सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple)

01 Mar 2026
1 min

सुर्ख़ियों में क्यों? 

1026 ई. में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए पहले आक्रमण के 1,000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाया जा रहा है।

सोमनाथ मंदिर के बारे में

  • अवस्थिति: गुजरात में वेरावल के समीप प्रभास पाटन में।
    • त्रिवेणी संगम (तीन नदियों— कपिला, हिरण और सरस्वती का संगम) की उपस्थिति के कारण सोमनाथ का यह स्थल प्राचीन काल से ही एक प्रमुख तीर्थस्थल रहा है।
  • ज्योतिर्लिंग: भगवान शिव के 12 आदि ज्योतिर्लिंगों में इसे प्रथम माना जाता है और यह अत्यधिक प्रतिष्ठित है।
  • वास्तुकला:
    • वर्तमान मंदिर 'मारू-गुर्जर वास्तुकला' का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे चालुक्य या सोलंकी शैली भी कहा जाता है।
  • इसका स्वरूप "कैलाश महामेरु प्रसाद" जैसा है, जिसमें मुख्य रूप से तीन भाग शामिल हैं: गर्भगृह, सभामंडप और नृत्यमंडप।
  • मंदिर के शीर्ष पर 150 फुट ऊंचा शिखर है, जिसके शीर्ष पर 10 टन का कलश स्थापित है।
  • सोमनाथ मंदिर का ऐतिहासिक वर्णन:
    • प्राचीन काल: कालिदास ने अपने ग्रंथ 'रघुवंशम' (5वीं शताब्दी) में सोमनाथ-प्रभास को एक प्रतिष्ठित शिव तीर्थस्थल के रूप में वर्णित किया है।
    • मध्यकाल:
      • अल-बरूनी ने अपनी रचना 'किताब-उल-हिंद' (11वीं शताब्दी) में सोमनाथ मंदिर की प्रशंसा की है।
      • अमीर खुसरो ने 'खजाइन-उल-फुतूह' (13वीं शताब्दी) में अलाउद्दीन खिलजी की सेना द्वारा सोमनाथ मंदिर के विध्वंस का उल्लेख किया है।
  • सोमनाथ पर आक्रमण: 1026 ई. में, भीम- प्रथम के शासनकाल के दौरान, तुर्क मुस्लिम शासक महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण कर इसे लूटा और इसके ज्योतिर्लिंग को खंडित कर दिया।
    • मंदिर को 1297, 1394 और अंततः 1706 ई. में मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर पुनः नष्ट किया गया।
    • इस मंदिर को कुल 17 बार लूटा गया था।
  • पुनर्निर्माण: स्वतंत्रता के पश्चात 1947 में भारत के प्रथम उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा इसका पुनर्निर्माण कार्य आरंभ किया गया था।
    • 11 मई 1951 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा इसकी प्राण-प्रतिष्ठा/ उद्घाटन की गई थी।
    • इससे पूर्व, 18वीं शताब्दी (लगभग 1783 ई.) में अहिल्याबाई होल्कर ने सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया था।

मारू-गुर्जर वास्तुकला (सोलंकी शैली) के बारे में:

  • उत्पत्ति: इस शैली की उत्पत्ति 6ठी शताब्दी में राजस्थान (ऐतिहासिक रूप से मरुदेश) और गुजरात (ऐतिहासिक रूप से गुर्जरत्रा) के क्षेत्रों में हुई थी।
    • यह शैली गुजरात के चालुक्य वंश (सोलंकी वंश) के शासनकाल में अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंची।
  • मारू-गुर्जर वास्तुकला की प्रमुख विशेषताएं:
    • झरोखा: पत्थर की एक उभरी हुई खिड़की या लटकदार बालकनी, जो कोष्ठक या उभरी हुई चिनाई (corbelling) के सहारे टिकी होती है।
    • छतरी: छतरी के आकार का गुंबद या मंडप, जिसका उपयोग अंत्येष्टि स्थलों पर स्मारकों के प्रतीक के रूप में किया जाता है।
    • हवेली: कुलीन वर्गों से संबंधित विशाल हवेलियां या भवन, जिन्हें एक केंद्रीय प्रांगण के चारों ओर बनाया जाता था।
      • प्रांगण एक सूक्ष्म-जलवायु नियंत्रक के रूप में कार्य करता है, जो प्रकाश, वायु प्रवाह और सार्वजनिक व निजी स्थानों के बीच का एक संपर्क प्रदान करता है।
    • जाली: ज्यामितीय या सुलेख-आधारित प्रतिरूप वाली एक छिद्रित पत्थर की जालीदार खिड़की।
    • बावड़ी: सीढ़ीदार विस्तृत तालाब, जिनका उपयोग भू-जल तक पहुंचने के लिए किया जाता था।
    • जोहड़: वर्षा जल संचयन तालाबों या ढलानों पर बनाए गए साधारण मिट्टी/ मलबे के तटबंध, जो वर्षा जल को रोकने और भूजल स्तर का पुनर्भरण करने के लिए निर्मित किए जाते हैं।

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

प्राण-प्रतिष्ठा (Pran-Pratishtha)

The ritualistic consecration or installation of a deity's idol in a temple. Pran-Pratishtha involves specific ceremonies to invoke divine presence and awaken the idol, making it a living embodiment of the deity.

जोहड़ (Johad)

राजस्थान में पारंपरिक जल संचयन संरचनाएं, जो मिट्टी के बने छोटे तालाब या बांध होते हैं, जो वर्षा जल को एकत्र करके भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं।

बावड़ी (Bawdi)

A stepped well or tank used to access groundwater. Bawdis are an important architectural and water management feature, especially in arid regions of India, and are often elaborately decorated.

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet