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भारत की राष्ट्रपति ने राज्य सभा में चार नए सदस्यों को मनोनीत किया।

राज्यसभा के मनोनीत सदस्यों के बारे में

  • संवैधानिक प्रावधान:
    • अनुच्छेद 80 के अनुसार, राज्य सभा में अधिकतम 238 निर्वाचित सदस्य और 12 मनोनीत सदस्य हो सकते हैं।
    • अनुच्छेद 80(3) के तहत, राष्ट्रपति ऐसे 12 व्यक्तियों को मनोनीत करते हैं जिन्हें साहित्य, विज्ञान, कला या समाज सेवा के क्षेत्रों में विशेष ज्ञान या अनुभव प्राप्त हो।
  • मंत्रालय की भूमिका: भारत सरकार (कार्य आवंटन) नियम, 1961, के तहत राज्यसभा में नामांकन की प्रक्रिया केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा संचालित की जाती है।
    • राष्ट्रपति द्वारा नामांकन के बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय नए सदस्यों के मनोनयन को अधिसूचित करता है।
  • कोर्ट का फैसला: 2012 में, दिल्ली हाई कोर्ट ने राम गोपाल सिंह सिसोदिया बनाम भारत संघ मामले में अनुच्छेद 80(3) के तहत राज्य सभा में सचिन तेंदुलकर को मनोनीत करने की अधिसूचना को सही ठहराया था।

भारत जल्द ही अपने पहले वेदर डेरिवेटिव्स शुरू करने जा रहा है। 

  • इसके तहत नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (NCDEX) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मिलकर वर्षा से जुड़े जोखिमों पर आधारित डेरिवेटिव उत्पाद विकसित कर रहे हैं।
  • ये वित्तीय साधन किसानों और संबद्ध क्षेत्रकों को अनियमित वर्षा, हीटवेव्स और मौसम में असामयिक बदलाव जैसे खतरों से होने वाले वित्तीय नुकसान से निपटने में मदद करेंगे।
  • इसमें IMD का ऐतिहासिक और रीयल-टाइम मौसम डेटा इस्तेमाल किया जाएगा। इन डेटा-सेट्स के आधार पर ये डेरिवेटिव्स स्थान-विशिष्ट, मौसम आधारित अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) प्रदान करेंगे। ये सांख्यिकीय रूप से सत्यापित डेटा सेट्स पर आधारित होंगे।

वेदर डेरिवेटिव्स क्या हैं?

  • सामान्य डेरिवेटिव्स वित्तीय संपत्तियों (इंडेक्स या शेयर) पर आधारित होते हैं, वहीं वेदर डेरिवेटिव्स में वर्षा, तापमान जैसे मौसम संबंधी मापदंडों को अंडरलाइंग एसेट्स के रूप में उपयोग किया जाता है। ये मापदंड पूर्व निर्धारित मौसम सूचकांक से जुड़े होते है।   
  • चूंकि वेदर डेरिवेटिव्स का कोई अंतर्निहित मूल्य नहीं होता, इसलिए इन्हें अपूर्ण बाज़ार का हिस्सा माना जाता है।
  • विश्व स्तर पर, ऐसे उत्पादों में ओवर-द-काउंटर ट्रेडिंग 1990 के दशक में शुरू हुई थी। भारत अब इस क्षेत्र में अपना पहला बड़ा कदम उठा रहा है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आर्बोवायरल रोगों से निपटने के लिए अपने पहले एकीकृत दिशा-निर्देश जारी किए।

आर्बोवायरल रोग क्या है?

  • आर्बोवायरल रोग में डेंगू, चिकनगुनिया, जीका, पीत-ज्वर (येलो फीवर) जैसी बीमारियां शामिल हैं।
  • ये बीमारियां मुख्य रूप से एडीस मच्छरों के माध्यम से फैलती हैं।
  • जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और लोगों की एक जगह से दूसरी जगह आवाजाही बढ़ने के कारण इन बीमारियों के संक्रमण में वृद्धि हो रही है।
    • विश्व के लगभग 5.6 बिलियन से अधिक लोगों पर इन बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
  • चूंकि इन बीमारियों के प्रारंभिक लक्षण अक्सर समान होते हैं और कुछ क्षेत्रों में एक साथ भी हो सकते हैं, इसलिए क्लिनिकल परीक्षणों से इनकी पहचान मुश्किल हो जाती है।
  • WHO ने ज़ोर दिया है कि इन रोगों के लगातार बढ़ते प्रकोप, इनकी गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए एकीकृत क्लीनिकल अप्रोच अपनाने की आवश्यकता है।

नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) के डेटा का उपयोग करके खगोलविदों ने TOI-1846 नामक एक नया सुपर-अर्थ खोजा है।

  • यह एक्सोप्लैनेट पृथ्वी के आकार का लगभग दोगुना है। यह 154 प्रकाश-वर्ष दूर एक लाल बौने तारे की परिक्रमा करता है। 
    • इस सुपर अर्थ पर अधिक मात्रा में जल उपलब्ध होने की संभावना है।

सुपर-अर्थ के बारे में

  • सुपर-अर्थ वे ग्रह होते हैं जो हमारे सौरमंडल से बाहर स्थित होते हैं यानी ये एक्सोप्लैनेट होते हैं। इनका नाम केवल इनके आकार और द्रव्यमान के आधार पर रखा गया है, न कि पृथ्वी जैसी विशेषताओं के आधार पर
  • आकार और द्रव्यमान: ये ग्रह पृथ्वी से बड़े (लगभग दो गुना तक) और उससे अधिक भारी (पृथ्वी से लगभग 10 गुना अधिक द्रव्यमान) होते हैं। हालांकि ये नेपच्यून से हल्के होते हैं।
  • अनिश्चित प्रकृति: सुपर-अर्थ हमारे सौरमंडल के किसी भी ग्रह के समान नहीं हैं, और इनकी वास्तविक संरचना अभी भी स्पष्ट नहीं है।  
  • अन्य नाम: बड़े सुपर-अर्थ को कभी-कभी सब-नेपच्यून या मिनी-नेपच्यून भी कहा जाता है।  

भारतीय उर्वरक कंपनियों ने सऊदी अरब के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत भारत को अगले पांच वर्षों तक प्रतिवर्ष 3.1 मिलियन मीट्रिक टन DAP (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की आपूर्ति की जाएगी।

डाई अमोनियम फास्फेट (DAP) के बारे में

  • यह दो प्रमुख पोषक तत्वों; फॉस्फोरस और नाइट्रोजन से बना होता है जो फसलों में नए ऊतक निर्माण एवं प्रोटीन संश्लेषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • DAP विश्व का सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला फॉस्फोरस युक्त उर्वरक है क्योंकि यह अत्यधिक घुलनशील होता है और मृदा में जल्दी घुल जाता है।
  • भारत कृषि क्षेत्रक में विश्व में  DAP का सबसे बड़ा उपभोक्ता है।
  • पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) योजना के तहत, P&K उर्वरकों (जैसे; DAP) पर पोषक तत्वों की मात्रा के आधार पर वार्षिक निश्चित सब्सिडी दी जाती है।
  • अन्य क्षेत्रकों में DAP के उपयोग: इसे अग्निरोधी (फायर रिटार्डेंट),  मेटल फिनिशिंग आदि में भी उपयोग किया जाता है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया है कि किसानों को नैनो उर्वरकों और बायोस्टिमुलेंट्स की जबरन बिक्री तुरंत रोकी जाए

नैनो उर्वरकों और बायोस्टिमुलेंट्स के बारे में:

  • नैनो उर्वरक:  ये ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो 100 नैनोमीटर या उससे कम आकार के नैनोमेटेरियल में संपुटित (encapsulated) या लेपित (coated) होते हैं।
    • नैनोपार्टिकल्स के उपयोग से पोषक तत्वों की नियंत्रित निकासी संभव होती है, जिससे उनके उपयोग की दक्षता बढ़ती है।
  • बायोस्टिमुलेंट्स:  ये ऐसे पदार्थ या सूक्ष्मजीव (substances and/or microorganisms) होते हैं जिन्हें पौधों या उनके जड़ क्षेत्र (rhizosphere) में डाला जाता है ताकि पौधों की प्राकृतिक प्रक्रियाओं को उत्प्रेरित किया जा सके, और इससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। यह प्रभाव पोषक तत्वों की मात्रा से स्वतंत्र होता है।
    • प्रमुख बायोस्टिमुलेंट्स: ह्यूमिक एसिड, सीवीड से प्राप्त अर्क, तरल खाद कंपोस्ट, लाभकारी बैक्टीरिया और कवक।

ICMR के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी के अनुसार, भारत में अधिक नमक खाने की आदत महामारी को दस्तक दे रहा है।   

नमक का सेवन:

  • अध्ययन दर्शाते हैं कि शहर में रहने वाले भारतीय प्रतिदिन लगभग 9.2 ग्राम और ग्रामीण भारतीय लगभग 5.6 ग्राम नमक का सेवन करते हैं। दोनों ही मामले में WHO की प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक सेवन की अनुशंसा से अधिक खपत है।
  • अत्यधिक नमक का सेवन भारत में एक मूक महामारी को आमंत्रण दे रहा है। नमक के अधिक सेवन से लोगों में हाइपरटेंशन, स्ट्रोक, हृदय रोग, और किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
  • एक संभावित समाधान है लो-सोडियम नमक विकल्पों का उपयोग- इनमें कुछ सोडियम क्लोराइड को पोटेशियम या मैग्नीशियम से बदला जाता है।  
  • मुख्य पहलें:
    • ICMR की "कम्युनिटी-लेड सॉल्ट रिडक्शन" पहल और 
    • #PinchForAChange हैशटैग के साथ सोशल मीडिया अभियान।

फ्रांस ने न्यू कैलेडोनिया को अधिक स्वायत्तता देने के लिए एक समझौते की घोषणा की है। 

  • इस समझौते के अनुसार, न्यू कैलेडोनिया को "ए स्टेट ऑफ न्यू कैलेडोनिया" का दर्जा मिलेगा जो फ्रांसीसी गणराज्य के भीतर एक अर्ध-स्वायत्त प्रशांत क्षेत्र होगा। इससे इस क्षेत्र को अधिक स्वायत्तता मिलेगी, लेकिन पूर्ण स्वतंत्रता नहीं मिलेगी।

न्यू कैलेडोनिया के बारे में

  • अवस्थिति: यह प्रशांत महासागर में एक फ्रांसीसी ओवरसीज क्षेत्र है।
  • इतिहास: 1840 के दशक के दौरान, द्वीपवासियों को यूरोपीय व्यापारियों द्वारा गुलाम बनाने के लिए या गन्ने के खेतों में जबरन श्रमिक के रूप में काम कराने के लिए अपहरण किया गया। 
    • 1853 में फ्रांस ने इस द्वीप को अपने अधीन कर लिया।
  • वर्तमान स्थिति: इस द्वीप के देशज कनक (Kanak) समुदाय और यूरोपीय निवासियों के बीच स्वतंत्रता के मुद्दे को लेकर गहरा मतभेद है।
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