डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी (Digital Payment Frauds) | Current Affairs | Vision IAS

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डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी (Digital Payment Frauds)

22 May 2026
1 min

In Summary

  • आरबीआई के चर्चा पत्र में बढ़ते डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी के खिलाफ सुरक्षा उपायों का प्रस्ताव है, जो 2021 में 2.6 लाख से बढ़कर 2025 में 28 लाख हो गई है।
  • सुझाए गए उपायों में ₹10,000 से अधिक के हस्तांतरण के लिए 1 घंटे की देरी, प्रामाणिक लेनदेन के लिए श्वेतसूचीकरण और संवेदनशील उपयोगकर्ताओं के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण शामिल हैं।
  • अन्य प्रस्तावों का उद्देश्य गहन जांच के माध्यम से अवैध खातों पर अंकुश लगाना और उपयोगकर्ताओं को भुगतान के तरीकों और लेनदेन की सीमाओं पर नियंत्रण प्रदान करना है।

In Summary

भारत का डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र वित्तीय समावेशन, पारदर्शिता और आर्थिक औपचारीकरण के एक प्रमुख चालक के रूप में उभरा है। आगे बढ़ते हुए, मजबूत साइबर सुरक्षा, नवाचार और समावेशी डिजिटल पहुंच आवश्यक होंगे। ये इसकी तीव्र वृद्धि को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।RBI ने "धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए डिजिटल भुगतान में सुरक्षा उपायों की खोज" पर एक चर्चा पत्र जारी किया है। 

डिजिटल धोखाधड़ी की स्थिति 

  • बढ़ती डिजिटल धोखाधड़ी: राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, साइबर धोखाधड़ी के मामले 2021 में 2.6 लाख से बढ़कर 2025 में लगभग 28 लाख हो गए हैं। यह राशि 22,931 करोड़ रुपये के बराबर है।  
  • धोखाधड़ी की तकनीकें: फर्जी कॉल सेंटरों, डीपफेक-संचालित प्रतिरूपण घोटालों, सोशल इंजीनियरिंग और फर्जी खाता (Mule account) नेटवर्क का उपयोग। 
    • पीड़ितों को सोशल इंजीनियरिंग का उपयोग करके हेरफेर किया जाता है। इसके बाद वे स्वयं लेनदेन शुरू और प्रमाणित करते हैं, जिससे 'अधिकृत' पुश-भुगतान (Authorised' Push-Payment: APP) धोखाधड़ी होती है। 
  • पीड़ित प्रोफ़ाइलकमजोर समूहों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों पर इसका असंगत प्रभाव पड़ता है। 

RBI द्वारा सुझाए गए उपाय

  • समय अंतराल: ₹10,000 से अधिक के हस्तांतरण के लिए 1 घंटे की देरी। भुगतानकर्ता इस समय अवधि के भीतर भुगतान रद्द कर सकता है।  
    • एक व्हाइटलिस्टिंग तंत्र यह सुनिश्चित करेगा कि प्रामाणिक लेनदेन के लिए इस समय अंतराल को बायपास किया जाए। 
  • कमजोर उपयोगकर्ताओं के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण: वरिष्ठ नागरिकों/ दिव्यांगों द्वारा उच्च-मूल्य के भुगतान के लिए किसी विश्वसनीय व्यक्ति से अनुमोदन की आवश्यकता होनी चाहिए।
  • उपयोगकर्ता नियंत्रण सुविधाएं : भुगतान मोड को स्विच ऑन/ ऑफ करने और लेनदेन सीमा निर्धारित करने का विकल्प। 
  • फर्जी खातों पर अंकुश: खातों की अतिरिक्त जांच के बाद ही बड़े क्रेडिट की अनुमति दी जानी चाहिए। 

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व्हाइटलिस्टिंग तंत्र

यह एक सुरक्षा उपाय है जो केवल पूर्व-अनुमोदित या विश्वसनीय प्राप्तकर्ता खातों या उपकरणों से किए जाने वाले लेनदेन की अनुमति देता है, जिससे अनधिकृत लेनदेन को रोका जा सके। प्रामाणिक लेनदेन के लिए इसे समय अंतराल को बायपास करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

अधिकृत पुश-भुगतान (Authorised Push-Payment: APP) धोखाधड़ी

यह एक प्रकार की धोखाधड़ी है जहाँ धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति पीड़ित को अपनी मर्जी से पैसे किसी खाते में भेजने के लिए प्रेरित करते हैं। इसमें पीड़ित स्वयं लेनदेन शुरू और प्रमाणित करता है, जिससे यह 'अधिकृत' प्रतीत होता है।

फर्जी खाता (Mule account)

यह एक ऐसा बैंक खाता है जिसका उपयोग अवैध गतिविधियों, जैसे कि मनी लॉन्ड्रिंग या धोखाधड़ी से प्राप्त धन को छिपाने के लिए किया जाता है। ये खाते अक्सर धोखे से या अनजाने में बनाए जाते हैं और धोखाधड़ी के माध्यम से प्राप्त धन को स्थानांतरित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

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