कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क (CNPNs) | Current Affairs | Vision IAS
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दूरसंचार विभाग (DoT) ने कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क (CNPNs) की स्थापना के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साथ ही, CNPN बैंड की पहचान के लिए सरल संचार पोर्टल पर एक मॉड्यूल लॉन्च किया है।

CNPNs के बारे में:

  • अर्थ: CNPN एक स्थलीय वायरलेस दूरसंचार नेटवर्क होता है, जिसे निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र के भीतर सिर्फ निजी उपयोग के लिए स्थापित किया जाता है।
    • यह सार्वजनिक मोबाइल नेटवर्क से अलग होता है, जिसे टेलीकॉम कंपनियां संचालित करती हैं और यह सभी लोगों के लिए उपलब्ध होता है।
    • CNPNs किसी निजी संस्था द्वारा संचालित किए जाते हैं और सामान्य जनता के लिए उपलब्ध नहीं होते, इसलिए इनका उपयोग व्यावसायिक दूरसंचार सेवाएं देने के लिए नहीं किया जाता।
  • महत्त्व: यह नेटवर्क कंपनियों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करता है; इसमें डेटा, सुरक्षा और नेटवर्क पर पूरा नियंत्रण रहता है; यह उद्योगों के लिए अनुकूलित (टेलरमेड) समाधान प्रदान करता है।

सार्वजनिक क्षेत्रक के बैंकों द्वारा CD जारी करने में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है —यह 2022 में 6% थी, जो 2024 में बढ़कर 69% हो गई है।

CD के बारे में:

  • अर्थ: यह एक नेगोशिएबल मनी मार्केट साधन है, जिसे बैंक या पात्र वित्तीय संस्थान द्वारा एक निर्धारित समय अवधि के लिए जमा राशि के विरुद्ध डी-मैट के रूप में जारी किया जाता है।
    • इसे फेस वैल्यू (मूल्य) से कम कीमत पर जारी किया जाता है।
  • जारी करने वाले:
    • सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और स्थानीय क्षेत्रीय बैंक को छोड़कर)।
    • कुछ अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (FIs) जिन्हें RBI द्वारा अल्पकालिक संसाधन जुटाने की अनुमति प्राप्त है।
  • जिन्हें जारी किया जा सकता है:
    • व्यक्तियों, कॉर्पोरेशन, कंपनियों (बैंकों सहित) ट्रस्ट, फंड, एसोसिएशन।
    • अनिवासी भारतीयों (NRIs) को भी, लेकिन केवल गैर-प्रत्यावर्तन योग्य आधार (non-repatriable basis) पर।
  • जारी करने के दिशा-निर्देश: वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक वाशिंगटन (USA) में संपन्न हुई।

मुख्य बिंदु:

  • इसमें एक स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत के लिए मजबूत समर्थन की पुष्टि की गई तथा बलपूर्वक या दबाव डालकर क्षेत्रीय यथास्थिति में किसी भी बदलाव को खारिज किया गया।
  • एक नई कार्य सूची की शुरुआत की गई, जिसमें कुछ प्रमुख क्षेत्रकों पर ध्यान केंद्रित किया गया है: समुद्री और सीमा-पार सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला, उभरती हुई प्रौद्योगिकियां, मानवीय सहायता और आपातकालीन प्रतिक्रिया आदि।
  • आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की गई, विशेष रूप से अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की।
  • क्षेत्रीय वार्ता मंचों का समर्थन किया गया, जैसे: आसियान (ASEAN) की केंद्रीय भूमिका और एकता; पैसिफिक आइलैंड्स फोरम और प्रशांत क्षेत्र द्वारा संचालित अन्य प्रयास, इंडियन ओशियन रिम एसोसिएशन (IORA)।

क्वाड क्या है?

  • 'क्वाड्रीलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग (QSD)' के नाम से जाना जाने वाला क्वाड एक अनौपचारिक रणनीतिक मंच है।
  • इसमें चार देश शामिल हैं: अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान।

INS उदयगिरी, जो प्रोजेक्ट 17A के स्टील्थ फ्रिगेट्स में दूसरा युद्धपोत है, भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया।

प्रोजेक्ट 17A

  • यह परियोजना शिवालिक क्लास (प्रोजेक्ट 17) फ्रिगेट्स का अगला चरण है, जो पहले से सेवा में सक्रिय हैं।
    • फ्रिगेट एक बहु-भूमिका वाला युद्धपोत होता है। इसका उपयोग समुद्र में अन्य युद्धपोतों या हवाई खतरों से बेड़े (जैसे विमान वाहक, विध्वंसक आदि) की सुरक्षा के लिए किया जाता है।
  • प्रोजेक्ट 17A के जहाजों की विशेषताएं- बेहतर स्टील्थ और अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों से लैस, जो प्रोजेक्ट 17 क्लास की तुलना में एक महत्वपूर्ण उन्नति है।
  • ये मल्टी-मिशन फ्रिगेट्स हैं, जो 'ब्लू वॉटर' वातावरण (गहरे समुद्रों) में संचालन करने में सक्षम हैं, और भारत के समुद्री हितों वाले क्षेत्रों में पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों तरह के खतरों से निपट सकते हैं। 

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने डार्कनेट के जरिए चल रहे एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसे 'ऑपरेशन मेलन' नाम दिया गया।

ऑपरेशन मेलन के बारे में:

  • जब्त की गई वस्तुएं: LSD ब्लॉट्स, केटामाइन, और क्रिप्टोकरेंसी।
    •  LSD (लिसेर्जिक एसिड डाइ एथाइलामाइड) और केटामाइन दोनों बेहद शक्तिशाली 'हेल्यूसिनोजेनिक' (भ्रम पैदा करने वाली) ड्रग्स हैं।
      • हेल्यूसिनोजेन वे साइकोएक्टिव पदार्थ होते हैं जो व्यक्ति की देखने, सुनने, चखने, सूंघने और महसूस करने की क्षमता को बदल सकते हैं, साथ ही मूड और सोच को भी प्रभावित करते हैं।
    • केटामाइन एक ओपिऑइड (मादक) नहीं है, यह एक NMDA रिसेप्टर एंटागोनिस्ट होता है, जिसका अर्थ है कि यह मस्तिष्क में एन-मिथाइल-डी-एस्पर्टेट (NMDA) न्यूरोट्रांसमीटर को अवरुद्ध करता है।
  • अन्य खोज: अधिकारियों ने TAILS OS का भी पता लगाया —
    यह एक विशेष ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसका उपयोग डार्कनेट मार्केट्स तक पहुंचने के लिए किया जाता है।

SECI ने 60 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विद्युत खरीद समझौते (PSAs) निष्पादित किए।

SECI के बारे में

  • उत्पत्ति: इसे 2011 में राष्ट्रीय सौर मिशन के कार्यान्वयन के लिए स्थापित किया गया था।
  • यह नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के तहत एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्रक उद्यम है।
  • यह MNRE की योजनाओं के लिए नामित नवीकरणीय ऊर्जा कार्यान्वयन एजेंसी (REIA) है।
  • यह केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के अधीन श्रेणी-I (सबसे उच्च) विद्युत व्यापार लाइसेंसधारी के रूप में कार्य करता है।
  • विशेष कार्यक्रमों और क्षेत्रीय मॉडल्स का कार्यान्वयन: 
    • द्वीपों को हरित बनाना (जैसे लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार)।
    • ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्रिड से जुड़ी क्षमता का विकास (जैसे लद्दाख में प्रस्तावित 5 गीगावाट क्षमता)।

भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के वैज्ञानिकों ने लीवर के कैंसर की पहचान के लिए एक चमकने वाला पेपर सेंसर विकसित किया है।

  • यह β-ग्लूकुरोनिडेज नामक एंजाइम की उपस्थिति का पता लगाने के लिए टर्बियम की हरी चमक का उपयोग करता है। β-ग्लूकुरोनिडेज लीवर कैंसर के लिए एक महत्वपूर्ण बायोमार्कर है। 

टर्बियम के बारे में

  • यह आवर्त सारणी के लेन्थेनाइड समूह का एक रेयर-अर्थ मेटल है।
  • स्वरूप: यह एक नरम और चांदी जैसी चमक वाली धातु है।
  • उपस्थिति: इसे मोनाजाइट और बैस्टनेसाइट खनिजों से प्राप्त किया जा सकता है।
    • यह यूक्सेनाइट से भी प्राप्त होता है, जो 1% या अधिक टर्बियम युक्त एक जटिल ऑक्साइड है।
  • अनुप्रयोग: 
    • ठोस अवस्था वाले उपकरणों में।
    • कम ऊर्जा वाले बल्ब और मर्करी लैंप में।
    • मेडिकल एक्स-रे की सुरक्षा में।
    • लेजर उपकरणों में।

हाल ही में, ताइवान में एक मड वोल्केनो में विस्फोट हुआ।

मड वोल्केनो के बारे में

  • निर्माण: इसका निर्माण प्रविष्ठन क्षेत्र यानी सबडक्शन जोन में होता है। जब पृथ्वी की एक टेक्टोनिक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे धंसती है, तो यह अभिसारी बिंदुओं पर गुरुत्वाकर्षण बल के कारण नीचे चली जाती है। इसी से मड वोल्केनो का निर्माण होता है।  
    • मड वोल्केनो का निर्माण प्राकृतिक रूप से या मानवीय गतिविधियों (जैसे खनन या गैस ड्रिलिंग) से भी हो सकता है।
  • स्वरूप: यह पहाड़ी या टीले के आकार का होता है।
  • विस्फोट: इसमें विस्फोट पृथ्वी की टेक्टोनिक गतिविधियों या बड़ी नदियों के डेल्टा में जमा गाद/ रेत के दबाव के कारण होता है।
    • इसमें अक्सर मीथेन जैसी गैसें निकलती हैं।
  • पारंपरिक आग्नेय ज्वालामुखियों से भिन्न: इसमें लावा या राख नहीं निकलती, इसलिए यह पारंपरिक ज्वाला युक्त ज्वालामुखियों से अलग होता है।
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