स्वतंत्र निदेशक डेटाबैंक (IDDB) | Current Affairs | Vision IAS
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भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान (IICA) ने स्वतंत्र निदेशक डेटाबैंक (IDDB) को आगे बढ़ाने के लिए एग्जीक्यूटिव सर्च लीडर्स के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

स्वतंत्र निदेशक डेटाबैंक के बारे में

  • यह कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की एक पहल है। इसका उद्देश्य मौजूदा स्वतंत्र निदेशकों का क्षमता निर्माण करना है। 
    • एक स्वतंत्र निदेशक किसी कंपनी के निदेशक मंडल का सदस्य होता है। हालांकि, वह कंपनी के दिन-प्रतिदिन के संचालन में शामिल नहीं होता है और न ही उसका इस कंपनी से आर्थिक संबंध होता है।
  • यह कंपनियों को स्वयं को पंजीकृत कराने और स्वतंत्र निदेशक की भूमिकाओं के लिए सही कौशल रखने वाले व्यक्तियों से जुड़ने की सुविधा प्रदान करता है।
  • इसे कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत विकसित किया गया है।

FSSAI ने पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर को 'हाई रिस्क फूड’ श्रेणी में वर्गीकृत किया है।

हाई रिस्क फूड के बारे में

  • हाई रिस्क फूड का आशय खाने के लिए तैयार ऐसे खाद्य पदार्थों से हैं, जिनमें रोगजनक बैक्टीरिया का गुणन होता हैं। इसके अलावा, यह फूड सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। 
  • इनमें डेयरी उत्पाद जैसे- पोल्ट्री सहित मांस उत्पाद; मछली और मछली उत्पाद, आदि शामिल हैं।
  • हाई रिस्क फूड श्रेणी के अंतर्गत आने वाले खाद्य उत्पादों को अनिवार्य जोखिम-आधारित निरीक्षण के अधीन किया जाता है।
  • हाई रिस्क वाली खाद्य श्रेणियों के तहत सभी केंद्रीय लाइसेंस प्राप्त विनिर्माता/ प्रोसेसर्स को प्रतिवर्ष FSSAI द्वारा मान्यता प्राप्त खाद्य सुरक्षा ऑडिटिंग एजेंसी द्वारा अपने व्यवसाय का ऑडिट करवाना होगा।

"स्पंज सिटीज़" की नई अवधारणा और इस अनुरूप शहरों का विकास शहरी बाढ़ की समस्या से निपटने का एक प्रभावी तरीका है।

स्पंज सिटी के बारे में:

  • स्पंज सिटी वास्तव में शहरी विकास की संधारणीय पद्धति है। इसमें बाढ़ नियंत्रण, जल संरक्षण, जल गुणवत्ता सुधार और प्राकृतिक पारिस्थितिकी-तंत्र संरक्षण के लिए संधारणीय तरीका अपनाया जाता है।
    • उदाहरण के लिए- हरित छतें, कृत्रिम आर्द्रभूमियां (Constructed wetlands), वृक्ष आवरण में वृद्धि आदि।
  • स्पंज सिटीज़ के लाभ: 
    • ये वायु की आद्रता बढ़ाती हैं; 
    • शहरी सूक्ष्म जलवायु यानी स्थानीय जलवायु को प्रभावित करती हैं; तथा 
    • लोक स्वास्थ्य जोखिमों को कम करती हैं।
  • दुनिया भर में स्पंज सिटीज़ के उदाहरण: 
    • अल्बानिया में तिराना शहर वायु को स्वच्छ रखने के लिए एक रिंग फॉरेस्ट बना रहा है; 
    • बर्लिन में हरित छतों और वर्टिकल गार्डन्स को बढ़ावा दिया जा रहा है।

चक्रवात फेंगल के प्रभाव के कारण भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने केरल एवं तमिलनाडु के कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं।

चक्रवात फेंगल के बारे में

  • यह एक उष्णकटिबंधीय तूफान है। चक्रवात वायु की एक विशाल प्रणाली होती है, जो कम दाब वाले क्षेत्र के केंद्र के चारों ओर घूमती है।
  • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने चक्रवातों को मोटे तौर पर दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया है: 
    • बहिरूष्ण कटिबंधीय चक्रवात (extratropical cyclone)इन चक्रवातों की उत्पत्ति उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के बाहर होती है।
    • उष्णकटिबंधीय चक्रवात: ये मकर और कर्क रेखा के बीच के क्षेत्रों में विकसित होते हैं। ये पृथ्वी पर सबसे विनाशकारी तूफान माने जाते हैं।

चक्रवात संबंधी अलर्ट के लिए IMD की कलर कोडिंग:

  • प्री-साइक्लोन वाच (येलो); साइक्लोन अलर्ट (ऑरेंज); तथा साइक्लोन वॉर्निंग (रेड)।

AOMSUC-14 का आयोजन नई दिल्ली में किया जा रहा है।

AOMSUC के बारे में

  • पहला AOMSUC 2010 में बीजिंग में आयोजित हुआ था। तब से यह प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाता रहा है।
  • यह मौसम विज्ञानियों, पृथ्वी वैज्ञानिकों, सैटेलाइट संचालकों और छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।
  • इसकी मेजबानी पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) करता है।
  • उद्देश्य
    • सैटेलाइट द्वारा अवलोकनों के महत्त्व का प्रसार करना।
    • सैटेलाइट रिमोट सेंसिंग विज्ञान को बढ़ावा देना।
    • सैटेलाइट के संचालकों और इसके उपयोगकर्ताओं के बीच संवाद एवं सहयोग को सुविधाजनक बनाना।
    • अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं के बारे में समुदाय को सूचित करना।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण (IPC) पर वैश्विक रिपोर्ट, 2024 जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य-देखभाल सेवा कर्मियों से जुड़े संक्रमणों (HAI) को रोकने में निहित गंभीर कमियों को दूर करने में धीमी प्रगति हुई है।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर

  • वर्तमान में विश्व के 71% देशों में संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण (IPC) कार्यक्रम सक्रिय हैं। हालांकि, 2023-2024 में केवल 6% देशों ने ही WHO के ‘संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण” के सभी न्यूनतम मानदंडों को पूरा किया है।
  • वित्तीय और संसाधन संबंधी चुनौतियां: उदाहरण के लिए, 2023 में लगभग एक चौथाई देशों ने स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की आपूर्ति में कमी की सूचना दी थी।
  • आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) तथा WHO के अनुसार, वैश्विक स्तर पर, 2050 तक स्वास्थ्य-देखभाल सेवा कर्मियों से जुड़े संक्रमणों की वजहों से हर साल लगभग 3.5 मिलियन लोग अपनी जान गंवा सकते हैं।

हाल ही में, संयुक्त सैन्य अभ्यास अग्नि वारियर (XAW-2024) का 13वां संस्करण महाराष्ट्र में संपन्न हुआ।

अग्नि वारियर के बारे में

  • यह भारतीय सेना और सिंगापुर के सशस्त्र बलों के बीच एक द्विपक्षीय अभ्यास है।
  • उद्देश्य: संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत एक बहुराष्ट्रीय बल के रूप में संयुक्तता प्राप्त करने के लिए अभ्यास और प्रक्रियाओं की आपसी समझ को अधिकतम करना।

 

हाल ही में, भारतीय सेना और कंबोडियाई सेना के बीच संयुक्त टेबल टॉप अभ्यास, सिनबैक्स का पहला संस्करण पुणे में शुरू किया गया है।

सिनबैक्स/ CINBAX के बारे में

  • यह एक योजनागत अभ्यास है। इसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभियानों का युद्ध अभ्यास करना है।
  • इस अभ्यास में सूचना संचालन, साइबर युद्ध, हाइब्रिड युद्ध, रसद और हताहत प्रबंधन, HDR संचालन आदि पर भी चर्चा की जाएगी।

सरकार ने संकटग्रस्त भारतीय महिलाओं के लिए 9 ग्लोबल OSCs को मंजूरी दी है।

ग्लोबल OSCs के बारे में

  • उद्देश्य: खराब परिस्थितियों में महिलाओं को व्यापक सहायता प्रदान करना, उनकी तत्काल जरूरतों का समाधान करना और महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करना।
  • इनमें आश्रय गृहों के प्रावधान वाले सात OSCs- बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब (जेद्दा व रियाद) तथा बिना आश्रय गृहों वाले दो OSCs- टोरंटो एवं सिंगापुर शामिल हैं।
  • भारतीय समुदाय कल्याण कोष (ICWF) संकटग्रस्त भारतीय नागरिकों, विशेषकर महिलाओं तक कल्याणकारी उपाय पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
    • ICWF का विस्तार विदेशों में सभी भारतीय मिशनों और केंद्रों तक किया गया है। इसकी स्थापना 2009 में की गई थी।
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