सुर्ख़ियों में क्यों?
हाल ही में भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में हुए सिविल अलंकरण समारोह-I (Civil Investiture Ceremony-I) में वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए।
पद्म पुरस्कार के बारे में
- शुरुआत: वर्ष 1954 प्रारंभ हुए हैं तथा भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं।
- प्रारंभ में पद्म विभूषण की तीन श्रेणियां थीं, जिनका नाम बदलकर 1955 में पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री कर दिया गया।
- पद्म पुरस्कार अनुच्छेद 18 के तहत कोई उपाधियां नहीं हैं और इन्हें नाम के आगे या पीछे उपसर्ग या प्रत्यय के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता है।
- ये पुरस्कार कला, विज्ञान, साहित्य, खेल, चिकित्सा, सिविल सेवा तथा सामाजिक-कार्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियों और जनसेवा के लिए प्रदान किए जाते हैं।
- भारत के राष्ट्रपति द्वारा निम्नलिखित तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं:
- पद्म विभूषण: असाधारण एवं विशिष्ट सेवा के लिए।
- पद्म भूषण: उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए।
- पद्म श्री: विशिष्ट सेवा के लिए।
- पात्रता
- नृजाति, व्यवसाय, पद अथवा लिंग पर विचार किए बिना सभी व्यक्तियों को प्रदान किए जाते हैं।
- चिकित्सा और वैज्ञानिक को छोड़कर PSUs समेत अन्य सरकारी कर्मचारी इसके लिए पात्र नहीं होते हैं।
- सामान्यतः ये पुरस्कार मरणोपरांत नहीं दिए जाते हैं; किंतु अत्यंत योग्य मामलों में इन्हें मरणोपरांत भी प्रदान किया जा सकता है।
- चयन प्रक्रिया
- नामांकन आम जनता के लिए खुले होते हैं, जिनमें स्व-नामांकन भी शामिल हैं।
- पद्म पुरस्कार समिति: इसका गठन प्रत्येक वर्ष प्रधानमंत्री द्वारा किया जाता है। इसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करते हैं। इसमें गृह सचिव, राष्ट्रपति के सचिव तथा चार से छह प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाता है।
- समिति की अनुशंसाएं अनुमोदन के लिए प्रधानमंत्री तथा भारत के राष्ट्रपति को भेजी जाती हैं।
निष्कर्ष
पद्म पुरस्कार उत्कृष्टता, निःस्वार्थ सेवा तथा विविध क्षेत्रों में असाधारण योगदान के प्रति राष्ट्र की सर्वोच्च सम्मान-भावना का प्रतीक हैं। समाज के सभी वर्गों से व्यक्तियों को पारदर्शी एवं समावेशी प्रक्रिया के माध्यम से सम्मानित कर ये पुरस्कार योग्यता, राष्ट्रीय एकता और लोकसेवा जैसे मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं तथा भावी पीढ़ियों को राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।