घरों से वायु प्रदूषण | Current Affairs | Vision IAS
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घरों में अलग-अलग स्रोतों से PM 2.5 उत्सर्जन पर नजर रखने वाले हालिया अध्ययनों ने इनडोर वायु प्रदूषण का विश्लेषण किया है।

  • इन अध्ययनों के अनुसार श्रीनगर, कानपुर और इलाहाबाद सहित 29 शहरों में PM 2.5 प्रदूषण में घरों से होने वाले उत्सर्जन की अधिक भूमिका है।

घरेलू या इनडोर वायु प्रदूषण के बारे में

  • यह घरों के भीतर की गतिविधियों से उत्पन्न होने वाला वायु प्रदूषण है।
  • स्रोत: केरोसिन, बायोमास जैसे इनएफिशिएंट व प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन का उपयोग; कमरों में वेंटिलेशन नहीं होना या कम होना, आदि।
  • प्रकार: इनएफिशिएंट स्टोव को जलाने से ब्लैक कार्बन और मीथेन का उत्सर्जन होता है। ब्लैक कार्बन और मीथेन अल्पकालिक जलवायु प्रदूषक (SLCPs) हैं। 
    • ये वायुमंडल में कम समय तक बने रहने के बावजूद उच्च ग्लोबल वार्मिंग क्षमता वाले प्रदूषक हैं।
  • स्वास्थ्य पर प्रभाव: इनडोर प्रदूषण से स्ट्रोक, इस्केमिक हृदय रोग और फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा रहता है। महिलाओं और बच्चों के इससे अधिक प्रभावित होने की आशंका रहती है, क्योंकि उनका अधिकांश समय घरों के भीतर बीतता है।
  • इनडोर वायु प्रदूषण से निपटने से संबंधित पहलें: राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम, पीएम उज्ज्वला योजना जैसी पहलें आरंभ की गई हैं।

केंद्रीय परिवहन मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के नागपुर-मनसर बाईपास सेक्शन पर बायो-बिटुमेन से बने भारत के पहले राष्ट्रीय राजमार्ग का उद्घाटन किया।

  • बिटुमेन कच्चे तेल के आसवन से प्राप्त एक काला पदार्थ है। यह चिपचिपा होता है।
    • इसका उपयोग मुख्य रूप से सड़क बनाने और जलरोधक बनाने में किया जाता है।

बायो-बिटुमेन के बारे में

  • यह कार्बनिक तत्वों से बना होता है। इस तरह यह बिटुमेन का पेट्रोलियम-मुक्त विकल्प है। 
    • बायो-बिटुमेन के उदाहरण हैं: बायो-चार, पराली, लिगिन, बायो-ऑयल, आदि।
  • इसका उपयोग बिटुमेन के बदले या फिर बाइंडर मिश्रण में बिटुमेन की मात्रा को कम करने के लिए किया जा सकता है।
  • लाभ: बिटुमेन के आयात में कमी आएगी, पराली जलाने की समस्या से निजात मिलेगी, बायो-इकॉनमी को बढ़ावा मिलेगा, आदि।
  • सड़क निर्माण के लिए अन्य संधारणीय तरीके: कॉपर स्लैग, जियोटेक्सटाइल, कोल्ड अस्फाल्ट मिश्रण, आदि।

गुजरात का मसाली गांव भारत का पहला सीमावर्ती सौर ऊर्जा गांव (सोलर विलेज) बन गया है। इस गांव की 100% बिजली आवश्यकता गांव में ही उत्पादित सौर ऊर्जा से पूरी होती है।

  • प्रधान मंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत इस गांव के सभी घरों के ऊपर सोलर रूफटॉप स्थापित कर दिए गए हैं। 

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में

  • यह योजना 2024 में शुरू की गई है। 
  • नोडल मंत्रालय: केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय। 
  • योजना अवधि: वित्त वर्ष 2026-27 तक।

उद्देश्य: घरों पर रूफटॉप सोलर (RTS) स्थापित करने वाले 1 करोड़ परिवारों को प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना। 

हाल ही में, प्रधान मंत्री ने पर्यटकों को रण उत्सव (धोर्डो टेंट सिटी) के लिए कच्छ के रण में जाने का सुझाव दिया है।

कच्छ के रण के बारे में

  • निर्माण: प्राचीन भूवैज्ञानिक बदलावों के कारण अरब सागर का यह उथला क्षेत्र अब मौसमी लवणीय दलदल और मरुस्थलीय क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है।
  • भौगोलिक विशेषताएं: यह भारत और पाकिस्तान की सीमा के बीच फैला हुआ है। इसमें ग्रेट रण और लिटिल रण शामिल हैं।
  • जैव विविधता: यहां जंगली गधा अभयारण्य स्थित है। यह स्थान भारतीय जंगली गधे (खुर) का एकमात्र पर्यावास है।
  • कच्छ का रण बेलनाकार मिट्टी के भूंगों (झोपड़ियों) वाली आदिवासी बस्तियों, कच्छी कढ़ाई, रोगन चित्रकला (GI टैग प्राप्त) आदि का केंद्र है।

नए शोध से पता चलता है कि डेनाली फॉल्ट के समानांतर तीन साइट्स किसी समय लघु संयुक्त भूगर्भिक स्थलाकृति थी।

  • अवस्थिति: डेनाली फॉल्ट अलास्का (संयुक्त राज्य अमेरिका) में स्थित एक प्रमुख स्ट्राइक-स्लिप फॉल्ट है। यह प्रशांत महासागर की रिंग ऑफ फायर पेटी की व्यापक टेक्टॉनिक गतिशीलता का हिस्सा है।

फॉल्ट (भ्रंश) और उसके प्रकार:

  • भ्रंश पृथ्वी की भूपर्पटी की चट्टानों में तीव्र दरार है।
  • प्रकार: 
    • नॉर्मल फॉल्ट: यह तब बनता हैजब फॉल्ट के ऊपर की चट्टान नीचे की चट्टान के सापेक्ष नीचे की ओर खिसकती है। 
    • रिवर्स फॉल्ट: इसमें फॉल्ट प्लेन के ऊपर स्थित चट्टान का ब्लॉक और ऊपर की ओर हो जाता है और नीचे के ब्लॉक के ऊपर चला जाता है।
    • स्ट्राइक-स्लिप फॉल्ट: यह तब बनता है, जब दो प्लेट्स क्षैतिज रूप से (हॉरिजॉन्टली) एक-दूसरे से आगे बढ़ती हैं।
    • ओब्लिक स्लिप फॉल्ट: इस भ्रंश के दोनों तरफ एक-एक ब्लॉक्स एक साथ दो अलग-अलग दिशाओं में संचालित होते हैं तथा स्ट्राइक-स्लिप घटक के साथ नॉर्मल या रिवर्स फॉल्टिंग दोनों को जोड़ते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदन बी. लोकुर को संयुक्त राष्ट्र आंतरिक न्याय परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र आंतरिक न्याय परिषद के बारे में

  • स्थापना: संयुक्त राष्ट्र की आंतरिक न्याय प्रणाली में स्वतंत्रता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महासभा ने आंतरिक न्याय परिषद की स्थापना की है।
  • संरचना: इसमें पांच सदस्य होते हैं। ये हैं- कर्मचारियों का एक प्रतिनिधि, प्रबंधन का एक प्रतिनिधि, दो बाहरी न्यायविद और एक अध्यक्ष।
  • ​​नियुक्ति: महासचिव द्वारा सदस्यों की नियुक्ति की जाती है।
  • कार्य:
    • इस परिषद को संयुक्त राष्ट्र विवाद अधिकरण (UNDT) और संयुक्त राष्ट्र अपीलीय अधिकरण (UNAT) में न्यायाधीशों के रिक्त पदों के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों को खोजने का कार्य सौंपा गया है।
    • यह महासभा को संयुक्त राष्ट्र न्याय प्रणाली के प्रशासन पर भी अपने विचार प्रस्तुत करती है।

सुप्रीम कोर्ट ने आवाज़ और अन्य बनाम RBI मामले में NCDRC के 2008 के फैसले को खारिज कर दिया है। 

  • NCDRC ने अपने फैसले में बैंकों द्वारा क्रेडिट कार्ड के बकाया पर 30% से अधिक ब्याज वसूलने को अनुचित व्यवसाय गतिविधि मानते हुए इस पर रोक लगा दी थी। 
  • हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान निर्णय के बाद क्रेडिट कार्ड के बकाया पर 30% से अधिक ब्याज वसूला जा सकता है। 

NCDRC के बारे में 

  • इसकी स्थापना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत 1988 में की गई थी। यह एक अर्ध-न्यायिक आयोग है। 
  • इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट का वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश या हाई कोर्ट का वर्तमान या सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश करता है।
  • NCDRC के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सकती है। 
  • कार्य:
    • दो करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले मामलों पर विचार करना।
    • राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों या जिला उपभोक्ता फ़ोरम्स के आदेशों के खिलाफ अपील सुनना और उनके निर्णयों का पुनरीक्षण करना।

तमिलनाडु ने केंद्र सरकार से सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) में मम्प्स रोग का टीका शामिल करने का अनुरोध किया है।

  • UIP के तहत 12 बीमारियों के खिलाफ नि:शुल्क टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। इसमें देश भर की 9 बीमारियां शामिल हैं, जैसे डिप्थीरिया, टिटनेस, पोलियो, खसरा, हेपेटाइटिस बी आदि। 
    • इसके अतिरिक्त, इसमें विशिष्ट क्षेत्रों में रोटावायरस डायरिया, न्यूमोकोकल निमोनिया और जापानी एन्सेफलाइटिस के खिलाफ भी टीकाकरण शामिल है।

मम्प्स रोग के बारे में

  • यह एक संक्रामक वायरल संक्रमण है, जो लार ग्रंथियों को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर हल्का और स्व-सीमित होता है।
    • यह बच्चों और वयस्क युवाओं से संबंधित एक गंभीर बीमारी है।
  • लक्षण: जबड़े में दर्दनाक सूजन, बुखार, थकान, भूख न लगना और सिरदर्द।
  • फैलाव: मम्प्स वायरस के लिए केवल मनुष्य होस्ट है। यह रोग संक्रमित व्यक्ति के साथ सीधे संपर्क के माध्यम से या संक्रमित व्यक्तियों के ऊपरी श्वसन पथ से हवा में निकली ड्रॉप्लेट्स से फैलता है।
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