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आयकर विभाग ने हाल ही में विलासिता की उन वस्तुओं की सूची अधिसूचित की है, जिन पर करदाताओं को 1% टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स का भुगतान करना होगा।

टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स (TCS) के बारे में

  • यह विक्रेता द्वारा देय कर है, जिसे वह वस्तु की बिक्री के समय क्रेता से एकत्र करता है।
  • आयकर अधिनियम की धारा 206 में उन वस्तुओं की सूची दी गई है, जिन पर विक्रेता को क्रेता से कर एकत्र करना चाहिए।
  • CGST अधिनियम, 2017 की धारा 52 में कर योग्य आपूर्ति के संबंध में ई-कॉमर्स ऑपरेटर द्वारा टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स का प्रावधान किया गया है।
  • विक्रेता को TCS के तहत अधिकृत किसी भी व्यक्ति या संगठन के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। इसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, साझेदारी फर्म आदि शामिल हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य सनराइज सेक्टर्स की मदद से GDP में विनिर्माण की हिस्सेदारी को दोगुना करना है।

सनराइज इंडस्ट्री के बारे में

  • सनराइज इंडस्ट्री एक अवधारणा है, जो किसी विकासशील क्षेत्रक या बाजार के प्रारंभिक चरण में तीव्र उछाल की संभावना को दर्शाती  है।
  • इनकी विशेषता उच्च वृद्धि दर, कई स्टार्ट-अप्स और वेंचर कैपिटल फंडिंग की अधिकता होती है।
  • सरकार ने विनिर्माण को मजबूत करने के लिए 14 सनराइज सेक्टर्स की पहचान की है। इसमें सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा घटक, चिकित्सा उपकरण, हाइड्रोजन मिशन, बैटरी आदि शामिल हैं। इन्हें बढ़ावा देने के लिए उत्पादन से संबद्ध प्रोत्साहन (PLI) योजना शुरू की गई है।

बहु-देशीय कम्प्यूटेबल जनरल इक्विलिब्रियम मॉडल (MF-ENV) का उपयोग करते हुए IMF ने अध्ययन में यह परीक्षण किया कि AI-संचालित डेटा सेंटर्स का विकास बिजली की खपत, बिजली की कीमतों और कार्बन उत्सर्जन को कैसे प्रभावित करता है।

IMF-ENV के बारे में 

  • यह एक वैश्विक डायनेमिक कम्प्यूटेबल जनरल इक्विलिब्रियम (CGE) मॉडल है। इसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के रिसर्च डिपार्टमेंट द्वारा विकसित किया गया है।
    • CGE मॉडल्स बड़े संख्यात्मक मॉडल्स होते हैं। ये आर्थिक सिद्धांत को वास्तविक आर्थिक डेटा के साथ जोड़कर नीतियों और आर्थिक आघातों के प्रभावों का मूल्यांकन करते हैं। 
  • इस मॉडल में 160 देशों और क्षेत्रों के साथ-साथ 76 क्षेत्रकों का डेटाबेस शामिल है। इसे देश-क्षेत्रक संयोजनों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए समायोजित किया जा सकता है।

गुवाहाटी स्थित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उन्नत अध्ययन संस्थान के शोधकर्ताओं ने कोलेस्ट्रॉल का पता लगाने के लिए एक नया ऑप्टिकल सेंसिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया है। यह प्लेटफॉर्म रोगों की संभावना का संकेत दे सकता है।

  • यह प्लेटफॉर्म कोलेस्ट्रॉल की आदर्श स्तर से कम मात्रा में भी पहचान या ट्रेस कर सकता है। यह मानव शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर की नियमित निगरानी के लिए एक कुशल साधन सिद्ध हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल के प्रकारों के बारे में

  • यह मनुष्यों के लिए एक आवश्यक लिपिड है, जो यकृत द्वारा निर्मित होता है।
  • यह पशुओं के ऊतकों, रक्त और तंत्रिका कोशिकाओं के लिए आवश्यक है तथा स्तनधारियों में इसका परिवहन रक्त द्वारा होता है।
  • ये दो प्रकार के होते हैं- 
    • LDL (लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन) कोलेस्ट्रॉल: इसे अक्सर 'खराब' कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, क्योंकि यह धमनियों की दीवारों पर जमा हो सकता है और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
    • HDL (हाई-डेंसिटी लिपोप्रोटीन) कोलेस्ट्रॉल: इसे 'अच्छा' कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, क्योंकि यह रक्तप्रवाह से कोलेस्ट्रॉल के अन्य रूपों को हटाने में मदद करता है।

नासा ग्रेविटी को मापने के लिए पहली बार अंतरिक्ष-आधारित क्वांटम सेंसर्स विकसित कर रहा है।

  • गुरुत्वाकर्षण में सूक्ष्म परिवर्तनों को ग्रेविटी ग्रैडियोमीटर का उपयोग करके मापा जाता है।
    • ग्रेविटी ग्रैडियोमीटर यह ट्रैक करते हैं कि एक स्थान पर गिरने वाली वस्तु कितनी तेजी से गिरती है, जबकि एक ही समय में थोड़ी दूरी पर गिरने वाली वस्तु कितनी तेजी से गिरती है। 
    • इन दो मुक्त रूप से गिरती वस्तुओं के बीच त्वरण में अंतर गुरुत्वाकर्षण की प्रबलता में अंतर के अनुरूप होता है।
  • क्वांटम सेंसर अल्ट्रा-कोल्ड एटम इंटरफेरोमेट्री का उपयोग करते हैं, जो स्थानीय गुरुत्वाकर्षण का निरपेक्ष माप करने के लिए एक स्थापित तकनीक है।
    • एटम इंटरफेरोमेट्री में, गुरुत्वाकर्षण को मापने के लिए टाइम्ड लेजर पल्सेस का उपयोग करके एटम के मुक्त रूप से गिरते बादल को विभाजित, प्रतिबिम्बित और पुनर्संयोजित किया जाता है।

पहली बार, जर्मनी में मौजूदा वाणिज्यिक दूरसंचार अवसंरचना का उपयोग करके 254 किलोमीटर से अधिक दूरी तक क्वांटम संदेश सफलतापूर्वक भेजा गया।

हालिया घटनाक्रम के बारे में

  • संचार क्रायोजेनिक कूलिंग की आवश्यकता के बिना ऑप्टिकल फाइबर केबल्स के माध्यम से किया गया था।
  • इसमें सहसंबद्धता-आधारित ट्विन-फील्ड क्वांटम कुंजी वितरण का उपयोग किया गया था। यह विधि लंबी दूरी तक सुरक्षित सूचना के वितरण को सुगम बनाती है।
  • यह प्रदर्शन दर्शाता है कि जो उन्नत क्वांटम संचार प्रोटोकॉल्स प्रकाश की सहसंबद्धता का उपयोग करते हैं, उन्हें मौजूदा दूरसंचार अवसंरचना पर लागू किया जा सकता है।

चीन और रूस अपने संयुक्त अंतर्राष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन (ILRS) को ऊर्जा प्रदान करने के लिए चंद्रमा पर एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।

  • इस योजना का उद्देश्य "555 प्रोजेक्ट" बनाना है। इसके लिए 50 देशों, 500 अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थानों और 5,000 विदेशी शोधकर्ताओं से ILRS में शामिल होने का आग्रह किया जाएगा।

ILRS के बारे में

  • उद्देश्य: चंद्र भूविज्ञान, चंद्र आधारित खगोलीय पर्यवेक्षण, सूर्य-पृथ्वी-चंद्रमा प्रणाली का अंतरिक्ष पर्यावरण पर्यवेक्षण, चंद्र-आधारित मौलिक विज्ञान प्रयोग, और चंद्रमा के स्वस्थाने संसाधन का उपयोग करना।
  • अब तक 17 देश और अंतर्राष्ट्रीय संगठन, साथ ही 50 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान ILRS में शामिल हो चुके हैं।
  • ILRS में पृथ्वी-चंद्रमा परिवहन, ऊर्जा आपूर्ति, केंद्रीकृत नियंत्रण, संचार, नेविगेशन, और ग्राउंड सपोर्ट जैसी क्षमताएं होंगी।

वर्ष 1924-25 में यानी 100 साल पहले, त्रावणकोर सरकार ने वायकोम सत्याग्रह के समझौते को पूर्ण रूप से लागू किया था।

वायकोम सत्याग्रह के बारे में

  • वायकोम सत्याग्रह 1924-25 में केरल के कोट्टायम जिले के वायकोम गांव में हुआ था।
  • वायकोम सत्याग्रह का उद्देश्य अस्पृश्यता को समाप्त करना और सार्वजनिक स्थानों पर सभी जातियों का स्वतंत्र प्रवेश सुनिश्चित करना था।
    • यह "निम्न जाति" के हिंदुओं को वायकोम महादेव मंदिर में प्रवेश करने की मनाही और उसके आसपास की सड़कों पर जाने से रोकने के खिलाफ शुरू किया गया था।
  • प्रमुख नेता: टी.के. माधवन, के. केलप्पन (केरल गांधी के नाम से प्रसिद्ध), के.पी. केशव मेनन, और जॉर्ज जोसेफ।
  • महात्मा गांधी ने इस सत्याग्रह का समर्थन किया था और 1925 में वायकोम की यात्रा की थी।
  • सत्याग्रह अंततः सफल हुआ और मंदिर को घेरने वाली चार सड़कों में से तीन को 1925 में सभी के लिए खोल दिया गया था।
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