भारत ने IMO से समुद्री घटनाओं की व्यापक जांच और वैश्विक समीक्षा की अपील की | Current Affairs | Vision IAS
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यह अपील भारतीय जल-क्षेत्र में विदेशी जहाजों पर अघोषित खतरनाक कार्गो की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर की गई है।

  • इसके कारण वैश्विक कंटेनर शिपिंग परिचालन से संबंधित सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं।
  • इसने अंतर्राष्ट्रीय समुद्री खतरनाक वस्तु (IMDG) संहिता के तहत वर्गीकृत लिथियम-आयन बैटरियों और अन्य खतरनाक वस्तुओं की पैकेजिंग, डिक्लेरेशन, भंडारण एवं जहाज में सामान रखने की जगह (Stowage) के वैश्विक मानकों में सुधार की ओर IMO का ध्यान आकर्षित किया है।

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के बारे में

  • इसे 1948 में स्थापित किया गया था। यह संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है।
  • सदस्य: भारत सहित 174 सदस्य। 
  • मुख्यालय: लंदन, यूनाइटेड किंगडम
  • भूमिका: पोत  की सुरक्षा और जहाजों द्वारा समुद्री एवं वायुमंडलीय प्रदूषण की रोकथाम करना। 


IMO की समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में भूमिका

प्रमुख कन्वेंशन

उद्देश्य

समुद्री जीवन के संरक्षण हेतु अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन (SOLAC), 1974

जहाजों, आगजनी से सुरक्षा, नेविगेशन व परिचालन सुरक्षा के लिए निर्धारित सुरक्षा संबंधी मानक स्थापित करता है।

जहाजों से प्रदूषण की रोकथाम के लिए अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन (MARPOL), 1973

तेल, रसायन, सीवेज, अपशिष्ट आदि से होने वाले प्रदूषण को रोकना और न्यूनतम करना।

तेल प्रदूषण के खिलाफ तैयारी, प्रतिक्रिया और सहयोग पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (OPRC) तथा OPRC-HNS प्रोटोकॉल (2000)

इसके तहत देशों द्वारा तेल रिसाव (Oil spill) की घटनाओं के खिलाफ कार्रवाई करने हेतु आकस्मिक योजनाएं बनाना और सहयोग स्थापित करना आवश्यक है।

जहाजों पर हानिकारक एंटी-फाउलिंग प्रणालियों के नियंत्रण पर अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन (AFS कन्वेंशन)

हानिकारक एंटी-फाउलिंग प्रणालियों (जहाजों के जलमग्न हिस्से यानी पतवार पर समुद्री जीवों के चिपकने से रोकने के लिए प्रयुक्त पदार्थ) के उपयोग को विनियमित करना।

बलास्ट वाटर मैनेजमेंट कन्वेंशन

हानिकारक जलीय जीवों और रोगजनकों के प्रसार को रोकना तथा नए समुद्री परिवेश में आक्रामक प्रजातियों के प्रवेश को रोकना।

जहाजों के सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल पुनर्चक्रण के लिए हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन (हांगकांग कन्वेंशन)

यह सुनिश्चित करता है कि पुनर्चक्रित जहाज मानव स्वास्थ्य और सुरक्षा या पर्यावरण के लिए अनावश्यक खतरा उत्पन्न न करें।

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