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अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana)

01 Mar 2026
1 min

In Summary

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा और वृद्धावस्था आय सुरक्षा के उद्देश्य से अटल पेंशन योजना (एपीवाई) को 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दी।
  • 2015 में शुरू की गई, एपीवाई 60 वर्ष की आयु से गारंटीकृत मासिक पेंशन (₹1,000-₹5,000) प्रदान करती है, जिसमें पारिवारिक पेंशन और कर लाभ शामिल हैं।
  • 18-40 वर्ष की आयु के बैंक खाताधारकों (गैर-आयकरदाताओं) के लिए खुला, जनवरी 2026 तक 8.66 करोड़ से अधिक ग्राहक पंजीकृत हो चुके हैं।

In Summary

सुर्ख़ियों में क्यों ?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना (APY) को वर्ष 2030–31 तक जारी रखने की स्वीकृति प्रदान की है।

योजना के उद्देश्य

योजना की प्रमुख विशेषताएँ

  • सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना, विशेष रूप से गरीब, वंचित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए।
  • वृद्धावस्था में आय सुरक्षा सुनिश्चित करना, जिससे वृद्धावस्था गरीबी और सुभेद्यता में कमी आए।
  • प्रवेश आयु और अंशदान स्तर के आधार पर निर्धारित पेंशन लाभ के माध्यम से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति बचत को प्रोत्साहित करना।
  • मंत्रालय: केंद्रीय वित्त मंत्रालय
  • शुरुआत: 2015
  • कार्यान्वयन एजेंसी: राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण।
  • प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक की योजना
  • पात्रता:
    • APY योजना 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के उन सभी बैंक खाताधारकों के लिए है जो आयकर दाता नहीं हैं।
    • परिवार के सभी पात्र सदस्य योजना से जुड़ सकते हैं।
  • लाभ:
    • गारंटीकृत मासिक पेंशन: 60 वर्ष की आयु से मृत्यु तक ₹1,000 से ₹5,000 तक आजीवन पेंशन।
    • पारिवारिक पेंशन का प्रावधान: सदस्य की मृत्यु पर जीवनसाथी को पेंशन; नामांकित व्यक्ति को संचित राशि (कॉर्पस) प्राप्त होगी।
    • 60 वर्ष आयु से पूर्व सदस्य की मृत्यु: जीवनसाथी APY खाते में अंशदान जारी रख सकता/सकती है।
    • कर लाभ: APY में अंशदान पर आयकर अधिनियम की धारा 80CCD(1) के अंतर्गत NPS के समान कर लाभ उपलब्ध।
  • भुगतान की सुविधा: सदस्य अपनी इच्छित मासिक पेंशन एवं प्रवेश आयु के अनुसार मासिक/त्रैमासिक/अर्धवार्षिक आधार पर अंशदान कर सकते हैं। यह अपेक्षित मासिक पेंशन और ग्राहक की प्रवेश के समय की आयु पर निर्भर करता है।
  • निकास एवं आहरण विकल्प
    • 60 वर्ष की आयु पर निकास: पूर्ण पेंशन आरंभ।
    • 60 वर्ष से पूर्व निकास: केवल मृत्यु या असाध्य रोग की स्थिति में अनुमति।
    • स्वैच्छिक निकास: सदस्य को केवल अपना अंशदान (ब्याज सहित) प्राप्त होगा; सरकारी सह-अंशदान (यदि कोई हो) जब्त कर लिया जाएगा।
  • सरकारी सह-अंशदान (प्रारंभिक सदस्यों हेतु):  1 जून, 2015 से 31 मार्च, 2016 के बीच जुड़ने वाले पात्र सदस्यों के लिए है (यह योजना जारी है, परंतु अब सरकारी सह-अंशदान उपलब्ध नहीं है)।
    • सरकार ने 5 वर्षों तक कुल अंशदान का 50% या ₹1,000 प्रति वर्ष (जो भी कम हो) का योगदान किया।
    • यह लाभ केवल उन सदस्यों के लिए था जो किसी सांविधिक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत शामिल नहीं थे और उस समय आयकर दाता नहीं थे।
  • कार्यान्वयन रणनीति (2030–31 तक विस्तारित)
    • असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बीच पहुंच बढ़ाने हेतु प्रचार-प्रसार, जागरूकता एवं क्षमता निर्माण गतिविधियां।
    • योजना की व्यवहार्यता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने और उसकी स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक धनराशि का आवंटन।
  • प्रगति : 19 जनवरी, 2026 तक, 8.66 करोड़ से अधिक सदस्य इस योजना से जुड़ चुके हैं, जिससे अटल पेंशन योजना भारत के समावेशी सामाजिक सुरक्षा ढांचे का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन गई है।

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सांविधिक सामाजिक सुरक्षा योजना

यह सरकार द्वारा स्थापित एक कानूनी रूप से अनिवार्य योजना है जो श्रमिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करती है, जैसे कि ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) या ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि)।

सरकारी सह-अंशदान

यह वह राशि है जिसे सरकार पेंशन योजनाओं में नामांकित पात्र सदस्यों के अंशदान के पूरक के रूप में प्रदान करती है, विशेष रूप से योजना के शुरुआती वर्षों में।

स्वैच्छिक निकास

यह एक ऐसी स्थिति है जहाँ सदस्य अपनी मर्जी से योजना से बाहर निकलना चुनता है, जिसके परिणामस्वरूप आमतौर पर केवल जमा की गई राशि (ब्याज सहित) वापस मिलती है, और किसी भी सरकारी सह-अंशदान को जब्त कर लिया जाता है।

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