सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 | Current Affairs | Vision IAS
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केंद्र सरकार की 2022 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार सिविल अधिकार संरक्षण (PCR) अधिनियम, 1955 के तहत दर्ज आपराधिक मामलों की संख्या में गिरावट आई है।

सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 के बारे में

  • पहले इसका नाम अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955 था। 1976 में संशोधन के बाद इस एक्ट का नाम बदलकर सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 कर दिया गया।
  • उद्देश्य: अस्पृश्यता के प्रचार और पालन करने के लिए दंड का प्रावधान करना।
    • यह कानून सामाजिक और धार्मिक क्षेत्रों में अस्पृश्यता के विभिन्न रूपों को परिभाषित करता है और उसके लिए दंड का प्रावधान करता है।
    • यह अधिनियम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त जानकारी के आधार पर हर साल एक समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करने का प्रावधान करता है। इस रिपोर्ट में अस्पृश्यता से संबंधित दर्ज मामले, पुलिस और अदालतों में लंबित मामले आदि के विवरण शामिल होते हैं। 

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग  मंत्री ने बिम्सटेक (BIMSTEC) के द्वितीय पोर्ट्स कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया।

बिम्सटेक के बारे में

  • स्थापना: यह बैंकॉक घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर के साथ 1997 में स्थापित हुआ।
  • उद्देश्य: बंगाल की खाड़ी के तटवर्ती देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना।
  • यह बंगाल की खाड़ी के तटवर्ती और निकटवर्ती 7 देशों का समूह है।
  • सदस्य देश: बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड।
  • यह समूह दक्षिण एशिया को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले एक विशिष्ट कड़ी के रूप में कार्य करता है।
  • सचिवालय: ढाका (बांग्लादेश)। 

कई ऑटोमोबाइल-निर्माता कंपनियां CAFE – III मानदंडों के तहत तय की गई उत्सर्जन सीमा को कम सख्त बनाने की मांग कर रही हैं।

‘CAFE मानदंड’ के बारे में

  • CAFE मानदंडों को पहली बार 2017 में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के तहत अधिसूचित किया गया था।
  • उद्देश्य: ईंधन की खपत को कम करके CO₂ उत्सर्जन को घटाना; जिससे तेल पर निर्भरता और वायु प्रदूषण कम किया जा सके। 
  • CAFE प्रत्येक वर्ष बेचे गए सभी वाहनों की औसत मानक ईंधन खपत के आधार पर आकलन किया जाता है।
  • किन वाहनों पर लागू है: पेट्रोल, डीजल, LPG, CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों पर, जिनका कुल वाहन भार (GVW) 3500 किलोग्राम से कम हो।
  • CAFE – III मानदंड वर्ष 2027 से 2032 की 5 वर्षीय अवधि के लिए अधिसूचित किए गए हैं। 

हाल के एक अध्ययन के अनुसार मोजाम्बिक के काबो डेलगाडो क्षेत्र में प्रस्तावित चार तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) परियोजनाएँ दुनिया की शेष कार्बन बजट का कम-से-कम 17% उपयोग कर सकती हैं।

  • काबो डेलगाडो 2017 से विद्रोही गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है।

‘काबो डेलगाडो’ के बारे में

  • अवस्थिति: यह पूर्वी अफ़्रीकी देश मोज़ाम्बिक का सबसे उत्तरी प्रांत है।
    • उत्तर में रोवुमा नदी इस क्षेत्र को तंजानिया से अलग करती है। इसके पूर्व में हिंद महासागर है।
  • जनसंख्या: इसकी आबादी में 51% महिलाएं हैं।
  • सांस्कृतिक संरचना: यहाँ मकोंडे नृजाति समुदाय रहता है, जो लकड़ी और हाथी दांत की नक्काशी की कारीगरी में माहिर है।
  • विशेषताएँ: इस क्षेत्र में क्विरिम्बा द्वीपसमूह और क्विरिम्बास राष्ट्रीय उद्यान स्थित हैं, जो अतीत में दास व्यापार का केंद्र रहे हैं।

अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) ने प्रधानमंत्री प्रोफेसरशिप्स की घोषणा की है।

पीएम प्रोफेसरशिप्स के बारे में

  • उद्देश्य: इंजीनियरिंग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सक्रिय, प्रतिष्ठित और सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों की विशेषज्ञता का उपयोग करना।
  • पात्र व्यक्ति: सेवानिवृत्त वैज्ञानिक; जिनमें विदेशी वैज्ञानिक, प्रवासी भारतीय (NRI), भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) और ओवरसीज सिटीजन्स ऑफ इंडिया (OCI) शामिल हैं।
    • पात्र होस्ट संस्थान में ऐसे राज्य (स्टेट) विश्वविद्यालय हैं जिन्हें ANRF के ‘पार्टनरशिप फॉर एक्सीलरेटेड इनोवेशन एंड रिसर्च (PAIR)’ कार्यक्रम की श्रेणी A में “स्पोक संस्थान” के रूप में मान्यता दी गई है।
  • वित्तीय सहायता: प्रति वर्ष 30 लाख रुपये की फेलोशिप के साथ 24 लाख रुपये का अनुसंधान अनुदान  और 1 लाख रुपये का ओवरहेड।
  • अवधि: 5 वर्ष। 

संयुक्त राज्य अमेरिका, यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम (PMADS) भेजने की योजना बना रहा है।

‘पैट्रियट मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम’ के बारे में

  • पैट्रियट (PATRIOT) का पूरा नाम; ‘फेज़्ड ऐरे ट्रैकिंग रडार फॉर इंटरसेप्ट ऑन टारगेट’ है। यह सतह से हवा में मार करने वाली मोबाइल मिसाइल रक्षा प्रणाली है। इसे रेथियॉन टेक्नोलॉजीज ने विकसित है। 
  • पैट्रियट मिसाइल की एक सामान्य बैटरी में रडार और नियंत्रण प्रणाली, एक पावर यूनिट, लॉन्चर और सहायक वाहन शामिल होते हैं।
  • यह ट्रैक-वाया-मिसाइल (TVM) मार्गदर्शन प्रणाली से लैस है। मिड-कोर्स करेक्शन कमांड यानी बीच में दिशा बदलने के निर्देश मोबाइल कंट्रोल सेंटर से मिसाइल को भेजे जाते हैं।
  • यह उपयोग किए गए इंटरसेप्टर के आधार पर लड़ाकू विमान, टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल्स और क्रूज मिसाइलों को रोक सकता है। 

भारत को हल्के लड़ाकू विमान (LCA) मार्क-1A फाइटर जेट कार्यक्रम के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका से दूसरा GE-F404 इंजन प्राप्त हुआ।

LCA मार्क-1A के बारे में

  • यह LCA तेजस का सबसे उन्नत संस्करण है।
    • 4.5 पीढ़ी का LCA तेजस सभी मौसम में काम करने वाला और कई भूमिकाएं निभाने वाला लड़ाकू विमान है। यह आक्रामक हवाई हमलों, कम रेंज के युद्ध, जमीनी हमला और समुद्री अभियान करने में सक्षम है।
  •  इसमें निम्नलिखित अत्याधुनिक प्रणालियाँ लगी हुई हैं:
    • AESA रडार
    • इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) सूट, जिसमें रडार चेतावनी और सेल्फ-प्रोटेक्शन जैमिंग प्रणाली शामिल हैं,
    • डिजिटल मैप जनरेटर (DMG), 
    • स्मार्ट मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले (SMFD) आदि।

हाल ही में, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 6 स्वदेशी रेडिएशन मॉनिटरिंग सिस्टम (RMS) भारतीय नौसेना को सौंपे। 

  • इनमें गामा रेडिएशन एरियल सर्विलांस सिस्टम, एनवायरनमेंटल सर्विलांस व्हीकल, व्हीकल रेडियोलॉजिकल कंटामिनेशन मॉनिटरिंग सिस्टम आदि शामिल हैं।

रेडिएशन मॉनिटरिंग सिस्टम (RMS) क्या है?

  • यह प्रणाली किसी रेडिएशन स्रोत के पास के क्षेत्र में रेडिएशन स्तर को मापती है। साथ ही, यह सतह पर रेडियोधर्मी संदूषण और हवा में मौजूद रेडिएक्टिव कणों का भी पता लगाती है।
  • शामिल उपकरण:
    • रेडिएशन सर्वे मीटर, जिन्हें गाइगर- काउंटर या गाइगर-म्यूलर मीटर  भी कहा जाता है। 
      • यह बीटा या अल्फा रेडिएशन का पता नहीं लगा सकते। 
    • डिजिटल रीडआउट और अलार्म सिस्टम वाले नए, पोर्टेबल और कॉम्पैक्ट रेडिएशन मॉनिटर अल्फा, बीटा और/या गामा रेडिएशन को माप सकते हैं।
  • प्रमुख उपयोग: परमाणु ऊर्जा संयंत्रों, चिकित्सा केंद्रों, पर्यावरण की निगरानी, राष्ट्रीय सुरक्षा आदि में इनका उपयोग किया जा सकता है।
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