सुर्ख़ियों में क्यों?
हाल ही में, नासा (NASA) के ऐतिहासिक चंद्र मिशन के बाद आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर लौट आए हैं।
आर्टेमिस II चंद्र मिशन के बारे में

- मिशन का प्रकार: यह नासा (NASA) के आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत एक मानवयुक्त चंद्र फ्लाईबाई मिशन है।
- प्रक्षेपण तिथि: 1 अप्रैल, 2026
- अवधि: 10 दिन
- प्रक्षेपण यान: स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS)
- स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) नासा (NASA) का एक अत्यधिक भार वहन कर सकने वाला (सुपर हैवी-लिफ्ट) रॉकेट है। यह एक ही मिशन में ओरियन अंतरिक्ष यान, अंतरिक्ष यात्रियों और पेलोड को सीधे चंद्रमा पर भेजने में सक्षम है।
- अंतरिक्ष यान: ओरियन अंतरिक्ष यान।
- ओरियन का निर्माण नासा (NASA) और लॉकहीड मार्टिन द्वारा किया गया है। यह अंतरिक्ष यात्रियों को सुदूर अंतरिक्ष में ले जाने और चंद्रमा के समीप से उच्च गति पर उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने में सक्षम है।
- मिशन के प्रमुख उद्देश्य:
- चालक दल: उड़ान के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित और सक्षम वातावरण प्रदान करने तथा उनकी पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की क्षमता का प्रदर्शन करना।
- प्रणालियाँ: मानवयुक्त चंद्र अभियान के लिए आवश्यक प्रणालियों और संचालन का प्रदर्शन करना। इसके अंतर्गत ग्राउंड सिस्टम से लेकर अंतरिक्ष में उपयोग होने वाले हार्डवेयर तक शामिल हैं। साथ ही, इसमें विकास से लेकर प्रक्षेपण, उड़ान तथा पुनर्प्राप्ति (recovery) तक की सभी प्रक्रियाएं शामिल हैं।
- आपातकालीन संचालन: आपातकालीन प्रणाली की क्षमताओं का प्रदर्शन करना और व्यावहारिक सीमा तक संबंधित संचालनों को प्रमाणित करना। आवश्यकता पड़ने पर इसमें अभियान रोकने और बचाव की प्रक्रियाएं शामिल हैं।
आर्टेमिस कार्यक्रम (Artemis Program)
आर्टेमिस मिशन (The Artemis Missions)
आर्टेमिस समझौते (The Artemis Accords)
अपोलो बनाम आर्टेमिस
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वैज्ञानिक प्रयोग
- अंतरिक्ष यात्री स्वास्थ्य अध्ययन
- आर्चर (ARCHeR): इसका उद्देश्य सुदूर अंतरिक्ष में मानव स्वास्थ्य और प्रदर्शन से संबंधित डेटा एकत्र करना है। इसके लिए यह अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य, गतिविधि और नींद के पैटर्न की निगरानी करेगा।
- अवतार (AVATAR): यह चालक दल के स्वास्थ्य पर सूक्ष्म गुरुत्व (माइक्रोग्रैविटी) और बढ़े हुए विकिरण के प्रभावों का अध्ययन करता है। इस कार्य के लिए यह ऑर्गन-ऑन-ए-चिप उपकरणों का उपयोग करता है।
- इम्यून बायोमार्कर: यह रक्त और लार के नमूनों का विश्लेषण कर यह समझने का प्रयास करेगा कि गहरे अंतरिक्ष की यात्रा मानव प्रतिरक्षा प्रणाली को किस प्रकार प्रभावित करती है।
- आर्टेमिस II मानक उपाय: यह अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य से संबंधित मानकीकृत डेटा एकत्र कर एक डेटा बैंक तैयार करेगा, जिससे भविष्य के शोधकर्ताओं को अध्ययन में सहायता मिलेगी।
- विकिरण अध्ययन: यह ओरियन स्पेसक्राफ्ट कैप्सूल के अंदर और बाहर विकिरण स्तरों की निगरानी करेगा, ताकि गहरे अंतरिक्ष के विकिरणीय वातावरण का बेहतर आकलन किया जा सके।
- चंद्र विज्ञान
- भूवैज्ञानिक अवलोकन: चंद्रमा के सुदूर हिस्से में तीन घंटे परिक्रमण (फ्लाईबाई) के दौरान चालक दल ने क्षेत्र के भूवैज्ञानिक इतिहास को समझने का प्रयास किया। इसके लिए उन्होंने लावा प्रवाह और इम्पैक्ट क्रेटरों का अध्ययन किया तथा उनकी तस्वीरें लीं।

- अंतर्राष्ट्रीय क्यूबसैट प्रयोग (International CubeSat Experiments)
- ATENEA (अर्जेंटीना का CONAE): इसका उद्देश्य पृथ्वी के विकिरण स्पेक्ट्रम को मापना, विकिरण परिरक्षण विधियों का आकलन करना तथा GPS डेटा एकत्र करना है। इसके साथ ही, यह एक लंबी दूरी के संचार लिंक को भी प्रमाणित करेगा।
- TACHELES (जर्मन एयरोस्पेस सेंटर): यह भविष्य में चंद्रमा पर चलने में सक्षम वाहन प्रौद्योगिकियों को डिजाइन करने में मदद करेगा। इसके लिए यह मापेगा कि अंतरिक्ष का वातावरण विद्युत घटकों को कैसे प्रभावित करता है।
- के-रेड क्यूब (K-Rad Cube) (दक्षिण कोरिया का KASA): इसका उद्देश्य वैन एलन विकिरण बेल्ट के भीतर जैविक प्रभावों और अंतरिक्ष विकिरण को मापना है।
- SHMS (सऊदी अंतरिक्ष एजेंसी): इसका उद्देश्य पृथ्वी से विभिन्न दूरियों पर अंतरिक्ष के मौसम को मापना है।
महत्व
- ऐतिहासिक उपलब्धि: वर्ष 1972 में अपोलो 17 के बाद 50 वर्षों में चंद्रमा पर जाने वाला यह पहला मानवयुक्त मिशन है।
- सुदूर अंतरिक्ष में मानव सुरक्षा: यह यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी सर्विस मॉड्यूल और ओरियन की जीवन-रक्षक प्रणालियों का कठोर परीक्षण करता है, जिससे सतत और दीर्घकालिक मानव अंतरिक्ष अन्वेषण का मार्ग प्रशस्त होता है।
- ऐतिहासिक चालक दल प्रतिनिधित्व: यह उड़ान चंद्रमा के समीप पहली महिला (क्रिस्टीना कोच), पहले अश्वेत व्यक्ति (विक्टर ग्लोवर) और पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री (कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन) को भेजकर अनेक ऐतिहासिक बाधाओं को समाप्त करती है।
- अत्यधिक दूरियां: यह मिशन चार सदस्यीय दल को इतिहास में किसी भी मानव द्वारा तय की गई दूरी से अधिक सुदूर अंतरिक्ष में, चंद्रमा के निकट और उसके दूरस्थ भाग (far side) तक ले जाएगा।
- भविष्य के मिशन: यह मिशन भविष्य के मानवयुक्त चंद्र अभियानों के लिए प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करेगा।
निष्कर्ष
आर्टेमिस II चंद्र अन्वेषण से आगे बढ़कर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति की दिशा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रतीक है। मानवयुक्त सुदूर अंतरिक्ष प्रणालियों का सफल परीक्षण करके यह मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्थायी आधार स्थापित करने और भविष्य के मंगल अभियानों की मजबूत नींव तैयार करता है। यह मिशन इस बात को भी सिद्ध करता है कि अब अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और विविधता मानवता के अंतरिक्ष विस्तार की प्रमुख प्रेरक शक्ति बन चुके हैं।