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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

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भारत ने नई दिल्ली में आयोजित समुद्री वित्त-पोषण शिखर सम्मेलन 2025 में समुद्री विकास कोष का प्रस्ताव रखा है।

  • समुद्री विकास निधि (MDF): एक समर्पित मिश्रित वित्त साधन है। इसका उद्देश्य पूंजीगत लागत को कम करना तथा शिपयार्ड, तटीय अवसंरचना और अंतर्देशीय जलमार्गों में दीर्घकालिक निवेश को आकर्षित करना है।
  • समुद्री क्षेत्रक को समर्थन देने वाली हालिया पहलें:
    • भारत के बंदरगाहों पर जहाजों के टर्नअराउंड टाइम (आने-जाने का समय) को 1 दिन से कम किया गया है।
    • शिपिंग क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को मंजूरी दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया है कि, भारत-UAE DTAA के तहत स्थायी प्रतिष्ठान के रूप में किसी कंपनी के अस्थायी या साझा उपयोग वाले प्रतिष्ठान को भी शामिल किया जा सकता है। यह आवश्यक नहीं है कि, स्थायी प्रतिष्ठान कंपनी के निजी स्वामित्व के अधीन ही हो। 

दोहरा कराधान परिहार समझौते (DTAA) के बारे में

  • DTAA दो या दो से अधिक देशों के बीच एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है, जिसका उद्देश्य एक ही आय पर दोनों देशों में कर लगने से रोकना है।
  • DTAA यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि NRI/ भारतीय मूल के व्यक्ति (POI)/ भारत के प्रवासी नागरिक (OCI) को अत्यधिक अंतर्राष्ट्रीय कर बोझ या नकदी बहिर्वाह का सामना न करना पड़े।
  • भारत ने अल्बानिया, आर्मेनिया, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया आदि विभिन्न देशों के साथ 94 DTAAs पर हस्ताक्षर किए हैं।
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IIT गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने बायोडिग्रेडेबल पॉलिमर के साथ बम्बूसा टुल्डा का उपयोग करके ऑटोमोबाइल के लिए एक पर्यावरण-अनुकूल बांस कम्पोजिट विकसित किया है 

बम्बूसा टुल्डा के बारे में

  • प्रकार: गुच्छ-दार सदाबहार/ पर्णपाती बांस।
  • वृद्धि दर: यह बहुत तेज गति से बढ़ने वाला बांस है।
  • खेती: यह भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड में पाया जाता है; 1500 मीटर की ऊंचाई तक के आर्द्र निचले उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगता है।
  • मोनोकार्पिक: इसमें 25-40 वर्षों में एक बार फूल आते हैं, फिर सूख जाते हैं।
  • स्थानीय नाम: जति बान (असम), मृटिंगा (त्रिपुरा), कांटे रहित भारतीय बांस
  • उपयोग
    • खाने योग्य अंकुर: इसका स्वाद थोड़ा कड़वा, आमतौर पर अचार के जैसा होता है।
    • औषधीय महत्व: इसकी सिलिकियस स्राव को कामोत्तेजक और टॉनिक के रूप में उपयोग किया जाता है।
    • अन्य उपयोग: अगरबत्ती, लकड़ी, कागज, हस्तशिल्प, आदि में।

इसरो संप्रभु अवस्थिति निर्धारण क्षमता (sovereign positioning capability) को बढ़ाने के लिए तीन अगली पीढ़ी के नाविक उपग्रहों के प्रक्षेपण की तैयारी कर रहा है।

भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली (IRNSS) के बारे में

  • IRNSS, को नाविक/NAVIC (नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन) के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह भारत की स्वतंत्र क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली है।
  • विकासकर्ता: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ( इसरो)
  • उद्देश्य: इसे भारत में तथा इसकी सीमाओं से 1500 किमी तक की सटीक अवस्थिति  का डेटा उपलब्ध कराने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • सेवाओं के प्रकार
    • मानक अवस्थिति निर्धारण सेवा (SPS): सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध।
    • प्रतिबंधित सेवा (RS): एन्क्रिप्टेड; केवल सेना जैसे अधिकृत उपयोगकर्ताओं के लिए।

हाल ही में प्रधान मंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के तहत तीसरी अधिकार प्राप्त समिति (EC) की बैठक बुलाई गई थी।

पीएम विकास योजना के बारे में

  • योजना का प्रकार: केन्द्रीय क्षेत्रक की योजना।
  • संबंधित मंत्रालय: अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय।
  • यह पांच पूर्ववर्ती योजनाओं 'सीखो और कमाओ', 'नई मंजिल', 'नई रोशनी', 'उस्ताद' और 'हमारी धरोहर' को एकीकृत करती है और छह अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के उत्थान पर केंद्रित हैं।
  • छह अधिसूचित अल्पसंख्यक हैं: मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के पर्यावरणीय प्रवाह (ई-फ्लो) पर केंद्रित एक बैठक की अध्यक्षता की।

पर्यावरणीय प्रवाह (ई-प्रवाह):

  • इसका अर्थ है जल की वह मात्रा, समय और गुणवत्ता जो ताजे पानी के पारिस्थितिक तंत्रों और उन पर निर्भर रहने वाले लोगों की आजीविका को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
  • लाभ: नदियों और उनके मुहाने की पारिस्थितिक अखंडता को बनाए रखता है।
  • नदियों के प्रवाह में बड़े पैमाने पर मानवीय हस्तक्षेप, जैसे कि- बांधों का निर्माण, प्रदूषण और अतिक्रमण, ने नदियों के पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
    • इन्हीं समस्याओं का समाधान करने के लिए "पर्यावरणीय प्रवाह" की अवधारणा पेश की गई है।

राष्ट्रपति भवन के कला उत्सव-2025 ' आवासीय कलाकार कार्यक्रम' के भाग के रूप में सोहराय, पट्टचित्र और पटुआ कला के कलाकारों ने राष्ट्रपति से भेंट की।

कला के बारे में:

  • सोहराय: यह झारखंड का एक फसल आधारित उत्सव है। .
    • यह सदान, उरांव, मुंडा और संथाल समुदायों द्वारा मनाया जाता है।
  • पट्टचित्र: पट्टचित्र ओडिशा की एक पारंपरिक, कपड़े पर आधारित स्क्रॉल पेंटिंग है।
    • इसका नाम संस्कृत शब्दों "पट्ट" (कपड़ा) और "चित्र" (पेंटिंग) के मेल से बना है।
  • पटुआ: यह पश्चिम बंगाल की पारंपरिक लोकचित्र कला है। इसे भी कपड़े पर बनाया जाता है, जिसे पट्टी (या पट्टा) कहते हैं।
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