नए CEO के पदभार ग्रहण करने तक ONDC को अंतरिम कार्यकारी समिति के 8 सदस्य मिलेंगे।
ONDC के बारे में
- मंत्रालय: उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय।
- उद्देश्य: एक ओपन ई-कॉमर्स नेटवर्क को बढ़ावा देना, जो खरीदारों, प्लेटफॉर्म्स और खुदरा विक्रेताओं को डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क के तहत आपस में जोड़ता है।
- अवधारणा: ONDC ओपन-सोर्स पद्धति पर आधारित है, जिसमें किसी विशिष्ट प्लेटफॉर्म से स्वतंत्र मुक्त विनिर्देशों और खुले नेटवर्क प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाएगा।
- महत्त्व: ONDC परिचालनों को मानकीकृत करेगा; स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के समावेशन को बढ़ावा देगा; लॉजिस्टिक्स में दक्षता लाएगा और उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी होगा।
BEE फर्जी स्टार रेटिंग को रोकने के जरिये मानक एवं लेबलिंग कार्यक्रम को तेजी से लागू कर रहा है।
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के बारे में
- इसे ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के तहत वैधानिक निकाय के रूप में स्थापित किया गया है।
- मंत्रालय: विद्युत मंत्रालय के अधीन स्थापित।
- उद्देश्य: भारतीय अर्थव्यवस्था की ऊर्जा तीव्रता को कम करना।
- विनियामक कार्य:
- मानक और लेबलिंग के अंतर्गत उपकरणों एवं अप्लायंस के लिए न्यूनतम ऊर्जा प्रदर्शन मानक विकसित करना।
- वाणिज्यिक भवनों के लिए न्यूनतम ऊर्जा प्रदर्शन मानक विकसित करना।
- निर्धारित उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा उपभोग मानदंड विकसित करना।
बोनोबो के बीच वोकल कम्युनिकेशन (आवाज़ के द्वारा संवाद) मानव भाषा की तरह ही संरचनाशीलता को दर्शाता है।
- संरचनाशीलता भाषा की वह क्षमता है, जिसके द्वारा हम अर्थपूर्ण इकाइयों (जैसे शब्द या प्रत्यय) को मिलाकर बड़ी संरचनाएँ (जैसे वाक्यांश या वाक्य) बनाते हैं, और इन बड़ी संरचनाओं का अर्थ उन इकाइयों के अर्थ और उनके आपस में जुड़ने के तरीके से निर्धारित होता है।
बोनोबो के बारे में
- बोनोबोस और चिम्पांजी दोनों का 98.7% DNA मानव DNA से मेल खाता है। इससे ये दोनों प्रजातियां हमारे सबसे करीबी जीवित रिश्तेदार बन जाते हैं।
- शारीरिक विशेषता: ये चिंपैंजी की तुलना में आमतौर पर आकार में छोटे, दुबले और गहरे रंग के होते हैं।
- विशेषताएं: बोनोबो समूह अधिक शांतिपूर्ण होते हैं और उनका नेतृत्व मादाएं करती हैं।
- पर्यावास: केवल कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के वनों में।
- IUCN रेड लिस्ट: एंडेंजर्ड।
Article Sources
1 sourceचीता परियोजना संचालन समिति ने कुनो राष्ट्रीय उद्यान से कुछ चीतों को गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित करने को मंजूरी दी।
गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य के बारे में
- भौगोलिक: गांधी सागर वन्यजीव अभ्यारण्य पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थित है। यह मध्य प्रदेश के दो जिलों यानी मंदसौर और नीमच में फैला हुआ है।
- इस क्षेत्र को निमाड़ क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है।
- प्रकार: इस अभयारण्य के वन खटियार-गिर शुष्क पर्णपाती वन का हिस्सा हैं।
- नदी: इससे होकर चम्बल नदी गुजरती है।
- बांध: यह अभयारण्य गांधी सागर बांध के कारण बने जलाशय के आसपास के क्षेत्र में फैला हुआ है।
- वृक्ष: सलाई, करधई, धावड़ा, तेंदू, पलाश आदि।
- वन्य जीव: जंगली कुत्ते (ढोल), चिंकारा, तेंदुआ, ऊदबिलाव, मगरमच्छ आदि।
- ऐतिहासिक: यह विश्व प्रसिद्ध चतुर्भुजनाथ नाला शैलाश्रयों का हिस्सा है।
बैट इकोलोकेशन मॉनिटरिंग का संक्षिप्त नाम बैटइकोमोन है। यह भारत की पहली स्वचालित चमगादड़ निगरानी प्रणाली है। इसे इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन सेटलमेंट्स, बेंगलुरु में विकसित किया गया है।
बैटइकोमोन (BatEchoMon) के बारे में
- यह एक स्वचालित प्रणाली है, जो रियल टाइम में चमगादड़ों की आवाज का पता लगाने और उसका विश्लेषण करने में सक्षम है।
- यह बैट डिटेक्टर के रूप में कार्य करती है, जो एक विशेष रिकॉर्डिंग उपकरण है। यह प्रणाली कीटभक्षी चमगादड़ों की अल्ट्रासोनिक इकोलोकेशन कॉल या आवाज को मनुष्यों के लिए श्रव्य ध्वनियों में परिवर्तित कर सकती है।
- इसमें रास्पबेरी पाई माइक्रोप्रोसेसर और कन्वॉल्यूशनल न्यूरल नेटवर्क एल्गोरिदम का उपयोग किया गया है, जो इकोलोकेशन कॉल्स के माध्यम से चमगादड़ों की प्रजातियों का पता लगाने और उन्हें पहचानने में मदद करता है।
स्टार्ट-अप QNu Labs ने दुनिया का पहला अनूठा प्लेटफॉर्म क्यू-शील्ड लॉन्च किया।
क्यू-शील्ड के बारे में
- अवधारणा: यह प्लेटफॉर्म किसी भी परिवेश में (जैसे क्लाउड, ऑन-प्रीमाइसेस या हाइब्रिड सिस्टम) में क्रिप्टोग्राफी को आसानी से प्रबंधित करने की सुविधा देता है।
- महत्त्व:
- यह डेटा को ट्रांसफर करते समय और स्टोरेज में भी पूरी तरह से सुरक्षित रखने का समाधान प्रदान करता है।
- यह कंपनियों को उनकी महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा करने की क्षमता प्रदान करता है।
- महत्वपूर्ण अवसंरचना से तात्पर्य उन क्षेत्रकों से है, जिनमें कोई भी बाधा या खतरा उत्पन्न होने से राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था आदि पर गंभीर असर पड़ सकता है।
- जैसे संचार क्षेत्रक, ऊर्जा क्षेत्रक आदि।
WHO ने मेनिनजाइटिस के निदान, इलाज और देखभाल के लिए पहली बार दिशा-निर्देश जारी किए।
- ये दिशा-निर्देश 2020 में लॉन्च किए गए "डीफिटिंग मेनिनजाइटिस बाय 2030" ग्लोबल रोडमैप में योगदान देंगे।
मेनिनजाइटिस के बारे में
- यह मस्तिष्क और मेरुदंड को घेरने वाले ऊतकों की सूजन है। यह एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है।
- यह बीमारी संक्रामक या गैर-संक्रामक दोनों हो सकती है। संक्रमण बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या परजीवियों के कारण हो सकता है।
- संचरण: यह बीमारी अलग-अलग जीवाणुओं के अनुसार अलग-अलग तरीके से फैलती है। ज्यादातर बैक्टीरिया जैसे मेनिनकोकस, न्यूमोकोकस और हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा मनुष्य की नाक एवं गले में पाए जाते हैं तथा वहीं से फैलते हैं।
- रोकथाम: सामान्य बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस के लिए वैक्सीन उपलब्ध हैं। एंटीबायोटिक्स से भी इलाज संभव है।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) अपना बायोमास मिशन लॉन्च करने जा रही है।
बायोमास मिशन के बारे में
- इसमें एक एकल LEO (निम्न भू-कक्षा) उपग्रह प्लेटफॉर्म होगा, जिसमें SAR (सिंथेटिक एपर्चर रडार) नामक उपकरण लगाया जाएगा।
- बायोमास पहला ऐसा उपग्रह होगा, जो P-बैंड SAR ले जा रहा है। यह एक अभिनव उपकरण है, जो वनों के वितान में प्रवेश कर वृक्षों के तनों, शाखाओं और जड़ों तक की जानकारी प्राप्त कर सकता है। गौरतलब है कि वृक्षों के इन्हीं हिस्सों में मुख्य रूप से कार्बन संग्रहित होता है।
- इस मिशन का उद्देश्य दुनिया के वनों का मानचित्र तैयार करना है। इससे पहली बार वैश्विक स्तर पर वन बायोमास और संग्रहित कार्बन का पता लगाया जा सकता है।