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भारत-नेपाल संबंध (India-Nepal Relations)

22 May 2026
1 min

In Summary

  • भारत और नेपाल 1,751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा साझा करते हैं, जिसमें व्यापार, रक्षा (गोरखा रेजिमेंट) और रेल लिंक और पेट्रोलियम पाइपलाइन जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाओं में महत्वपूर्ण सहयोग शामिल है।
  • प्रमुख चुनौतियों में नेपाल की राजनीतिक अस्थिरता, कालापानी/लिम्पियाधुरा को लेकर सीमा विवाद, चीन की बीआरआई से प्रतिस्पर्धा और खुली सीमा से संबंधित सुरक्षा चिंताएं शामिल हैं।
  • उभरती साझेदारियां बिजली व्यापार (भारत को 10,000 मेगावाट जलविद्युत परियोजना), सीमा पार क्यूआर भुगतान (यूपीआई), जल सहयोग, एचएडीआर और सांस्कृतिक सर्किट पर केंद्रित हैं, जो भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति द्वारा निर्देशित हैं।

In Summary

सुर्ख़ियों में क्यों?

हाल ही में नेपाल में नई सरकार चुनी गई है।

भारत-नेपाल संबंधों का अवलोकन

सीमा 

  • भारत और नेपाल के बीच लगभग 1,751 किमी लंबी सीमा है, जो भारत के 5 राज्यों से होकर गुजरती है। 
Political map of Nepal showing its international borders with India and China, major rivers, and key cities such as Kathmandu, Pokhara, Biratnagar, Bhairahawa, Janakpur, Simikot, Mustang, and Mahendranagar.
  • यह एक खुली सीमा (Open Border) है, जहाँ दोनों देशों के नागरिक बिना वीजा या पासपोर्ट के स्वतंत्र रूप से आवागमन कर सकते हैं। 
  • प्रमुख एकीकृत जाँच चौकियां (ICPs) बीरगंज (नेपाल का पहला ICP), विराटनगर, नेपालगंज, भैरहवा 

संबंधों के स्तंभ

  • भारत-नेपाल शांति और मैत्री संधि, 1950
  • साझा क्षेत्रीय समूह: भारत और नेपाल कई क्षेत्रीय संगठनों के सदस्य हैं, जैसे: 
    • दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC), 
    • बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (BIMSTEC) 
    • बांग्लादेश, भूटान, भारत और नेपाल (BBIN), 
    • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) आदि।

अर्थव्यवस्था और व्यापार

  • भारत, नेपाल का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है। 
  • नेपाल के निर्यात में मुख्य रूप से खाद्य तेल, कॉफी, चाय और जूट शामिल हैं।
  • नेपाल, भारत से मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पाद, लौह-इस्पात, अनाज, वाहन और उनके पुर्जे, तथा मशीनरी के पुर्जे आयत करता हैं।

रक्षा सहयोग 

  • भारतीय सेना की गोरखा रेजिमेंट में नेपाल के लगभग 32,000 गोरखा सैनिक शामिल हैं।
  • संयुक्त सैन्य अभ्यास: सूर्य किरण

 

कनेक्टिविटी परियोजनाएं

  • रेल कनेक्टिविटी: भारत और नेपाल के बीच प्रमुख रेल संपर्क परियोजनाएं विकसित की गई हैं, जैसे:  
    • जयनगर – बिजलपुरा – बर्दिबास (नेपाल की पहली ब्रॉड-गेज रेल लाइन)
    • जोगबनी – विराटनगर
    • रक्सौल – काठमांडू रेल परियोजना
  • पेट्रोलियम पाइपलाइन: दक्षिण एशिया की पहली सीमा-पार पेट्रोलियम पाइपलाइन, जो भारत के मोतिहारी को नेपाल के अमलेखगंज से जोड़ती है, वर्ष 2019 में पूर्ण हुई। 

साझेदारी के उभरते क्षेत्र

  • विद्युत व्यापार समझौता (2024): नेपाल ने अगले 10 वर्षों में भारत को 10,000 मेगावाट (MW) जलविद्युत निर्यात करने पर सहमति व्यक्त की है। 
  • सीमा-पार QR भुगतान: मार्च 2024 से नेपाल ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पेमेंट स्वीकार करना शुरू किया है, जो नेपाल के FonePay QR के साथ इंटरऑपरेबिलिटी के माध्यम से संचालित हो रहा है।

सहयोग के अन्य प्रमुख क्षेत्र:

  • जल सहयोग: कोसी (1954) और गंडक (1959) जैसी प्रमुख नदियों पर समझौते किए गए हैं, साथ ही कर्णाली और महाकाली (1996) से संबंधित सहयोग भी विकसित हुआ है। 
  • मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR): नेपाल में 2015 के भूकंप और कोविड-19 महामारी जैसी परिस्थितियों में भारत प्रथम सहायता प्रदाता के रूप में सामने आया था। 
  • संस्कृति: स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत बौद्ध और रामायण सर्किट नेपाल के लुम्बिनी और जनकपुर से जुड़े हुए हैं। 

भारत-नेपाल संबंधों के समक्ष प्रमुख चुनौतियां

  • राजनीतिक अस्थिरता: नेपाल में बार-बार बदलती सरकारों के कारण दीर्घकालिक घरेलू नीतियों और विदेश संबंधों, विशेषकर पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में निरंतरता की कमी देखी जा रही है। 
    • 2008 में राजशाही की समाप्ति के बाद से ही नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। इसका मुख्य कारण कमजोर राजनीतिक गठबंधन, गहन गुटबाजी से संबंधित संघर्ष और लगातार सामने आने वाले भ्रष्टाचार घोटालों के मामले हैं।
    • वर्ष 2014 से अब तक भारत और नेपाल के बीच राष्ट्राध्यक्ष/सरकार प्रमुख स्तर पर 17 उच्चस्तरीय दौरे हो चुके हैं। 
  • सीमा व्यापार और सीमा शुल्क से संबंधित मुद्दे: उदाहरण के लिए, हाल ही में नेपाल की नव-निर्वाचित सरकार ने भारत से लाए जाने वाले 100 नेपाली रुपये (NRS) से अधिक मूल्य के सामान पर सीमा शुल्क लगाने का निर्णय लिया था। हालांकि, नेपाल के शीर्ष न्यायालय ने बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार के इस निर्णय पर अंतरिम रोक लगा दी।
  • सीमा विवाद: वर्ष 2020 में नेपाल ने एक नया राजनीतिक मानचित्र जारी किया, जिसमें कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख को अपने क्षेत्र का हिस्सा बताया गया। 
    • नेपाल का तर्क है कि महाकाली नदी के पूर्व स्थित ये क्षेत्र 1816 की सुगौली संधि के अनुसार उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। 
    • यह सीमा विवाद 2025 में तब पुनः उभर कर सामने आया, जब भारत और चीन ने लिपुलेख दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने की पहल की।
  • चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा : उदाहरण के लिए, 2015 में भारत द्वारा लगाए गए व्यापार अवरोध के बाद नेपाल ने चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत करते हुए व्यापार में विविधता लाने का प्रयास किया। इसी क्रम में 2017 में नेपाल चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) में शामिल हुआ। 
  • आर्थिक व्यवधान: पंचेश्वर बहुउद्देश्यीय परियोजना, अरुण-III और ऊपरी करनाली जैसी प्रमुख संयुक्त परियोजनाएं राजनीतिक गतिरोध और बढ़ते विश्वास संकट के कारण विलंबित हुई हैं। 
  • सुरक्षा संबंधी मुद्दे: कुछ रिपोर्टों के अनुसार, भारत-नेपाल की खुली सीमा का दुरुपयोग आतंकवादी और संगठित अपराध समूहों द्वारा प्रशिक्षित संचालकों की आवाजाही, नकली भारतीय मुद्रा के प्रसार तथा तस्करी जैसी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
  • गोरखा भर्ती मुद्दा: भारत की अग्निपथ योजना ने गोरखा सैनिकों सहित सैन्य भर्ती की शर्तों में बदलाव किया है।  इसके कारण नेपाल ने नई व्यवस्था के तहत भर्ती प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। 

निष्कर्ष 

नेपाल में जैन-जी (Gen-Z) आंदोलन के नेतृत्व में हो रहा बदलाव राजनीतिक स्थिरता हासिल करने का एक अवसर प्रदान करता है; यह अनिश्चितता को दूर करता है, मौजूदा कमियों को दूर करता है और एक अधिक समावेशी तथा प्रतिनिधि राजनीतिक माहौल को बढ़ावा देता है।

नेपाल के प्रति भारत की विदेश नीति उसके "नेबरहुड फर्स्ट" दृष्टिकोण के अंतर्गत संचालित होती है, जिसमें राजनीतिक प्रबंधन से आगे बढ़कर "शांत कूटनीति" पर बल दिया गया है। भारत स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, स्वच्छता, जल निकासी, ग्रामीण विद्युतीकरण, जलविद्युत आदि प्राथमिक क्षेत्रों में उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं (HICDPs) के माध्यम से स्थानीय स्तर पर नेपाल के नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

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उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाएं (HICDPs)

ऐसी विकास परियोजनाएं जिनका स्थानीय समुदायों के जीवन की गुणवत्ता पर महत्वपूर्ण और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल आदि से संबंधित परियोजनाएँ।

शांत कूटनीति

ऐसी कूटनीति जो प्रत्यक्ष टकराव या आक्रामक रुख के बजाय शांतिपूर्ण बातचीत, सहयोग और समझ पर बल देती है।

नेबरहुड फर्स्ट दृष्टिकोण

भारत की विदेश नीति का एक प्रमुख स्तंभ, जिसके तहत भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को प्राथमिकता देता है और उनके विकास में सहयोग करता है।

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