सुर्खियों में क्यों?

आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 में हाल ही में भारत को 'उद्यमशील राज्य' की ओर बढ़ने की आवश्यकता बताई गई है। यह अवधारणा अर्थशास्त्री मारियाना माज़ुकाटो से ली गई है।
अन्य संबंधित बिंदु
- सर्वेक्षण में 'उद्यमशील राज्य' को रणनीतिक अनिवार्यता की दिशा में परिवर्तन का केंद्रीय तत्व बताया गया है।
- रणनीतिक अनिवार्यता: ऐसी क्षमताओं का निर्माण करना, जिन पर अन्य देश निर्भर हों, जिससे भारत केवल वैश्विक बाजार का सहभागी न रहकर स्थिरता और मूल्य का स्रोत बने।

उद्यमशील राज्य के सामने बाधाएं
- कार्रवाई पर दंड, निष्क्रियता पर सुरक्षा: अधिकारी नए और स्पष्ट समाधान अपनाने पर अधिक जोखिम में होते हैं, जबकि पुराने तरीकों का पालन करना सुरक्षित माना जाता है।
- अस्थायी उपायों का स्थायी बन जाना: अस्थायी उपाय स्थायी रूप ले लेते हैं, जिससे नए प्रयोगों में बाधा आती है। (जैसे: सब्सिडी या ऋण माफी योजना स्थायी प्रतिबद्धता बन जाती हैं।)
- पूर्वव्यापी संवीक्षा : अच्छे उद्देश्य से लिए गए निर्णयों की बाद में अंकेक्षण, सतर्कता और न्यायिक समीक्षा के माध्यम से जांच की जाती है, जिसमें उस समय की परिस्थितियों की अनिश्चितता को अनदेखा किया जाता है।
- उदाहरण: 2G स्पेक्ट्रम मामला, जहां लाइसेंस रद्द होने से नीति-निर्णय में ठहराव आ गया, जबकि बाद में आरोपियों को बरी कर दिया गया।
- समन्वय की चुनौती: राजनेताओं द्वारा लोकलुभावन नीतियां का दबाव और नौकरशाही के जोखिम से बचने का स्वभाव, नवाचार और साहसिक निर्णयों में बाधा उत्पन्न करता है।
- RTI अधिनियम के अनपेक्षित प्रभाव : आंतरिक विचार-विमर्श का अत्यधिक प्रकटीकरण, स्पष्ट चर्चा और जोखिम लेने की प्रवृत्ति को कम कर देता है, जिससे निर्णय अधिक सतर्क और रक्षात्मक हो जाते हैं।
निष्कर्ष
शासन व्यवस्था को केवल नियमों के कठोर अनुपालन से हटाकर गतिशील समस्या-समाधान प्रणाली में बदलने के लिए जवाबदेही और नवाचार से जुड़े वैश्विक सर्वोत्तम तरीकों को अपनाना आवश्यक है। इसके लिए जापान के "न्यायसंगत जवाबदेही" मॉडल को अपनाया जा सकता है जिसमें त्रुटिहीन परिणामों की अपेक्षा तर्कसंगत निर्णयों को प्राथमिकता दी जाती है। इसी तरह दक्षिण कोरिया में सीमित सुरक्षित वातावरण (bounded safe spaces) में प्रयोगों का मूल्यांकन बाद की परिस्थितियों की अपेक्षा उपलब्ध जानकारी के आधार पर किया जाता है। इस प्रकार प्रशासनिक तंत्र अधिकारियों को संतुलित और सोच-समझकर जोखिम लेने के लिए सक्षम बना सकता है।