केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री ने NAFSCOB के हीरक जयंती समारोह में भाग लिया।
NAFSCOB के बारे में
- उत्पत्ति: इसकी स्थापना 1964 में की गई थी। इसका लक्ष्य सामान्य रूप से राज्य और केंद्रीय सहकारी बैंकों के संचालन एवं विशेष रूप से सहकारी ऋण के विकास को सुविधाजनक बनाना है।
- उद्देश्य:
- भारत में सहकारी बैंकिंग की वृद्धि और विकास को सुविधाजनक बनाना, वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का समर्थन करना है।
- सदस्य बैंकों की गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उनके हितों को बढ़ावा देना और उनकी रक्षा करना तथा सदस्य बैंकों के विचारों को अभिव्यक्ति देना।
- NAFSCOB के तीन स्कंध (विंग्स) हैं:
- योजना, अनुसंधान और विकास;
- अखिल भारतीय पारस्परिक व्यवस्था योजनाएं; और
- कंप्यूटर सेवा प्रभाग।
Article Sources
1 sourceभारत का जलीय कृषि क्षेत्रक बायोफ्लॉक टेक्नोलॉजी (BFT) और रीसर्क्युलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम्स (RAS) को तेजी से अपना रहा है। इसका उद्देश्य उत्पादन एवं संधारणीयता बढ़ाना तथा जलीय कृषि में पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना है।
बायोफ्लॉक टेक्नोलॉजी (BFT)
- BFT एक बंद व टैंक-आधारित मछली पालन विधि है। इस विधि में जल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए फ़्लॉक्स नामक लाभकारी सूक्ष्मजीवों का उपयोग किया जाता है।
- इस विधि में हेटरोट्रॉफ़िक बैक्टीरिया का उपयोग टैंकों में कार्बनिक अपशिष्ट को माइक्रोबियल बायोमास में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है। यह बायोमास मछली या झींगा के लिए अतिरिक्त आहार स्रोत के रूप में भी प्रयुक्त हो सकता है।
- यह प्रणाली जल को प्राकृतिक रूप से साफ करके बार-बार जल बदलने की आवश्यकता को कम करती है।
रीसर्क्युलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS)
- RAS भी एक क्लोज्ड-लूप व टैंक-आधारित जलीय कृषि विधि है। इस विधि में उन्नत निस्पंदन प्रणाली के माध्यम से जल का पुनर्चक्रण किया जाता है।
- इसके सेटअप में यांत्रिक और जैविक निस्पंदन इकाइयों से सुसज्जित स्वचालित कल्चर टैंक शामिल हैं। इससे जलीय कृषि के लिए जल का दक्ष उपयोग और नियंत्रित वातावरण सुनिश्चित होता है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच पेन्नार नदी के जल बंटवारे संबंधी विवाद पर वार्ता समिति की रिपोर्ट मांगी है।
पेन्नार नदी के बारे में
- पेन्नार बेसिन पूर्व की ओर बहने वाली नदी का दूसरा सबसे बड़ा अंतर्राज्यीय बेसिन है।
- इस नदी बेसिन के उत्तर में पलार बेसिन, पश्चिम और दक्षिण में कावेरी बेसिन तथा पूर्व में बंगाल की खाड़ी स्थित है।
- यह नदी बेसिन कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के अलावा तमिलनाडु के एक बड़े क्षेत्र को भी कवर करता है।
- इस नदी को कन्नड़ में दक्षिण पिनाकिनी और तमिल में तेनपेन्नई के नाम से जाना जाता है।
- यह नदी कर्नाटक के कोलार जिले में नंदीदुर्ग के पास से उत्पन्न होती है।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने वैकल्पिक प्रौद्योगिकियों में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए हाइड्रो श्रेणी के तहत SHKT प्रौद्योगिकी को मान्यता प्रदान की।
SHKT के बारे में:
- जहां पारंपरिक जलविद्युत प्रणालियां मुख्यतः जल की स्थितिज ऊर्जा पर आधारित होती हैं, वहीं SKHT तकनीक प्राकृतिक प्रवाहित जल की गतिज ऊर्जा का उपयोग करके विद्युत का उत्पादन करती है।
- इस प्रकार SHKT तकनीक की मदद से बड़े बांध बनाए बिना विद्युत का उत्पादन किया जा सकता है।
SHKT का महत्त्व
- यह नवीकरणीय ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए एक लागत प्रभावी और स्केलेबल समाधान है।
- इसमें टर्बाइनों को स्थापित करना आसान है। यह नहरों, जलविद्युत टेलरेस चैनलों के लिए उपयुक्त तकनीक है।
- यह तकनीक दूरदराज के उन स्थानों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जहां पावर ग्रिड या पारंपरिक विद्युत उत्पादन सुविधाएं अनुपलब्ध हैं।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) से लड़ने के लिए भारत की पहली स्वदेशी एंटीबायोटिक दवा "नेफिथ्रोमाइसिन" को औपचारिक रूप से लॉन्च किया।
नेफिथ्रोमाइसिन के बारे में
- इसे बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) के सहयोग से उसके बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री पार्टनरशिप प्रोग्राम (BIPP) के तहत विकसित किया गया है।
- इसे फार्मा कंपनी "वॉकहार्ट" ने "मिक्नाफ" (Miqnaf) ब्रांड नाम से बाजार में लॉन्च किया है।
- इसे कम्युनिटी-एक्वायर्ड बैक्टीरियल निमोनिया (CABP) के इलाज के लिए विकसित किया गया है।
- CABP दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होने वाली एक गंभीर बीमारी है। यह बीमारी बच्चों, बुजुर्गों जैसे सुभेद्य वर्गों को प्रभावित करती है।
- यह दवा अभी उपलब्ध दवाओं की तुलना में दस गुना अधिक असरदार है। साथ ही, यह रोगियों के लिए सुरक्षित, तेज़ गति से असर करने वाली और कम साइड इफ़ेक्ट वाली दवा है।
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1 source- IPSN ने बीमारी के खतरों को समझने के लिए अनुदान के पहले दौर की घोषणा की।
IPSN के बारे में
- इसे 2021 में WHO हब फॉर पैनडेमिक एंड एपिडेमिक इंटेलिजेंस के तहत बर्लिन में स्थापित किया गया था। इसका उद्देश्य विश्व में स्वास्थ्य आपात स्थितियों का पता लगाना और प्रतिक्रिया देने के लिए बेहतर डेटा, विश्लेषण एवं निर्णय प्रदान करना है।
- IPSN के तहत रोगजनक जीनोमिक निगरानी (PGS) अभिकर्ताओं का एक नया वैश्विक नेटवर्क है। यह नेटवर्क वैश्विक पहुंच और समता में सुधार के लिए अपने सदस्यों के कार्यों को गति प्रदान करता है।
- PGS वायरस, बैक्टीरिया, कवक और परजीवी जैसे रोगजनकों की आनुवंशिक सामग्री (जीनोम) की निगरानी एवं विश्लेषण करता है।
- IPSN उत्प्रेरक अनुदान निधि रोगजनक जीनोमिक विश्लेषण में निम्न और मध्यम आय वाले देशों से भागीदारों की क्षमताओं का निर्माण करने के लिए उन्हें समर्थन प्रदान करती है।
भारतीय तटरक्षक बल (ICG) कोच्चि में राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास और कार्यशाला (SAREX-24) का 11वां संस्करण आयोजित करेगा।
- इसका आयोजन राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव (NMSAR) बोर्ड के तहत किया जाएगा।
SAREX-24 के बारे में
- थीम: क्षेत्रीय सहयोग के माध्यम से खोज एवं बचाव क्षमताओं को बढ़ाना।
- यह अभ्यास भारतीय खोज एवं बचाव क्षेत्र (ISRR) और उससे बाहर के क्षेत्रों में किसी भी स्थान पर, किसी भी देश के नागरिक को तथा किसी भी परिस्थिति में बड़ी विपदाओं के दौरान सहायता प्रदान करने की ICG की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने ‘नई चेतना-पहल बदलाव की’ नामक राष्ट्रीय अभियान के तीसरे संस्करण का शुभारंभ किया।
नई चेतना-पहल बदलाव की’ अभियान के बारे में
- इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर अलग-अलग पहलों के माध्यम से महिलाओं के खिलाफ हिंसा के सभी रूपों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और लक्षित कार्रवाई को बढ़ावा देना है।
- यह अभियान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के तत्वावधान में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
- इस पहल के तहत, 13 राज्यों में 227 नए जेंडर रिसोर्स सेंटर्स का उद्घाटन किया गया।
- इस अभियान का नारा है- “एक साथ, एक आवाज, हिंसा के खिलाफ।”