केंद्रीय गृह मंत्री ने असम के कछार जिला से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) का दूसरा चरण 20 फरवरी, 2026 को शुरू किया।
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) के बारे में
- मुख्य उद्देश्य:
- समृद्ध और सुरक्षित सीमाएं सुनिश्चित करना,
- सीमा-पार से होने वाले अपराध की रोकथाम,
- सीमा क्षेत्रों की आबादी को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ना,
- लोगों में यह भावना विकसित करना कि वे सीमा सुरक्षा बलों की “आँख और कान” बनें—जो आंतरिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- लक्ष्य: सीमा से सटे चिन्हित ब्लॉकों के सभी गांवों को चार विषयगत क्षेत्रों में लक्ष्य की पूर्ण प्राप्ति सुनिश्चित करना है। चार विषयगत क्षेत्र हैं:
- हर मौसम में उपयोग वाला सड़क संपर्क
- टेलीकॉम कनेक्टिविटी
- टेलीविजन कनेक्टिविटी
- विद्युतीकरण
- उपर्युक्त लक्ष्यों को विभिन्न योजनाओं में समन्वय के माध्यम से पूरा किया जाएगा।
- वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-I: यह 2023 में शुरू की गई केंद्र प्रायोजित योजना थी। इसमें देश की उत्तरी सीमा से सटे चयनित गांवों के विकास पर जोर दिया गया।
- वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II: यह 2025 में स्वीकृत केंद्रीय क्षेत्रक योजना है। इस चरण में 15 राज्यों और 2 संघ राज्य क्षेत्रों की अंतर्राष्ट्रीय स्थलीय सीमाओं से सटे चिन्हित गांवों के विकास पर जोर दिया गया। इसमें देश की उत्तरी सीमा से सटे उन क्षेत्रों को शामिल नहीं किया गया जो VVP-I में शामिल थे।
Article Sources
1 source- अभ्यास 'खंजर': यह भारत और किर्गिस्तान के बीच प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है।
- अभ्यास मिलन: भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित द्विवार्षिक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास।
- अभ्यास धर्म गार्जियन: भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स के बीच आयोजित सैन्य अभ्यास।
- अभ्यास वज्र प्रहार: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु आयोजित अभ्यास।
- वायु शक्ति: भारतीय वायु सेना का प्रमुख फायर-पॉवर प्रदर्शन अभ्यास।
भारतीय नौसेना चेन्नई बंदरगाह पर INS अंजदीप को सेवा में शामिल करने के लिए तैयार है।
INS अंजदीप के बारे में
- यह 8 एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW SWC) की श्रृंखला का तीसरा पोत है।
- इसका नाम कर्नाटक के कारवार तट के पास स्थित 'अंजदीप’ नामक द्वीप के नाम पर रखा गया है।
- यह एक अत्याधुनिक पोत है। इसे विशेष रूप से तटीय युद्ध की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है।
- निर्माता: इसे गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता द्वारा बनाया गया है।
- इसे दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, उन पर नज़र रखने और उन्हें नष्ट करने के लिए 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में बनाया गया है।
- इसमें पूरी तरह स्वदेशी एंटी-सबमरीन वारफेयर हथियार और सेंसर उपकरण शामिल हैं। इनमें हिल-माउंटेड सोनार 'अभय' प्रमुख है।