धन-शोधन (MONEY LAUNDERING) | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

धन-शोधन (MONEY LAUNDERING)

30 Jun 2026
1 min

In Summary

  • ईडी की वित्त वर्ष 2026 की रिपोर्ट से पता चलता है कि मनी लॉन्ड्रिंग के लिए जब्त की गई संपत्तियों में 23 गुना वृद्धि हुई है, जो ₹5,171 करोड़ (2005-14) से बढ़कर ₹1.19 लाख करोड़ (2014-24) हो गई है।
  • ईडी ने वित्त वर्ष 2026 में पीएमएलए के तहत 657 शिकायतें दर्ज कीं, जो वित्त वर्ष 2025 की 333 शिकायतों से लगभग दोगुनी हैं, और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में दोषसिद्धि दर लगभग 94% रही।
  • धन शोधन को रोकने में आने वाली चुनौतियों में न्यायिक देरी, लेन-देन की बढ़ती जटिलता, एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी और कुछ क्षेत्रों में अपर्याप्त विनियमन शामिल हैं।

In Summary

सुर्ख़ियों में क्यों?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी वित्त वर्ष 2025–26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि धन-शोधन अर्थात मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में जब्त की गई संपत्ति में 23 गुना बढ़ोतरी हुई है। यह वर्ष 2005–14 में ₹5,171 करोड़ से बढ़कर 2014–24 में ₹1.19 लाख करोड़ हो गई है।

वार्षिक रिपोर्ट के अन्य मुख्य तथ्य

  • धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 का सशक्त प्रवर्तन: ED ने वित्त वर्ष 2025–26 में 657 मुख्य अभियोजन शिकायतें दर्ज कीं। यह FY 2024–25 की 333 शिकायतों से लगभग दोगुनी है।
    • अब तक दर्ज की गई सभी PMLA शिकायतों में से 41% से अधिक शिकायतें पिछले दो वर्षों में दर्ज की गईं।
  • दोषसिद्धि दर: धन शोधन मामलों में लगभग 94% की दोषसिद्धि दर दर्ज की गई।
  • भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA), 2018: इसके तहत ₹2,178.34 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई।

प्रवर्तन निदेशालय (मुख्यालय: नई दिल्ली)

  • गठन: 1 मई 1956 को 'विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1947' (FERA) को लागू करने के लिए आर्थिक मामलों के विभाग के तहत 'एनफोर्समेंट यूनिट' के तौर पर स्थापना हुई।
  • वर्तमान में यह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के तहत काम करता है।
  • इसके बारे में: यह कई क्षेत्रों से जुड़ी संस्था है, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध और विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन की जांच का दायित्व सौंपा गया है।
  • कानून लागू करना: इसे 'विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973'; 'विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999'; 'PMLA 2002'; और 'FEOA, 2018' को लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है।

धन शोधन के बारे में

  • वर्ष 1988 के संयुक्त राष्ट्र के वियना कन्वेंशन के अनुसार, धन शोधन का अर्थ है आपराधिक गतिविधियों से मिली संपत्ति को स्थानांतरित करना, ताकि उसके गैर-कानूनी स्रोत को छिपाया जा सके या अपराधियों को कानूनी नतीजों से बचने में मदद मिल सके।

मनी लॉन्ड्रिंग का प्रभाव

  • आर्थिक प्रभाव 
    • आर्थिक विकृति: धन शोधन (ML) अवैध धन को रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में प्रवाहित करके बाजार को विकृत करता है। इससे कृत्रिम मूल्य वृद्धि होती है। साथ ही, कर चोरी, आय कम दिखाने और संपत्ति छिपाने से सरकारी राजस्व भी कम होता है।
    • निवेश में कमी: धन शोधन मे वृद्धि से वित्तीय पारदर्शिता कम होती है, जिससे घरेलू और विदेशी निवेश घटता है तथा वैश्विक वित्तीय प्रणाली में देश की साख को नुकसान पहुँचता है।
    • समानांतर अर्थव्यवस्था: अवैध रूप से अर्जित आय को वैध बनाना काले धन की अर्थव्यवस्था (Black Economy) को मजबूत करता है। साथ ही, नकद-आधारित, अनियमित लेन-देन को बढ़ावा मिलता है।
  • राजनीतिक प्रभाव 
    • लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए खतरा: अवैध धन से आपराधिक नेटवर्क चुनाव, राजनीतिक अभियानों और नीति-निर्माण को प्रभावित कर सकते हैं। इससे लोकतांत्रिक संस्थाएँ कमज़ोर होती हैं।
  • शासन पर प्रभाव 
    • भ्रष्टाचार में बढ़ोतरी: रिश्वत और सरकारी पद के दुरुपयोग से हुई अवैध आय को छिपाने से भ्रष्टाचार बढ़ता है, जवाबदेही के तरीके कमज़ोर होते हैं और संस्थागत सुदृढ़ता समाप्त होती है।
    • प्रशासनिक बोझ में वृद्धि: धन शोधन से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर निगरानी, ​​जाँच और कानूनी कार्रवाई आदि की आवश्यकता होती है।
  • सुरक्षा पर प्रभाव
    • संगठित अपराध/आतंकवाद: धन शोधन से संगठित अपराधों और आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंडिंग होती है। इससे अपराधी नेटवर्क मजबूत होते हैं और आंतरिक सुरक्षा व राष्ट्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा होता है।
  • सामाजिक प्रभाव
    • असमानता का बढ़ना: धन शोधन की वजह से गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल लोग औपचारिक अर्थव्यवस्था से बाहर भारी संपत्ति जमा कर पाते हैं और उसे अपने पास रख पाते हैं। इससे सामाजिक-आर्थिक असमानता और बढ़ती है।

धन शोधन से निपटने के लिए उठाए गए कदम

  • कानूनी उपाय:
    • बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम, 2016: बेहिसाब धन को वित्तीय प्रणाली में लाना, बेनामी संपत्तियों को ज़ब्त करना और इन संपत्तियों से जुड़े लोगों को सज़ा देना।
    • काला धन (अघोषित विदेशी आय तथा परिसंपत्ति) तथा कर अधिरोपण अधिनियम, 2015: इसका उद्देश्य विदेशों में जमा अघोषित (काला) धन वापस लाना है।
    • वित्तीय आसूचना इकाई–भारत (FIU-IND): यह देश की केंद्रीय राष्ट्रीय एजेंसी है। इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली वित्तीय खुफिया जानकारी प्रदान करना, वित्तीय प्रणाली को धन शोधन (ML), आतंकवाद के वित्तपोषण तथा अन्य आर्थिक अपराधों से सुरक्षित रखना है।
    • जनवरी 2026 में, FIU-IND की गाइडलाइंस ने वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) सर्विस प्रोवाइडर्स को एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और काउंटरिंग फाइनेंसिंग ऑफ़ टेररिज्म (AML/CFT) रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के दायरे में लाया। इसके तहत उन्हें दूसरी रिपोर्टिंग संस्थाओं की तरह ही 'ड्यू डिलिजेंस' (पूरी जांच-पड़ताल) और रिपोर्टिंग की आवश्यकताओं को पूरा करना ज़रूरी हो गया।
    • RBI के KYC निर्देश: सभी विनियमित संस्थाओं (Regulated Entities) को समय-समय पर धन शोधन (ML) एवं आतंकवाद के वित्तपोषण (TF) से संबंधित जोखिम आकलन करना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य ग्राहकों, देशों, भौगोलिक क्षेत्रों, तथा अन्य संबंधित कारकों से जुड़े ML और TF जोखिमों की पहचान एवं मूल्यांकन करना है।
    • दोहरे कराधान से बचाव के समझौते (DTAA): DTAA का उद्देश्य कर चोरी को रोकना है। यह सुनिश्चित करता है कि करदाता अंतर्राष्ट्रीय  कर नियमों की खामियों का लाभ उठाकर कर भुगतान से बच न सकें। साथ ही, यह एक ही आय पर दो देशों में दोहरा कराधान होने से भी बचाता है। 
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग:
    • संयुक्त राष्ट्र वियना कन्वेंशन (1988): यह मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ व्यापक उपाय प्रदान करता है, जिसमें धन शोधन और प्रीकर्सर रसायनों के गलत इस्तेमाल को रोकने के प्रावधान शामिल हैं।
    • वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF): यह धन शोधन एवं आतंकवाद के वित्तपोषण के तरीकों पर शोध करता है। साथ ही, यह धन शोधन के जोखिमों को कम करने हेतु वैश्विक मानक (Global Standards) विकसित एवं प्रोत्साहित करता है। भारत इसका सदस्य है।
    • पलेर्मो कन्वेंशन, 2000 {संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराध रोधी सम्मेलन (UNTOC)}: यह संगठित आपराधिक समूह, धन शोधन, भ्रष्टाचार में शामिल होने तथा न्याय में बाधा डालने को अपराध घोषित करना।

 

धन शोधन को रोकने में चुनौतियां

  • न्यायिक देरी: धन शोधन के मामलों में अक्सर लंबी जांच और लंबी न्यायिक कार्यवाही होती है। इसके कारण दोषसिद्धि दर कम होती है तथा जब्त की जाने वाली संपत्ति और अंततः सरकार द्वारा ज़ब्त की गई संपत्ति के बीच बड़ा अंतर होता है।
  • बढ़ती जटिलता: आधुनिक तकनीकों, क्रिप्टोकरेंसी, डिजिटल परिसंपत्तियाँ, कई चरणों वाले लेन-देन आदि के इस्तेमाल से गैर-कानूनी फंड का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
  • तालमेल की कमी: धन शोधन रोधी (AML) नियमों को लागू करने में कई एजेंसियों (ED, CBI, वित्तीय आसूचना) के शामिल होने से जानकारी साझा करने में देरी, बिखरी हुई जांच आदि जैसी समस्याएं होती हैं।
  • नियमन की कमी: रियल एस्टेट, ज्वेलरी आदि क्षेत्रों में अपर्याप्त नियमन और साथ ही नकद लेन-देन का व्यापक चलन।
  • अलग-अलग अधिकार-क्षेत्र वाले ढांचे: AML नियमों का पालन अलग-अलग अधिकार-क्षेत्रों में अलग-अलग होता है। वैश्विक स्तर पर काम करने वाली संस्थाओं के लिए कई देशों के नियमों का पालन सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
    • उदाहरण के लिए, यूरोपियन यूनियन के निर्देश बनाम भारत में PMLA, 2002 जैसे स्थानीय नियम।

निष्कर्ष

धन शोधन तथा आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने वाली प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण की जरूरत है। इसमें तेजी से मुकदमा चलाना, जोखिम-आधारित नियमन, मजबूत निगरानी, ​​बेहतर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और प्रभावी खुफिया सूचना साझाकरण शामिल हैं।

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

समानांतर अर्थव्यवस्था (Parallel Economy)

एक ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें अवैध गतिविधियों से अर्जित लाभ का पता नहीं चलता और यह कराधान के दायरे से बाहर रहता है, जिससे सरकारी राजस्व का नुकसान होता है।

पलेर्मो कन्वेंशन, 2000 (संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराध रोधी सम्मेलन - UNTOC)

यह एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है जिसका उद्देश्य संगठित अपराध से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें धन शोधन को एक अपराध घोषित करना भी शामिल है।

वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF)

यह एक अंतर-सरकारी निकाय है जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ वैश्विक मानकों को विकसित और बढ़ावा देता है। भारत इसका सदस्य है।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet