लॉजिस्टिक सहायता के पारस्परिक आदान-प्रदान (आरईएलओएस) समझौता | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

संक्षिप्त समाचार

22 May 2026

हाल ही में, भारत और रूस के बीच हस्ताक्षरित RELOS समझौता लागू हो गया। 

RELOS के बारे में 

  • उद्देश्य: यह सैन्य अड्डों, बंदरगाहों और हवाई सुविधाओं के पारस्परिक उपयोग की अनुमति देता है। इसमें भारत के लिए आर्कटिक तक पहुंच भी शामिल है। 
  • दायरा: इसमें लॉजिस्टिक्स सहायता, संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण और मानवीय मिशन शामिल हैं। 
  • उपयोग के प्रावधान: इसमें 5 वर्षों के लिए एक-दूसरे के क्षेत्र में 3,000 सैनिकों, 5 युद्धपोतों और 10 विमानों की तैनाती का प्रावधान है।
  • महत्व: यह वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच रक्षा सहयोग और समन्वय को मजबूत करता है। साथ ही, यह रूसी मूल के हथियारों  के लिए निरंतर समर्थन भी सुनिश्चित करता है। 

INS सुदर्शिनी ने कैनरी द्वीप समूह के लास पाल्मास की अपनी पहली यात्रा की। यह किसी भी भारतीय नौसैनिक पोत द्वारा इस क्षेत्र में की गई पहली यात्रा है।

  • यह यात्रा 'लोकायन 26' के तहत इसकी समुद्र-पार तैनाती के दौरान एक रणनीतिक पड़ाव है। यह ट्रांस-अटलांटिक यात्रा से पहले का पड़ाव है।

कैनरी द्वीप-समूह के बारे में

  • यह स्पेन का एक स्वायत्त क्षेत्र है।
  • अवस्थिति: अटलांटिक महासागर में स्थित, अफ्रीका के उत्तर-पश्चिमी तट से लगभग 100 किमी दूर।
  • भौगोलिक विशेषताएं: यह एक ज्वालामुखीय द्वीप-समूह है, जिसमें टेनेरीफ और ग्रैन कैनरिया जैसे द्वीप स्थित हैं। इसमें माउंट टाइड (स्पेन की सबसे ऊँची चोटी) भी शामिल है।

भारत और भूटान ने पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना के टैरिफ प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए हैं। 

परियोजना के बारे में

  • यह पुनात्सांगछू नदी पर 1020 मेगावाट की 'रन ऑफ द रिवर' परियोजना है।
    • उद्गम: भूटान में फोछू और मोछू नदियों के संगम से पुनात्सांगछू नदी उत्पन्न होती है।  
    • यह नदी दक्षिण की ओर बहती हुई पश्चिम बंगाल के भारतीय मैदानों में प्रवेश करती है। यह ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदी है।  

 

होर्मुज संकट ने विश्व के एक अन्य सबसे बड़े चोकपॉइंट, मलक्का जलडमरूमध्य की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

मलक्का जलडमरूमध्य के बारे में:

  • अवस्थिति: यह अंडमान सागर (हिंद महासागर) और दक्षिण चीन सागर (प्रशांत महासागर) को जोड़ने वाला जलमार्ग है।
  • तटवर्ती देश: इंडोनेशिया, थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर।
  • सामरिक महत्व:
    • विश्व के लगभग 22% समुद्री व्यापार इसी होकर गुजरते हैं।
    • इसे सबसे बड़ा "तेल पारगमन चोकपॉइंट" माना जाता है।
    • यह पूर्वी एशिया से मध्य पूर्व और यूरोप तक का सबसे छोटा समुद्री मार्ग है।
  • चिंताएँ:
    • इसका सबसे संकरा बिंदु (सिंगापुर जलडमरूमध्य का फिलिप्स चैनल) एक प्राकृतिक अवरोध उत्पन्न करता है। इससे जहाजों के टकराने या तेल रिसाव की चिंताएं बनी रहती हैं। 
    • इसके कुछ हिस्से अपेक्षाकृत उथले हैं, जो बड़े जहाजों के आवागमन को बाधित करते हैं।
    • व्यापारिक जहाजों पर समुद्री डकैती और हमलों का खतरा बना रहता है।
Tags:

भारतीय नौसेना ने 'ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा' का शुभारंभ किया।

ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा के बारे में:

  • इसे ईरान द्वारा वर्तमान में अवरुद्ध होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से भारत आने वाले ऊर्जा शिपमेंट (जैसे - LPG, कच्चा तेल आदि) को सुरक्षित रास्ता प्रदान करने, उनका मार्गदर्शन करने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए शुरू किया गया है। 

मध्य पूर्व क्षेत्र में युद्ध और उसके कारण हॉर्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली सप्लाई में रुकावट वैश्विक कृषि के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है।

कृषि पर युद्ध के प्रभाव:

  • उर्वरक (फर्टिलाइजर) सप्लाई चेन में रुकावट: मध्य पूर्व अमोनिया, यूरिया, फॉस्फेट और सल्फर जैसे जरूरी कृषि रसायनों के उत्पादन और निर्यात का एक बहुत बड़ा केंद्र है।
  • खेती की लागत में बढ़ोतरी: सप्लाई रुकने के कारण मुख्य उर्वरकों की कीमतों में बहुत ज्यादा वृद्धि हो रही है।
  • दुनिया भर में खाद्य सामग्री का महंगा होना: ऊर्जा (ईंधन) और उर्वरक दोनों के दाम एक साथ बढ़ने से सीधे तौर पर भोजन उत्पादन का खर्च बढ़ जाता है। इससे अंततः उपभोक्ताओं के लिए खाने-पीने की चीजें महंगी हो जाती हैं और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं।

लाल सागर: ईरान ने अपने बंदरगाहों के आसपास अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहने की स्थिति में लाल सागर के माध्यम से व्यापार को रोकने की धमकी दी है। 

  • यह एक फ्योर्ड प्रकार का सीमांत समुद्र है।
    • एक फ्योर्ड जल का एक लंबा, गहरा और संकरा निकाय होता है। यह अंतर्देशीय क्षेत्रों तक काफी अंदर तक फैला होता है।
  • यह बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य के माध्यम से अदन की खाड़ी से जुड़ा है। इसके अलावा, यह स्वेज नहर के माध्यम से भूमध्य सागर से जुड़ता है। 
  • सीमावर्ती देश: पश्चिम में मिस्र, सूडान और इरिट्रिया; उत्तर-पूर्व में अकाबा की खाड़ी के माध्यम से इजरायल और जॉर्डन; तथा पूर्व में सऊदी अरब और यमन। 
  • लाल सागर में बहुत कम वर्षा होती है और इसमें नदियों से भी कोई जल प्रवेश नहीं करता है। 

केशम द्वीप: ईरान के केशम द्वीप का विलवणीकरण संयंत्र मार्च की शुरुआत में हुए हमले के बाद से संचालन में नहीं है। 

  • यह फारस की खाड़ी का सबसे बड़ा द्वीप है।
  • अवस्थिति: यह बंदर अब्बास के पास स्थित है और खुरान (क्लैरेंस) जलडमरूमध्य द्वारा अलग होता है। 
  • सामरिक महत्व: यह होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट है। यह वैश्विक तेल शिपिंग मार्ग के लिए महत्वपूर्ण है और ईरान को समुद्री यातायात पर रणनीतिक लाभ प्रदान करता है। 

उस्त-लुगा बंदरगाह - रूस (Ust-Luga Port): रूस के बाल्टिक सागर स्थित उस्त-लुगा बंदरगाह को यूक्रेनी ड्रोन हमले से नुकसान पहुँचा है। 

  • यह फिनलैंड की खाड़ी (Gulf of Finland) में अवस्थित है।
  • रूस के अन्य प्रमुख बंदरगाह हैं: प्रिमोर्स्क, कालिनिनग्राद, व्लादिवोस्तोक, सेंट पीटर्सबर्ग, मरमंस्क (आर्कटिक) आदि।

स्कारबोरो शोल: चीन ने विवादित दक्षिण चीन सागर (SCS) के स्कारबोरो शोल को अवरुद्ध करने के लिए जहाजों और बाधाओं को तैनात किया है। 

  • यह दक्षिण चीन सागर में एक विवादित एटोल है। इस पर चीन और फिलीपींस, दोनों सम्प्रभुत्व का दावा करते हैं। 
  • रणनीतिक महत्व: यह प्रमुख समुद्री मार्गों पर स्थित है। यह समृद्ध मत्स्यन क्षेत्र और कई अन्य संसाधनों से युक्त है। 
  • दक्षिण चीन सागर में अन्य विवादित द्वीप: पार्सल द्वीप, स्प्रैटली द्वीप आदि।  

भारत और संयुक्त राष्ट्र ने भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास भागीदारी कोष के संचालन की समीक्षा की। 

भारत-UNDPF के बारे में:

  • परिचय: 2017 में 150 मिलियन डॉलर के साथ प्रारंभ किया गया,  भारत सरकार के नेतृत्व में। 
  • उद्देश्य: सतत विकास लक्ष्यों और साझा समृद्धि को प्राप्त करने में ग्लोबल साउथ को सहायता करना। 
  • विजन: यह ग्लोबल साउथ के देशों के स्वामित्व और नेतृत्व वाली, मांग-संचालित और देश के नेतृत्व वाले सतत विकास परियोजनाओं का समर्थन करता है। 
  • मुख्य ध्यान: अल्पविकसित देश (LDCs) और लघु द्वीपीय विकासशील देश (SIDS)। 
  • कार्यान्वयन: संयुक्त राष्ट्र दक्षिण-दक्षिण सहयोग कार्यालय (UNOSSC) द्वारा प्रबंधित और भागीदार सरकारों के साथ संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों द्वारा लागू किया जाता है। 
Tags:

वैश्विक व्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता ने क्षेत्रीय सहयोग और एकीकरण के महत्व को बढ़ा दिया है। इसमें आसियान (ASEAN) मंच एक प्रमुख उदाहरण बनकर उभरा है।

क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने में आसियान की प्रमुख उपलब्धियां

  • मूल सिद्धांतों के लिए प्रतिबद्धता: आसियान के सदस्य देशों में संस्कृति, राजनीतिक व्यवस्था और सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में व्यापक भिन्नता के बावजूद, यह संगठन लगभग 60 वर्षों से एक मजबूत और एकजुट आर्थिक व राजनीतिक संगठन बना हुआ है।
  • एक-दूसरे की सहायता और एक-दूसरे पर विश्वास: 2025 में तिमोर-लेस्ते का आसियान में शामिल होना इस बात का उदाहरण है कि सदस्य देश (जैसे इंडोनेशिया) पुराने मतभेद भुलाकर पारस्परिक सहायता और सामूहिक विकास के लिए साथ कार्य कर सकते हैं।
  • व्यापक एकीकरण: उदाहरण के लिए, डिजिटल इकोनॉमी फ्रेमवर्क एग्रीमेंट (DEFA) छोटे-छोटे देशों के सहयोग का एक अच्छा उदाहरण है, जिसका उद्देश्य पूरे आसियान क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को तेज करना है।

क्षेत्रीय एकीकरण के अन्य प्रमुख लाभ

  • क्षेत्रीय वित्तीय स्थिरता: उदाहरण के लिए, एशियाई वित्तीय संकट के मद्देनजर स्थापित चियांग माई पहल बहुपक्षीयकरण (CMIM) ने आसियान+3 (आसियान के साथ चीन, जापान और कोरिया गणराज्य) की अर्थव्यवस्थाओं को एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान किया।
  • बाजार और संसाधनों के स्रोतों का विस्तार: इससे संसाधनों का बेहतर आवंटन सुनिश्चित होता है और आर्थिक विकास तेज होता है।
  • देशों के बीच असमानता को कम करना: क्षेत्रीय एकीकरण से व्यापार और संसाधनों (जैसे पूंजी और श्रम) का आवागमन आसान हो जाता है, जिससे अल्प-विकसित देश तेजी से विकास कर पाते हैं तथा उनके और विकसित देशों के बीच की असमानता घटती है।
  • राजनीतिक स्थिरता प्राप्त होना और सामूहिक सौदेबाजी बढ़ना: क्षेत्रीय एकीकरण कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करता है और वैश्विक व्यापार वार्ताओं में सदस्य देशों के प्रभाव को बढ़ाता है।
Tags:

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

भू-राजनीतिक

भूगोल, इतिहास और समाजशास्त्र के आधार पर देशों या क्षेत्रों के बीच राजनीतिक संबंधों और शक्ति को संदर्भित करता है। UPSC के लिए, यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसी विशेष क्षेत्र में भू-राजनीतिक घटनाएँ वैश्विक शक्ति संतुलन को कैसे प्रभावित कर सकती हैं।

आर्कटिक

The Arctic is the region around the Earth's North Pole, characterized by the Arctic Ocean and surrounding landmasses. It is of strategic importance due to its resources, shipping routes, and geopolitical implications, and India's access to it via the RELOS agreement signifies growing interests in the region.

RELOS

RELOS (Reciprocal Logistics Support) is an agreement between India and Russia that allows for the mutual use of military bases, ports, and air facilities. It aims to enhance defense cooperation, including logistics support, joint exercises, and training missions, and also provides India with access to the Arctic.

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet