भारतीय नेतृत्व वाली जलवायु पहल ‘माटी कार्बन’ ने 50 मिलियन डॉलर की ‘XPRIZE कार्बन रिमूवल प्रतियोगिता’ जीती | Current Affairs | Vision IAS
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माटी कार्बन द्वारा एनहैंस्ड रॉक वेदरिंग मॉडल का उपयोग किया गया है। यह लघु जोत वाले किसानों के लिए फसल की पैदावार को बढ़ाते हुए कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) को कैप्चर करता है। यह पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव का एक दुर्लभ तालमेल सुनिश्चित करता है ।

  • XPRIZE की शुरुआत 2021 में की गई थी। यह नवप्रवर्तकों को CO2 को कैप्चर करने के लिए स्केलेबल समाधान को साकार करने की चुनौती देता है।

एनहैंस्ड रॉक वेदरिंग मॉडल के बारे में

  • परिभाषा: एनहैंस्ड रॉक वेदरिंग मॉडल में बेसाल्ट (या ओलिवाइन जैसी अन्य ज्वालामुखीय चट्टानों) को बारीक पाउडर के रूप में पीसा जाता है और फिर इसका विविध भू-क्षेत्रों पर छिड़काव कर दिया जाता है। उदाहरण के लिए- खेत, वन और समुद्र तट।
    • बेसाल्ट पाउडर समय के साथ अभिक्रिया करते हुए वायुमंडल से CO2 को कैप्चर करता है तथा उसे अकार्बनिक रूप में तब्दील कर देता है, जो झीलों, नदियों और महासागरों में बह जाता है।
    • बेसाल्ट में कैल्शियम, मैग्नीशियम और लौह की उच्च मात्रा होती है। इससे CO2 को अवशोषित करने की इसकी क्षमता काफी बेहतर हो जाती है।

एनहैंस्ड रॉक वेदरिंग मॉडल के अतिरिक्त लाभ

  • कृषि संबंधी लाभ
    • मृदा स्वास्थ्य में सुधार के कारण फसल की पैदावार में वृद्धि हुई है। उदाहरण के लिए- किसानों द्वारा 70% अधिक उपज की सूचना दी गई है।
    • बेसाल्ट से मृदा में आवश्यक खनिज तत्व पहुंचते हैं, जिससे उर्वरक की लागत कम हो जाती है। उदाहरण के लिए- कीटनाशकों के उपयोग में 65% की कमी आती है।
  • पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी-तंत्र संबंधी लाभ
    • बाइकार्बोनेट अपवाह के माध्यम से समुद्री जल की क्षारीयता को बढ़ाकर महासागरीय अम्लीकरण की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
    • कार्बन को स्टोर करने की जैविक विधियों की तुलना में यह दीर्घकालिक कार्बन भंडारण (10,000+ वर्ष) को सुनिश्चित करता है।
  • स्केलेबिलिटी और व्यावहारिक लाभ
    • मौजूदा खनन संबंधी अवसंरचना के साथ विश्व स्तर पर प्रचुर मात्रा में फीडस्टॉक (जैसे, बेसाल्ट चट्टान) की उपलब्धता।
    • इसके उपयोग हेतु उच्च तकनीक वाले उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए व्यावसायिक रूप से उपलब्ध उपकरणों का उपयोग किया जाता है।
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