लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल-वेव ऑब्जर्वेटरी (लिगो) (Laser Interferometer Gravitational-Wave Observatory: LIGO) | Current Affairs | Vision IAS

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लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल-वेव ऑब्जर्वेटरी (लिगो) (Laser Interferometer Gravitational-Wave Observatory: LIGO)

31 Mar 2026
1 min

In Summary

  • लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) को महाराष्ट्र के हिंगोली में एलआईजीओ-इंडिया सुविधा के निर्माण के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) से एक अनुबंध प्राप्त हुआ है।
  • नेशनल साइंस फाउंडेशन द्वारा वित्त पोषित और कैलटेक/एमआईटी द्वारा संचालित वैश्विक गुरुत्वाकर्षण-तरंग वेधशाला, LIGO, अंतरिक्ष-समय तरंगों का पता लगाने के लिए लेजर इंटरफेरोमीटर का उपयोग करती है।
  • डीएई और डीएसटी की एक पहल, एनएसएफ (यूएसए) के सहयोग से शुरू की गई LIGO-India का उद्देश्य वैश्विक नेटवर्क के हिस्से के रूप में गुरुत्वाकर्षण-तरंग स्रोत का पता लगाने की सटीकता को बढ़ाना है।

In Summary

सुर्खियों में क्यों? 

लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में 'लिगो-इंडिया' सुविधा के निर्माण हेतु परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) का अनुबंध प्राप्त किया है।

लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल-वेव ऑब्जर्वेटरी (LIGO) के विषय में

  • LIGO विश्व की सबसे बड़ी गुरुत्वीय-तरंग वेधशाला है, जो लेजर व्यतिकरणमिति (इंटरफेरोमेट्री) का उपयोग करके दिक्-काल में उत्पन्न होने वाली तरंगों का पता लगाती है।
  • गुरुत्वीय तरंगें दिक्-काल में उत्पन्न वे 'तरंगें' हैं जो ब्रह्मांड की कुछ सबसे हिंसक और अत्यधिक ऊर्जावान प्रक्रियाओं के कारण उत्पन्न होती हैं।
    • अल्बर्ट आइंस्टीन ने 1916 में अपने 'सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत' के परिणामस्वरूप इनकी भविष्यवाणी की थी।
    • ये प्रकाश की गति (लगभग 186,000 मील प्रति सेकंड) से यात्रा करती हैं।
    • जब ये तरंगें गुजरती हैं, तो ये अपने मार्ग में आने वाली किसी भी वस्तु/पिंड को संकुचित और विस्तारित कर देती हैं।
  • प्रत्येक भौतिक वस्तु जो त्वरित होती है, वह गुरुत्वीय तरंगें उत्पन्न करती है।
    • हालांकि, पृथ्वी पर मौजूद वस्तुओं का द्रव्यमान और त्वरण इतना कम होता है कि उनसे उत्पन्न गुरुत्वीय तरंगें इतनी बड़ी नहीं होती कि उनका पता लगाया जा सके।
  • पहचाने जाने योग्य गुरुत्वीय तरंगें उत्पन्न करने वाली घटनाओं के कुछ उदाहरण:
    • जब किसी तारे में असममित रूप से विस्फोट होता है (जिसे सुपरनोवा कहा जाता है)।
    • जब दो बड़े तारे एक-दूसरे की परिक्रमा करते हैं।
    • जब दो ब्लैक होल एक-दूसरे की परिक्रमा करते हैं और आपस में विलीन हो जाते हैं।
    • जब दो न्यूट्रॉन तारे आपस में टकराते हैं। (LIGO डिटेक्टरों द्वारा 2017 में GW170817 तरंग का इसी प्रकार पता लगाया गया था)
  • वित्तपोषण एवं संचालन: यह 'नेशनल साइंस फाउंडेशन' (USA) द्वारा समर्थित है तथा 'कैलिफोर्निया प्रौद्योगिकी संस्थान' (Caltech) और 'मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान' (MIT) द्वारा संचालित की जाती है।
  • प्रौद्योगिकी: दिक्-काल में होने वाली अत्यंत सूक्ष्म विकृतियों को मापने के लिए इसमें L-आकार में व्यवस्थित दो 4-किलोमीटर लंबी भुजाओं वाले लेजर इंटरफेरोमीटर का उपयोग किया जाता है।
  • डिटेक्टर: अमेरिका में लगभग 3000 किलोमीटर की दूरी पर दो मुख्य वेधशालाएं अवस्थित हैं। ये हैं – हैनफोर्ड (वाशिंगटन) और लिविंगस्टन (लुइसियाना) में अवस्थिति हैं।
  • वैश्विक नेटवर्क: यह इटली के 'वर्गो डिटेक्टर', जापान के 'कगरा' (KAGRA) और जर्मनी के 'GEO600' जैसे अन्य डिटेक्टरों के साथ मिलकर कार्य करता है।
  • नोबेल पुरस्कार (2017): रेनर वीस, बैरी सी. बैरिश, और किप थॉर्न को 'LIGO-VIRGO परियोजना' में उनके योगदान और गुरुत्वीय तरंगों की खोज (2015) के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।

लिगो-इंडिया (LIGO-India)

  • इंडिगो (InDIGO - गुरुत्वीय-तरंग अवलोकनों में भारतीय पहल): यह गुरुत्वीय-तरंग खगोल विज्ञान में एक बहु-संस्थागत भारतीय राष्ट्रीय परियोजना के लिए उन्नत प्रायोगिक सुविधाएं स्थापित करने की पहल है। (लिगो-इंडिया की स्थापना के लिए भागीदारी)।
  • प्रकृति (Nature): लिगो-इंडिया, भारत में एक नियोजित गुरुत्वीय-तरंग वेधशाला है जो गुरुत्वीय तरंगों का अध्ययन करने वाले डिटेक्टरों के वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा बनेगी।
  • अवस्थिति: औंध, हिंगोली जिला, महाराष्ट्र।
  • कार्यान्वयन: परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा नेशनल साइंस फाउंडेशन (USA) के सहयोग से कार्यान्वयन किया जा रहा है।
  • उद्देश्य: विश्व स्तर पर वितरित डिटेक्टर नेटवर्क के माध्यम से आकाश में गुरुत्वीय-तरंग स्रोतों की पहचान की सटीकता और उनके स्थानीयकरण में सुधार करना।
  • भारत के लिए महत्त्व: खगोल भौतिकी अनुसंधान नेतृत्व का विकास; तकनीकी उन्नति; औद्योगिक सहयोग; अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और कूटनीति आदि।

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Department of Science and Technology (DST)

A nodal agency of the Government of India responsible for formulating and implementing policies and programmes related to science and technology.

Department of Atomic Energy (DAE)

An Indian government agency responsible for all aspects of atomic energy, including research, development, and peaceful applications of nuclear technology. It plays a key role in India's nuclear power program and international collaborations related to nuclear materials.

IndIGO (Indian Initiative in Gravitational-Wave Observations)

A multi-institutional Indian national project aimed at establishing advanced experimental facilities for gravitational-wave astronomy. It is the precursor to LIGO-India, seeking to create a gravitational-wave detector network in India.

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