केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2025-26 के लिए प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं हेतु 12,000 करोड़ रुपये की लक्षित सब्सिडी को मंजूरी दी।
उद्देश्य
मुख्य विशेषताएं
गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों को तरल पेट्रोलियम गैस (LPG) कनेक्शन उपलब्ध कराना।
स्वच्छ ऊर्जा तक पहुंच बढ़ाना; इनडोर वायु प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना और खाना पकाने के ईंधन के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ व दक्ष विकल्प प्रदान करके महिलाओं को सशक्त बनाना।
मंत्रालय: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG)।
प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक योजना।
शुरुआत: इसे 2016 में ग्रामीण गरीबों को 8 करोड़ निःशुल्क (deposit free) LPG कनेक्शन प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था।
उज्ज्वला 2.0 (2021 में शुरू): प्रवासी घरों के लिए विशेष सुविधा के साथ PMUY योजना के तहत 1.6 करोड़ अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन का आवंटन।
वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 के लिए 75 लाख अतिरिक्त कनेक्शन अनुमोदित किए गए हैं, जिसका कुल लक्ष्य 10.35 करोड़ एलपीजी कनेक्शन है।
कार्यान्वयन: MoPNG द्वारा तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और राज्य सरकारों के सहयोग से।
पात्रता: किसी गरीब परिवार की वयस्क महिला जिसके पास मौजूदा एलपीजी कनेक्शन नहीं है और जो कुछ मानदंडों को पूरा करती है (अधिक जानकारी के लिए इन्फोग्राफिक देखें)।
नामांकन: पात्र महिला पते के प्रमाण, राशन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक विवरण के साथ निकटतम वितरक को KYC फॉर्म जमा करके आवेदन कर सकती है।
प्रवासियों के लिए: राशन कार्ड या पते के प्रमाण की आवश्यकता नहीं है, स्व-घोषणा पर्याप्त है।
योजना के लाभ:
नकद सहायता:14.2 किलोग्राम के सिलेंडर के लिए 1600 रुपये और 5 किलोग्राम के सिलेंडर के लिए 1150 रुपये की नकद सहायता का प्रावधान है।
इसमें सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, LPG रबड़ पाइप, उपभोक्ता कार्ड और इंस्टॉलेशन शुल्क की लागत शामिल है।
नि:शुल्क कनेक्शन के साथ पहला LPG रिफिल और स्टोव (हॉट प्लेट) मुफ्त।
लक्षित सब्सिडी: हर साल 12 रिफिल तक 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी।
अपात्रता
किसी भी तेल विपणन कंपनी से मौजूदा एलपीजी कनेक्शन वाले परिवार।
जिस परिवार में कोई वयस्क महिला सदस्य नहीं है, वह इस योजना के तहत गैस कनेक्शन के लिए पात्र नहीं है।
एलपीजी पंचायत: एलपीजी के सुरक्षित उपयोग और पारंपरिक ईंधन की तुलना में एलपीजी के उपयोग के लाभों पर चर्चा करने की परिकल्पना की गई है।
उपलब्धियां:
1 मार्च 2025 तक पूरे भारत में 10.33 करोड़ PMUY कनेक्शन दिए गए।
वैश्विक मान्यता: अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पर्यावरण एवं महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए इस योजना की सराहना की गई है।