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केंद्र ने SASCI योजना के तहत रामप्पा सर्किट के विकास के लिए ऋण को मंजूरी प्रदान की।

रामप्पा मंदिर के बारे में

  • इसे काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह तेलंगाना में अवस्थित है। यह एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
  • प्राचीर से घिरे इस मंदिर में मुख्य मंदिर भगवान शिव का है। रुद्रेश्वर मंदिर का निर्माण 1213 ई. में काकतीय राजा गणपति देव के शासनकाल में उसके सेनापति रेचारला रुद्र द्वारा करवाया गया था। काकतीय काल 1123-1323 ईस्वी  तक रहा था। 
  • मंदिर का निर्माण बलुआ पत्थर से किया गया है। इसमें अलंकृत ग्रेनाइट और डॉलराइट के बीम एवं स्तंभों पर जटिल नक्काशी की गई है।
  • इसमें हल्की छत संरचनाओं के लिए हल्की झरझरा ईंटों (तथाकथित ‘तैरने वाली ईंटों’) से बना एक अद्भुत और पिरामिडनुमा विमान (क्षैतिज सीढ़ीदार बुर्ज) है।
  • काकतीय शासकों ने वेसर स्थापत्य कला की चालुक्य शैली को अपनाया था।

आठ कोर उद्योगों के सूचकांक में अक्टूबर 2023 की तुलना में अक्टूबर 2024 में 3.1% की वृद्धि दर्ज की गई थी।

‘आठ कोर उद्योगों के सूचकांक’ के बारे में

  • यह सूचकांक अर्थव्यवस्था के 8 कोर क्षेत्रकों के अलग-अलग और सामूहिक प्रदर्शन को मापता है। 
    • ये 8 क्षेत्रक या उद्योग हैं- कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और विद्युत। 
  • ये आठ कोर उद्योग औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में शामिल मदों के 40.27% भारांश का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • उद्योग  संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) का आर्थिक सलाहकार का कार्यालय प्रति माह आठ कोर उद्योगों का सूचकांक संकलित करता है और जारी करता है।

भारत को 2025-2026 की अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना आयोग में फिर से चुना गया है।

संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना आयोग के बारे में

  • स्थापना: इसकी स्थापना 2005 में हुई थी। यह एक अंतर-सरकारी सलाहकार निकाय है। 
    • यह संघर्ष से प्रभावित देशों में शांति बहाली प्रयासों में मदद करता है।
  • संरचना: 31 सदस्य देश। ये देश संयुक्त राष्ट्र महासभा, सुरक्षा परिषद तथा आर्थिक और सामाजिक परिषद से चुने जाते हैं।
    • संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में सबसे अधिक वित्तीय योगदान देने वाले देश और सैन्य बल के रूप में योगदान देने वाले देश भी इसके सदस्य हैं।
  • कार्य और भूमिका: 
    • संसाधन जुटाने के लिए सभी हितधारक भागीदारों को एक साथ लाना; 
    • संघर्ष के बाद शांति बहाली के लिए रणनीतियों पर सलाह देना और 
    • समुदायों को संघर्ष से उबरने में मदद करना।
  • भारत संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना मिशनों में वर्दीधारी कर्मियों में सबसे अधिक योगदान देने वाला देश है। 
    • भारत के 6,000 से अधिक कर्मी वर्तमान में दुनिया भर के शांति बहाली मिशनों में तैनात हैं।

संयुक्त राष्ट्र सभ्यताओं के गठबंधन (UNAOC) के 10वें वैश्विक मंच ने पुर्तगाल में कास्केस घोषणा-पत्र को अपनाया।

UNAOC के बारे में 

  • UNAOC की स्थापना 2005 में हुई थी। यह संघर्ष की रोकथाम और संघर्ष समाधान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के सॉफ्ट-पावर राजनीतिक साधन के रूप में कार्य करता है। 
  • उद्देश्य: सहिष्णुता और शांतिपूर्ण अस्तित्व के सिद्धांतों को बढ़ावा देना तथा संस्कृतियों के बीच संपर्क सेतु का निर्माण करना।

घोषणा-पत्र के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर:

  • अलग संस्कृतियों और धर्मों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के साधन के रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमता को स्वीकार किया गया।
    • उदाहरण के लिए, भ्रामक सूचना, हेट स्पीच आदि से निपटने में।
  • संवाद, शांति बहाली और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने में समावेशी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिवर्तनकारी शिक्षा की केंद्रीय भूमिका को स्वीकार किया गया।

राज्य सभा सभापति ने नियम 267 के बार-बार इस्तेमाल पर चिंता प्रकट की। 

नियम 267 के बारे में

  • नियम 267 राज्य सभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन से संबंधित एक महत्वपूर्ण नियम है। सभापति की मंजूरी के साथ यह नियम राज्य सभा में किसी आवश्यक और तत्काल विषय पर चर्चा करने के लिए दिन के निर्धारित एजेंडे पर नियमों को निलंबित करने की अनुमति देता है।
  • इस नियम के तहत, राज्य सभा के सदस्य सभी सूचीबद्ध कार्यों को निलंबित करने और देश के सामने आने वाले महत्त्व के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक लिखित नोटिस दे सकते हैं।

हाल ही में, उपासना स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991 कुछ धार्मिक स्थलों के सर्वेक्षण पर अपील दायर करने के कारण चर्चा में था। 

उपासना स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991 के बारे में 

  • यह किसी भी उपासना स्थल को पूरी तरह या आंशिक रूप से किसी दूसरे धर्म के उपासना स्थल में बदलने पर रोक लगाता है। 
  • यह 15 अगस्त, 1947 की स्थिति के अनुसार किसी भी उपासना स्थल के धार्मिक स्वरूप को बनाए रखने का प्रावधान करता है।  
  • अधिनियम से छूट:
    • प्राचीन संस्मारक और पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत आने वाला कोई भी उपासना स्थल जिसे प्राचीन एवं ऐतिहासिक संस्मारक या पुरातात्विक स्थल या अवशेष कहा जाता है।
    • पूर्ववर्ती अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद।

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के आगामी एक्सिओम-4 मिशन के लिए चयनित भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों ने प्रशिक्षण का प्रारंभिक चरण पूरा कर लिया है।

एक्सिओम मिशन 4 (AX-4)

  • Ax-4 अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए चौथा निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन है।
    • यह मिशन स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट के माध्यम से लॉन्च किया जाएगा। यात्री ISS तक पहुंचने के लिए रॉकेट के जरिये प्रक्षेपित किए जाने वाले ड्रैगन अंतरिक्ष यान का उपयोग करेंगे।  
  • एक्सिओम मिशन को नासा और एक निजी अमेरिकी कंपनी एक्सिओम स्पेस द्वारा संयुक्त रूप से समन्वित किया गया है।
    • Ax-1 पहला पूर्ण-निजी मिशन था, जिसे 2022 में लॉन्च किया गया था।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने सर्पदंश (Snakebite) के मामलों और इससे होने वाली मौतों को ‘सूचित करने योग्य बीमारी’ के रूप में नामित किया है।

  • इससे पहले, मंत्रालय ने सर्पदंश की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPSE) जारी की थी। इसका उद्देश्य 2030 तक सर्पदंश से होने वाली मौतों और दिव्यांगता के मामलों को आधा करना है। 

सूचित करने योग्य बीमारियां क्या हैं?

  • कानून के तहत ऐसी बीमारियों के किसी भी नए मामले के बारे में सरकारी अधिकारियों को सूचित करना आवश्यक है।
    • किसी भी बीमारी को अधिसूचित घोषित करने और उसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है।
    • बीमारियों पर सूचना एकत्र होने से सरकारी एजेंसियों को बीमारी के प्रसार पर निगरानी रखने और संभावित प्रकोप की प्रारंभिक चेतावनी देने में मदद मिलती है।
  • अन्य अधिसूचित बीमारियां हैं: एड्स, हेपेटाइटिस, डेंगू, आदि।
  • WHO के अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के अनुसार, बीमारी के किसी नए मामले के बारे में WHO को रिपोर्ट करना आवश्यक है।
    • इससे बीमारियों के प्रसार पर वैश्विक निगरानी रखने और उस पर सलाह जारी करने में मदद मिलती है।
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