प्रधानमंत्री ने महावीर जयंती के अवसर पर कोबा, गांधीनगर (गुजरात) में 'सम्राट सम्प्रति संग्रहालय' का उद्घाटन किया।
सम्राट सम्प्रति के बारे में:

- ये एक मौर्य सम्राट और सम्राट अशोक के पोते (पौत्र) थे, जिनका जन्म पिता कुणाल और माता कंचनमाला के यहाँ हुआ था।
- इन्हें इंद्रपालित, संगत और विगताशोक के नाम से भी जाना जाता है; इनके जीवन का वर्णन जैन ग्रंथों जैसे कि ‘संप्रतिकथा’, ‘परिशिष्टपर्व’ और ‘प्रभावकचरित’ में मिलता है।
- इन्होंने संपूर्ण उपमहाद्वीप में जैन धर्म (इन्हें 'जैन अशोक' भी कहा जाता है) और अहिंसा के सिद्धांत के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- इन्हें अनेक जैन मंदिरों के निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए जाना जाता है।
Article Sources
1 sourceलद्दाख में सिंधु नदी के तट पर भारत के पहले 'पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क' की आधारशिला रखी गई।
- इस पार्क का उद्देश्य सदियों पुरानी चट्टानों पर की गई नक्काशी (पेट्रोग्लिफ्स) के लिए एक समर्पित संरक्षण स्थान के रूप में कार्य करना है। ये पेट्रोग्लिफ्स अनियंत्रित पर्यटन, तीव्र अवसंरचनात्मक विकास और जागरूकता की कमी के कारण निरंतर खतरे में हैं।
पेट्रोग्लिफ्स के बारे में:
- पेट्रोग्लिफ्स प्रागैतिहासिक चित्र, प्रतीक या नक्काशी होते हैं जिन्हें सीधे चट्टान की सतहों पर उकेरकर, खुरचकर या तराशकर बनाया जाता है।
- इन्हें "खुले आसमान के नीचे संग्रहालय" (open-air museums) और "पत्थरों पर उकेरी गई सभ्यताएँ" कहा जाता है। साथ ही, ये पुरापाषाण काल (Palaeolithic Age) से लेकर बाद के ऐतिहासिक काल तक के मानव इतिहास के एक निरंतर अभिलेख का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- ये नक्काशी प्राचीन व्यापार मार्गों, प्रवासन के प्रतिरूपों (माइग्रेशन पैटर्न), विश्वास प्रणालियों और पारिस्थितिकी इतिहास को दर्शाती हैं।
- भारत में प्रमुख पेट्रोग्लिफ्स स्थल: भीमबेटका (मध्य प्रदेश), रत्नागिरी (महाराष्ट्र), गाविलगढ़ पहाड़ियाँ (ओडिशा) आदि।
हाल ही में, नागालैंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कोन्याक जनजाति द्वारा उपयोग किए जाने वाले एक ऐसे पारंपरिक हर्बल फॉर्मूलेशन (जड़ी-बूटी के नुस्खे) की पहचान की है, जिसमें कैंसर-रोधी (एंटी-कैंसर) क्षमता पाई गई है।
- यह पांच पौधों से मिलकर बना एक पॉलीहर्बल फॉर्मूलेशन (बहु-जड़ी-बूटी नुस्खा) है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- पर्सिकेरिया मैकुलोसा ग्रे (Persicaria maculosa Gray - रेडशैंक/लेडीज थंब)
- एकोरस कैलेमस एल. (Acorus calamus L. - स्वीट फ्लैग)
- एरिथ्रीना वेरिगाटा एल. (Erythrina variegata L. - टाइगर्स क्लॉ/इंडियन कोरल ट्री)
- स्टीरियोस्पर्मम चेलोनाइड्स (Stereospermum chelonoides (L.f.) DC. - पादरी ट्री)
- ओरोक्सिलम इंडिकम (Oroxylum indicum (L.) Kurz - इंडियन ट्रम्पेट फ्लावर)
- इसके बायोएक्टिव यौगिक प्रभावी रूप से VEGFR2 को लक्षित कर सकते हैं, जो ट्यूमर की रक्त वाहिकाओं की वृद्धि के लिए उत्तरदायी एक प्रमुख प्रोटीन है।
कोन्याक जनजाति के बारे में:
- यह मंगोलायड मूल की जनजाति है, जो मुख्य रूप से नागालैंड में पाई जाती है।
- यह सभी नागा जनजातियों में सबसे बड़ी जनजाति है।
- प्रमुख त्योहार: ओलांग मोन्यू (Aoleang Monyu)
- यह 'अंग (Anghs) कहलाने वाले शक्तिशाली वंशानुगत प्रमुखों द्वारा शासित होती है।
- इनकी भाषा तिब्बती-बर्मी भाषाई परिवार से संबंधित है।
- इन्हें उत्तर-पूर्व भारत के 'हेडहंटर्स' (Headhunters - नरमुंड शिकारी) के रूप में जाना जाता है।