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केरल में कोरगा जनजाति को ऑपरेशन स्माइल प्रोजेक्ट के तहत भूमि का स्वामित्व दिया जाएगा।

कोरगा जनजाति के बारे में

  • निवास क्षेत्र: यह जनजाति केरल के कासरगोड जिले और कर्नाटक में पाए जाने वाले विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) में से एक है।
    • किसी जनजातीय समूह को PVTGs के रूप में मान्यता गृह मंत्रालय द्वारा प्रदान की जाती है। वर्तमान में देश में 75 PVTGs समुदाय हैं।
  • स्थिति/ दर्जा: राष्ट्रपति आदेश 1956 के तहत कोरगा जनजाति को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया गया है।
  • पारंपरिक व्यवसाय: टोकरी बनाना।
  • भाषा: इस समुदाय के लोग तुलु भाषा बोलते हैं। हालाँकि, इनकी अपनी एक स्वतंत्र भाषा भी है।

ऑपरेशन स्माइल के बारे में

  • केरल सरकार की इस पहल का उद्देश्य बेघर लोगों का पुनर्वास और उनकी सहायता करना है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की जारवा जनजाति को पहली बार मतदाता सूची में नामांकित किया गया है।

जारवा जनजाति के बारे में

  • इस जनजाति की अनुमानित आबादी 341 है। यह दक्षिण और मध्य अंडमान द्वीपों के पश्चिमी तटों पर निवास करती हैं।
  • व्यवसाय: ये शिकार और संग्रहण कर अपना जीवनयापन करते हैं।
  • जारवा जनजाति अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के मूल निवासियों में से एक है। अन्य मूल निवासी जनजातियों में ग्रेट अंडमानी, ओंग, सेंटिनलीज, शोम्पेन, आदि शामिल हैं।

केंद्र सरकार कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता (CAFE) मानदंडों का उल्लंघन करने की वजह से कुछ कार विनिर्माताओं पर जुर्माना लगा सकती है। 

CAFE मानदंडों के बारे में 

  • इन मानदंडों को पहली बार सरकार ने ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के तहत 2017 में अधिसूचित किया था। 
  • उद्देश्य: 
    • CO₂ उत्सर्जन को कम करके ईंधन की खपत को कम करना, 
    • कच्चे तेल पर निर्भरता और वायु प्रदूषण को कम करना। 
  • CAFE मानदंड उत्सर्जन मानकों का एक समूह है जो एक वित्तीय वर्ष में किसी कार विनिर्माता के सभी वाहनों द्वारा उत्सर्जित कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) की मात्रा को निर्धारित करता है।
    • जैसे मारुति सुजुकी के सभी वाहनों के लिए प्रति किलोमीटर 107.28 ग्राम CO₂ उत्सर्जन की सीमा निर्धारित की गई थी।  
  • किन पर लागू है: पेट्रोल, डीजल, तरलीकृत पेट्रोलियम गैस, सीएनजी से चलने वाले 3,500 किलोग्राम से कम सकल भार वाले वाहन।

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय “ग्लोबल इंगेजमेंट स्कीम” का क्रियान्वयन कर रहा है। 

  • इस स्कीम का उद्देश्य दुनिया भर में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।

ग्लोबल इंगेजमेंट स्कीम के बारे में

  • इसे पहले ‘अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध संवर्धन योजना’ कहा जाता था। 
  • ग्लोबल इंगेजमेंट स्कीम के निम्नलिखित तीन घटक हैं:
    • भारत महोत्सव (Festival of India): इसे दो देशों के लोगों के बीच संपर्क और द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए विदेशों में आयोजित किया जाता है।
    • सहायता अनुदान: इंडो फॉरेन फ्रेंडशिप कल्चरल सोसाइटीज स्कीम को सहायता अनुदान प्रदान किया जाता है।
    • अंशदान अनुदान: ICROM, यूनेस्को, विश्व विरासत निधि जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की सदस्यता के रूप में भारत वित्तीय अंशदान देता है। इसके अलावा, भारत इनकी अंतर्राष्ट्रीय बैठकों में भाग लेता है या देश में इनकी बैठकों का आयोजन करता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी धर्म में सच्ची आस्था के बिना केवल आरक्षण का लाभ उठाने के लिए किया गया धर्मांतरण “संविधान के साथ धोखाधड़ी” है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के मुख्य बिंदु:

  • सी. सेल्वरानी बनाम विशेष सचिव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है कि प्रत्येक नागरिक को संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत “अंतःकरण की स्वतंत्रता और धर्म को अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार-प्रसार करने की स्वतंत्रता” का मूल अधिकार है।
  • यदि धर्मांतरण किसी धर्म में सच्ची आस्था की बजाय आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से किया गया है, तो इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है।
  • इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद सादिक बनाम दरबारा सिंह गुरु मामले में कहा था कि कोई व्यक्ति अपना धर्म और आस्था बदल सकता है, लेकिन अपनी जाति नहीं बदल सकता, क्योंकि जाति का निर्धारण जन्म से होता है।

संचार राज्य मंत्री ने राज्य सभा में एक प्रश्न के उत्तर में डिजिटल भारत निधि के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

डिजिटल भारत निधि के बारे में

  • पहले इस निधि को यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) के नाम से जाना जाता था। 
  • स्थापना: इसकी स्थापना भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत के गई है। 
    • यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन (USO) के तहत भारत की प्रतिबद्धता के अनुसार इसकी स्थापना हुई है। 
  • कार्य/ उद्देश्य: दूरसंचार सेवाओं से वंचित ग्रामीण, रिमोट और शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार सेवा की पहुँच और वितरण को बढ़ावा देकर यूनिवर्सल सर्विस का लक्ष्य प्राप्त करना।
  • विभाग: यह संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) के अंतर्गत आने वाली एक पहल है।
  • अध्यक्ष: केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी।

भारत ने परमाणु पनडुब्बी INS अरिघात से K-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया।

K-4 न्यूक्लियर कैपेबल बैलिस्टिक मिसाइल के बारे में

  • प्रकार: यह परमाणु-सक्षम और सबमरीन से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) है।
    • इसे अंडरवाटर प्लेटफॉर्म्स से लॉन्च करने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • विकास: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO)
  • रेंज: 3,500 कि.मी.
  • महत्त्व: इससे भारत न्यूक्लियर ट्रायड क्षमता वाले देशों के एक विशिष्ट क्लब का हिस्सा बन गया है।
    • न्यूक्लियर ट्रायड या परमाणु त्रय का मतलब है- जमीन, वायु और समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता होना।
  • INS अरिघात भारत की दूसरी शिप सबमर्सिबल बैलिस्टिक न्यूक्लियर (SSBN) पनडुब्बी है। इस श्रेणी की पहली पनडुब्बी INS अरिहंत है।

इंडियन आर्मी ने ‘एकलव्य’ ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है। 

  • इसका उद्देश्य इंडियन आर्मी के वर्ष 2024 की थीम “प्रौद्योगिकी अपनाने का वर्ष” के अनुरूप सेना के अधिकारियों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना है। 

एकलव्य प्लेटफॉर्म के बारे में

  • इसे हेडक्वार्टर्स आर्मी ट्रेनिंग कमांड के तत्वावधान में विकसित किया गया है। इस प्लेटफॉर्म की प्रायोजक एजेंसी आर्मी वॉर कॉलेज है। 
  • इस प्लेटफॉर्म को गांधीनगर स्थित “भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N)” द्वारा विकसित किया गया है। इसे विकसित करने में सूचना प्रणाली महानिदेशालय ने भी सहायता की है। 
  • एकलव्य प्लेटफॉर्म के निम्नलिखित लाभ हैं: 
    • पेशेवर सैन्य प्रशिक्षण का आधुनिकीकरण करना, 
    • ऐसी लचीली और विशिष्ट शिक्षा प्रदान करना जो पारंपरिक कोर्स की जटिलता को कम करती हो।
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