युग युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय | Current Affairs | Vision IAS
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संस्कृति मंत्रालय ने युग युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय को विश्व स्तरीय सांस्कृतिक संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए फ्रांस म्यूजियम डेवलपमेंट (FMD) के साथ साझेदारी की है।

युग युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय के बारे में

  • यह सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा है। इसका विस्तार नई दिल्ली के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में होगा।
  • यह संग्रहालय भारत की विरासत को प्रदर्शित करेगा।
  • ऐतिहासिक नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का रचनात्मक रूप से पुनः उपयोग उनकी वास्तुकला विरासत के संरक्षण को सुनिश्चित करेगा। साथ ही, एक जीवंत और कुशल सांस्कृतिक स्थल का निर्माण करेगा।
    • यह दृष्टिकोण फ्रांस की "ग्रैंड्स प्रॉजेक्ट्स" पहल से प्रेरित है। इस प्रोजेक्ट के तहत फ्रांस में सरकारी इमारतों को प्रतिष्ठित सांस्कृतिक स्थलों में बदल दिया गया है।

मेडिटेक यानी चिकित्सा उपकरण क्षेत्रक को भारत में एक उभरता (सनराइज) क्षेत्रक माना जाता है।

  • मेडिटेक से आशय है मेडिकल टेक्नोलॉजी। यह स्वास्थ्य देखभाल सेवा का एक सेगमेंट है। 
    • इसमें बीमारी की जांच, रोकथाम, उपचार आदि के लिए कई तरह के चिकित्सा उत्पादों या उपकरणों के डिजाइन और निर्माण को शामिल किया जाता है।
  • वर्तमान स्थिति:
    • भारत एशिया में चौथा सबसे बड़ा चिकित्सा उपकरण बाजार है। प्रथम तीन स्थान पर क्रमशः जापान, चीन और दक्षिण कोरिया हैं।  
    • भारत का वर्तमान चिकित्सा उपकरण बाजार लगभग 14 बिलियन डॉलर का है। 2030 तक इसके 30 बिलियन डॉलर तक हो जाने का अनुमान है।
  • शुरू की गई मुख्य पहलें: 
    • मेडिटेक क्षेत्रक में स्वचालित मार्ग के तहत 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी गई है, 
    • राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति, 2023 जारी की गई है, 
    • भारत में चिकित्सा उपकरणों के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं आदि।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अंतर्गत वित्तीय सेवा विभाग ने गैर-विनियमित ऋण गतिविधियों पर प्रतिबंध (BULA) विधेयक के मसौदे (ड्राफ्ट) पर सुझाव मांगा।

ड्राफ्ट BULA विधेयक के बारे में

  • इस विधेयक का ड्राफ्ट RBI के डिजिटल ऋण कार्य समूह (WGDL) की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है।
  • उद्देश्य: गैर-विनियमित ऋण गतिविधियों पर अंकुश लगाना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना।
  • इस विधेयक में उन सभी व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा लोगों को ऋण देने के व्यवसाय पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव किया गया है, जो RBI या किसी अन्य विनियामक संस्था द्वारा अधिकृत नहीं किए गए हैं। 

इस विधेयक में भारत में कार्यरत सभी ऋण प्रदाताओं की सूची पर एक केंद्रीय डेटाबेस बनाने का प्रावधान किया गया है।

एक हालिया स्टडी के अनुसार जलवायु परिवर्तन की वजह से मध्य हिमालय के ट्री-लाइन क्षेत्र में बदलाव देखे जा रहे हैं।

  • इस क्षेत्र में मुख्य रूप से बर्च के वृक्ष पाए जाते हैं। इनकी जगह अब सनोबर (फिर) वृक्ष ले रहे हैं। सनोबर धीमी गति से बढ़ने वाला सदाबहार शंकुधारी वृक्ष है।

बर्च वृक्ष के बारे में

  • यह तेजी से बढ़ने वाली पर्णपाती चौड़ी पत्ती वाली वृक्ष प्रजाति है। ये वृक्ष हिमालय में पाए जाते हैं।  
  • ये वृक्ष आर्द्र या नम जलवायु तथा अधिक शुष्क चट्टानी या रेतीली मृदा में उगते हैं।

सनोबर (फिर) वृक्ष के बारे में

  • यह शंकुधारी वृक्ष प्रजाति है। ये वृक्ष अधिक ऊंचाई वाले वन पारिस्थितिकी-तंत्र में पाए जाते हैं।

इन वृक्षों को उत्तरी अमेरिका, यूरोप, एशिया और उत्तरी अफ्रीका में भी देखा जा सकता है।

हाल ही में नेपाल और चीन ने "फेवा डायलॉग" सीरीज शुरू की।

फेवा डायलॉग के बारे में

  • इस डायलॉग या संवाद का नाम नेपाल की प्रसिद्ध फेवा झील के नाम पर रखा गया है।
    • यह नेपाल की सबसे बड़ी झीलों में से एक है। यह पोखरा घाटी में स्थित है। 
    • इस झील को हरपन खोला और सेती खोला नामक बारहमासी झरनों से जल प्राप्त होता है।
  • इस डायलॉग का उद्देश्य वैश्विक औद्योगिक उत्पादन में बदलाव के साथ दक्षिण एशिया में बदलाव और इसकी जरूरतों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना है।
  • यह दक्षिण एशिया क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण पर नेपाल का पहला आधिकारिक थिंक टैंक फोरम है।

हाल ही में, केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर के तीन राज्यों- मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड में संरक्षित क्षेत्र व्यवस्था को फिर से लागू किया है।

  • राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2011 में इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया था।

संरक्षित क्षेत्र व्यवस्था के बारे में

  • कानूनी फ्रेमवर्क: इसे विदेशी (संरक्षित क्षेत्र) आदेश, 1958 के तहत जारी किया जाता है।
  • कवर किए गए क्षेत्र: इसमें राज्य की 'इनर लाइन' और अंतर्राष्ट्रीय सीमा के बीच आने वाले सभी क्षेत्र शामिल होते हैं।
    • इसमें अरुणाचल प्रदेश का संपूर्ण क्षेत्र तथा हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड के कुछ हिस्से भी शामिल हैं।
  • विनियमन: विदेशी नागरिकों को इन क्षेत्रों में जाने से पहले सक्षम अथॉरिटी से विशेष परमिट प्राप्त करना होता है।
    • जारी करने वाली अथॉरिटी: केंद्रीय गृह मंत्रालय
    • वैधता: 10 दिन।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने सभी कमर्शियल SMS का पता लगाने के लिए ब्लॉकचेन-आधारित डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT) फ्रेमवर्क को लागू किया। 

  • इसके तहत सभी प्रमुख संस्थाओं (PEs) जैसे व्यवसायों, बैंकों आदि को अपने टेलीमार्केटर्स (TMs) के साथ DLT के जरिए अपने मैसेज ट्रांसमिशन पथ को पंजीकृत कराना होगा।
  • इसका उद्देश्य सुरक्षित और स्पैम-मुक्त कमर्शियल SMS इकोसिस्टम तैयार करना है। 

डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT) के बारे में

  • DLT डिजिटल लेन-देन के लिए उपयोग की जाने वाली एक तकनीक है। इसमें किसी भी केंद्रीकृत प्राधिकरण की आवश्यकता नहीं होती है। ब्लॉकचेन DLT का सबसे अच्छा उदाहरण है। 
  • यह "डिस्ट्रीब्यूटेड यानी वितरित" रहता है, क्योंकि एक नेटवर्क में कई प्रतिभागी बहीखाते की प्रतियों को साझा और सिंक्रनाइज़ करते हैं।
  • नए लेन-देन क्रिप्टोग्राफिक रूप से सुरक्षित, स्थायी और रियल टाइम में सभी के लिए दृश्यमान होते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वैज्ञानिकों ने GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट्स नामक दवाओं के एक नए वर्ग का समर्थन किया है।

  • ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड (GLP)-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट्स का उपयोग टाइप 2 मधुमेह और मोटापे के इलाज में किया जाता है।
  • ये एक प्रमुख हार्मोन GLP-1 के साथ परस्पर क्रिया करते हैं। यह हार्मोन ब्लड शुगर लेवल, लिपिड चयापचय और कई अन्य महत्वपूर्ण जैविक कार्यों को विनियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    • GLP-1 मनुष्य की आंत में निर्मित होता है। इसका स्राव  भोजन करने के बाद होता है। 
    • इससे भूख कम हो जाती है और इंसुलिन का स्राव कम हो जाता है।

हाल ही में जारी आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ है कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs) के लिए 5% उप-कोटा पर्याप्त रूप से लागू नहीं किया गया है।

  • ढेबर आयोग की सिफारिशों के आधार पर भारत में 75 आदिवासी समुदायों को PVTGs के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यद्यपि इसके तहत कुछ निर्दिष्ट मानदंडों को पूरा करना होता है।  

EMRS के बारे में

  • इसे 1997-98 में दूरदराज के क्षेत्रों में STs (अनुसूचित जनजाति) के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था। 
    • प्रत्येक स्कूल के लिए कक्षा VI से XII तक 480 छात्रों की क्षमता का प्रावधान किया गया है। 
  • विस्तार
    • स्थापना का प्रावधान (2022 तक): EMRS उन ब्लॉक्स में स्थापित किए जाते हैं, जहां 50% से अधिक ST आबादी है और कम-से-कम 20,000 जनजातीय लोग रहते हैं।
    • ये नवोदय विद्यालय के समकक्ष विद्यालय हैं। 
    • मंत्रालय: जनजातीय कार्य मंत्रालय। 
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