सुर्ख़ियों में क्यों?
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने दो उन्नत मौसम पूर्वानुमान उत्पाद जारी किए हैं। इनका उद्देश्य पूरे देश में अति-स्थानीय (Hyper-local), प्रभाव-आधारित और AI-संचालित मौसम सेवाएं प्रदान करना है।
अन्य संबंधित तथ्य
- प्रारंभ किए गए दो उत्पादों में शामिल हैं,
- "देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की प्रगति का AI-सक्षम पूर्वानुमान करना" तथा
- एक पायलट सेवा के रूप में "उत्तर प्रदेश के लिए हाई स्पेशियल रेजोल्यूशन वर्षा पूर्वानुमान"।
- इन प्रणालियों को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM), पुणे और राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (NCMRWF) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।
देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की प्रगति का AI-सक्षम पूर्वानुमान के बारे में
- यह भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और अन्य संस्थानों द्वारा विकसित पहली AI-संचालित मानसून प्रगति पूर्वानुमान प्रणाली है।
- यह प्रत्येक बुधवार को 4 सप्ताह पहले तक मानसून की प्रगति का संभाव्य पूर्वानुमान प्रदान करती है।
- कृषि सहायता:
- इसे कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के प्रसार ढांचे के माध्यम से 16 राज्यों और 3,000 से अधिक उप-जिलों के किसानों की सहायता के लिए अभिकल्पित किया गया है।
- यह कृषि नियोजन और तैयारी के लिए AI-आधारित पूर्वानुमान मॉडल, विस्तारित रेंज की भविष्यवाणी प्रणालियों और सांख्यिकीय तकनीकों का संयोजन करती है।
उत्तर प्रदेश के लिए उच्च स्थानिक रेजोल्यूशन आधारित वर्षा पूर्वानुमान के बारे में

- यह एक पायलट सेवा है जो 10 दिन पूर्व तक की 1-किमी तक की स्थानीय रिज़ॉल्यूशन पर वर्षा का पूर्वानुमान प्रदान करती है।
- यह AI-संचालित डाउनस्केलिंग तकनीकों का उपयोग करती है। साथ ही, यह स्वचालित वर्षा गेज, स्वचालित मौसम स्टेशन, डॉपलर मौसम रडार और उपग्रह-आधारित वर्षा डेटासेट से प्राप्त डेटा को एकीकृत करती है।
- यह कृषि, आपदा प्रबंधन, शहरी नियोजन, जल संसाधन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों के लिए उपयोगी है।
अत्यंत-स्थानीय मौसम पूर्वानुमान का महत्व
- कृषि नियोजन में सुधार: यह बेहतर फसल प्रबंधन के लिए मृदा की आर्द्रता, तापमान और वर्षा का सटीक डेटा प्रदान करता है।
- मानसून की परिवर्तनशीलता: भारत की उष्णकटिबंधीय और अत्यधिक अप्रत्याशित मानसून प्रणालियों की अधिक सटीकता से भविष्यवाणी करने में मदद करता है।
- आपदा संबंधी तैयारी और प्रतिक्रिया: वर्षा, चक्रवात, हीट वेव (लू) और सूखे की सटीक भविष्यवाणी, आपदा प्रबंधन से संबंधित सुविज्ञ निर्णयों में सहायक होती है।
- तृणमूल स्तर के शासन को सुदृढ़ बनाना: यह ग्रामीण समुदायों को जलवायु के प्रति अधिक अनुकूल और पर्यावरणीय चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार करती है।
- शहरी नियोजन: बेहतर आपदा प्रबंधन और रोकथाम के लिए वायु गुणवत्ता, ताप वितरण और वर्षा की निगरानी करने में सहायता करता है।
- अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव : स्थानीय ऊष्मन के कारण शहरी क्षेत्रों में होने वाले उच्च तापमान का पूर्वानुमान लगाने में मदद करता है।
- वैश्विक जलवायु समुत्थानशीलता: 'संयुक्त राष्ट्र की सभी के लिए प्रारंभिक चेतावनी पहल ' (UN Early Warning for All Initiative ) के तहत विकासशील राष्ट्रों को IMD द्वारा प्रदान किए जाने वाले सहयोग के माध्यम से वैश्विक जलवायु लचीलेपन में भारत की भूमिका को मजबूत करता है।
निष्कर्ष
AI-सक्षम अत्यंत-स्थानीय मौसम पूर्वानुमान प्रणालियों का शुभारंभ कृषि नियोजन, आपदा संबंधी तैयारी और सार्वजनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुधार करके जलवायु-अनुकूल और प्रौद्योगिकी-संचालित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह उन्नत मौसम पूर्वानुमान और वैश्विक जलवायु लचीलेपन के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व को और अधिक सशक्त बनाता है।