औद्योगिक विकार्बनीकरण के लिए ‘ग्लोबल मैचमेकिंग प्लेटफॉर्म’ लॉन्च किया गया | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) और क्लाइमेट क्लब ने COP-29 में औद्योगिक क्षेत्रक के विकार्बनीकरण के लिए 'ग्लोबल मैचमेकिंग प्लेटफॉर्म' (GMP) लॉन्च किया।

  • UNIDO संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है। इसका उद्देश्य औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, उसे गतिशील बनाना और उसमें तेजी लाना है।
  • क्लाइमेट क्लब एक अंतर-सरकारी मंच है। यह जलवायु कार्रवाई और उद्योगों के विकार्बनीकरण में तेजी लाने पर सहयोग करता है।  

ग्लोबल मैचमेकिंग प्लेटफॉर्म (GMP) के बारे में

  • उद्देश्य: विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को जलवायु-अनुकूल औद्योगिक विकास में तेजी लाने में सक्षम बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय जलवायु सहयोग एवं साझेदारी को बढ़ावा देना।
  • सचिवालय: GMP क्लाइमेट क्लब का एक समर्थन तंत्र है, जिसका सचिवालय UNIDO में होगा। 
  • यह कैसे कार्य करेगा?
    • यह ऊर्जा एवं उत्सर्जन-गहन औद्योगिक क्षेत्रकों में उत्सर्जन को कम करने के लिए देश-विशिष्ट जरूरतों को वैश्विक तकनीकी और वित्तीय सहायता से जोड़ेगा।
    • यह सभी उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए खुला होगा।

औद्योगिक विकार्बनीकरण क्या है?

  • परिभाषा: यह उन ऊर्जा-दक्ष और संधारणीय परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की प्रक्रिया है, जो उद्योगों के समग्र कार्बन फुटप्रिंट को कम करती है।
  • मुख्य रणनीतियां: कम कार्बन उत्सर्जन करने वाली प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना। इसके अलावा, नवीकरणीय स्रोतों; कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण आदि के माध्यम से अंतिम उपयोग ऊर्जा का विकार्बनीकरण करने का प्रयास करना।
  • आवश्यकता: 2050 तक नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए औद्योगिक क्षेत्रक का विकार्बनीकरण करना अति आवश्यक है।
    • वैश्विक ऊर्जा प्रणालियों द्वारा होने वाले कुल CO2 उत्सर्जन के एक चौथाई के लिए अकेले औद्योगिक गतिविधियां जिम्मेदार हैं।

विकार्बनीकरण के लिए शुरू की गई विविध पहलें

वैश्विक स्तर पर शुरू की गई पहलें:

  • इंडस्ट्रियल डीप डीकार्बोनाइजेशन इनिशिएटिव (2021): यह यूनाइटेड किंगडम और भारत के सह-नेतृत्व वाली एक पहल है। यह कम कार्बन वाली औद्योगिक सामग्रियों की वैश्विक मांग को प्रोत्साहित करने के लिए सार्वजनिक और निजी संगठनों का एक वैश्विक गठबंधन है।
  • उद्योगों के विकार्बनीकरण के लिए गठबंधन: यह अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा समन्वित है। इसका उद्देश्य औद्योगिक मूल्य श्रृंखलाओं का विकार्बनीकरण करना है।

भारत द्वारा शुरू की गई पहलें

  • प्रदर्शन, उपलब्धि और व्यापार योजना: यह उद्योगों के लिए एक ऊर्जा दक्षता क्रेडिट ट्रेडिंग योजना है। यह ऊर्जा गहन उद्योगों में विशिष्ट ऊर्जा खपत को कम करने के लिए एक विनियामक टूल है। 
  • इस्पात मंत्रालय नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन आदि पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस्पात क्षेत्रक को कार्बन मुक्त करने के लिए काम कर रहा है।
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED VIDEOS

1
न्यूज़ टुडे | डेली करेंट अफेयर्स | 24-25 नवंबर, 2024

न्यूज़ टुडे | डेली करेंट अफेयर्स | 24-25 नवंबर, 2024

YouTube HD
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet