुरक्षा के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी एक सदस्य देश पर हमला सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाता है। 
    • डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि ग्रीनलैंड"बिक्री के लिए नहीं है" और चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर सैन्य आक्रमण किया, तो इससे नाटो तथा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित सुरक्षा व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।.
  • एकीकृत सैन्य एकजुटता: फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन, UK और डेनमार्क के नेताओं ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया है। इसमें कहा गया कि क्षेत्र की एकता और सीमाओं पर कोई समझौता नहीं हो सकता। कई राष्ट्र मिलिट्री सॉलिडेरिटी के साफ सिग्नल के तौर पर "ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस" में हिस्सा ले रहे हैं।

समस्या के समाधान हेतु उठाए गए कुछ कदम

  • नाटो की मध्यस्थता: नाटो ने "भविष्य के समझौते की रूपरेखा" (Framework of a Future Deal) पर वार्ता शुरू की है, ताकि अमेरिका की आक्रामक बयानबाजी को कम किया जा सके।
  • सैन्य अड्डों की व्यवस्था: अमेरिकी अधिकारियों ने 1951 के अमेरिका–डेनमार्क रक्षा समझौते पर पुनः वार्ता का सुझाव दिया है, जिससे अमेरिका को ग्रीनलैंड में अधिक सैन्य अड्डे स्थापित करने की अनुमति मिल सके।
    • एक प्रस्तावित मॉडल के तहत अमेरिका को छोटे-छोटे विशिष्ट क्षेत्रों पर नियंत्रण देने की बात कही गई है, जैसा कि साइप्रस में ब्रिटेन के संप्रभु सैन्य अड्डों—अक्रोटिरी और धेकेलिया—के समान है।
  • आर्कटिक सेंट्री मिशन: नाटो सहयोगियों ने "आर्कटिक सेंट्री" नामक एक नए मिशन में योगदान देने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य उच्च उत्तरी क्षेत्र (High North) में जहाजों और पनडुब्बियों की निगरानी बढ़ाना है, ताकि रूस और चीन से संभावित खतरों को लेकर अमेरिका को आश्वस्त किया जा सके।

निष्कर्ष

अमेरिका–ग्रीनलैंड विवाद आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों को उजागर करता है, जहां रणनीतिक स्थान, महत्वपूर्ण खनिज संसाधन और जलवायु संबंधी संवेदनशीलताएं प्रमुख मुद्दे हैं। यह विवाद नाटो की एकता की भी परीक्षा ले रहा है। यह प्रकरण दर्शाता है कि संसाधनों की प्रतिस्पर्धा पारंपरिक गठबंधनों को चुनौती दे रही है, और स्थिति को शांत करने के लिए बहुपक्षीय ढांचों के माध्यम से तनाव कम करना आवश्यक है।

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

Arctic Sentry mission

An initiative by NATO focused on enhancing security, protecting member states, and maintaining stability in the strategically important and environmentally sensitive Arctic region, in response to geostrategic concerns.

Sovereign Base Areas

These are areas within a foreign country that remain under the jurisdiction of another country, often for military purposes. The article draws a parallel to the British Sovereign Base Areas in Cyprus, suggesting a potential model for U.S. control over specific territories in Greenland.

Military Solidarity

This refers to the demonstration of unified military support and cooperation among allied nations. In the context of the article, it signifies a collective commitment to regional security and a response to potential threats, exemplified by participation in joint military exercises like 'Operation Arctic Endurance'.

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet