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भारत ने हीमोफीलिया के जीन थेरेपी उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह सफलता बेंगलुरु स्थित BRIC-inStem में हासिल की गई है।  

  • हीमोफीलिया एक वंशानुगत रक्तस्राव विकार (inherited bleeding disorder) है। इस बीमारी में शरीर का रक्त सही ढंग से थक्के (clot) नहीं बनाता, जिससे मामूली चोट में भी अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है।

BRIC-inStem के बारे में:

  • inStem यानी इंस्टिट्यूट फॉर स्टेम सेल साइंस एंड रीजेनरेटिव मेडिसिन बेंगलुरु में स्थित एक अत्याधुनिक अनुसंधान संस्थान है। 
  • यह संस्थान बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च एंड इनोवेशन काउंसिल (BRIC) के तहत कार्य करता है। 
  • भारत सरकार द्वारा 2023 में स्थापित BRIC के तहत 14 स्वायत्त जैव प्रौद्योगिकी संस्थान कार्य करते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की नई रिपोर्ट के अनुसार, कार्यस्थल पर एल्गोरिदमिक प्रबंधन के बढ़ते उपयोग से कार्य-दशाओं में गिरावट आ रही है।

एल्गोरिदमिक प्रबंधन क्या है?

  • एल्गोरिदमिक प्रबंधन का आशय है- कार्यों के आवंटन, निगरानी और मूल्यांकन की प्रक्रिया को बड़े पैमाने पर डेटा संग्रहण, निगरानी, रीयल-टाइम निर्णय, और मैट्रिक्स-आधारित मूल्यांकन के माध्यम से संचालित करना।  
  • पारंपरिक रूप से मानव प्रबंधकों द्वारा किए जाने वाले कार्यों को ऑटोमेशन के जरिये संपादित करने या उन्हें सहायता देने के लिए बिग डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, जियोलोकेशन और वियरेबल डिवाइसेज़ जैसी डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।  
  • एल्गोरिदमिक प्रबंधन का विस्तार गोदामों (Warehouses), फैक्ट्रियों, कॉल सेंटर, परिवहन और डिलीवरी सेवाओं जैसे पारंपरिक क्षेत्रकों में भी हुआ है। 

भारत ने वित्त वर्ष 2024–25 में अंतर्देशीय जलमार्गों के ज़रिए रिकॉर्ड 145.5 मिलियन टन कार्गो परिवहन की उपलब्धि हासिल की। यह वित्त वर्ष 2013–14 के 18.1 मिलियन टन की तुलना में भारी वृद्धि है। 

  • यह 20.86% की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) को दर्शाता है।

मुख्य बिंदु:

  • मेरीटाइम अमृत काल विज़न के अंतर्गत भारत के निम्नलिखित लक्ष्य हैं- 
    • कुल माल ढुलाई में अंतर्देशीय जल परिवहन (IWT) की हिस्सेदारी मौजूदा 2% से बढ़ाकर 5% करना।
    • कार्गो ट्रैफिक को 2030 तक 200+ मिलियन मीट्रिक टन और 2047 तक 500+ मिलियन मीट्रिक टन करना।
    • राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या 2014–15 में 5 थी, जो बढ़कर 2023–24 में 111 हो गई। इनकी ऑपरेशनल लंबाई 2,716 किलोमीटर से बढ़कर 4,894 किलोमीटर हो गई है।

विश्व टीकाकरण सप्ताह के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय शून्य खसरा-रूबेला उन्मूलन अभियान (National Zero Measles-Rubella Elimination Campaign) की शुरुआत की।

खसरा (Measles) और रूबेला क्या हैं?

  • ये दोनों वायरस से फैलने वाली अत्यधिक संक्रामक बीमारियां हैं। ये बच्चों में गंभीर बीमारी, आजीवन विकार और यहां तक कि मृत्यु का कारण बन सकती हैं।
  • भारत ने 2026 तक खसरा और रूबेला के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
  • सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के तहत खसरा-रूबेला (MR) वैक्सीन की दो मुफ्त खुराकें दी जाती हैं।
    • स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) के 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार पहली खुराक के लिए भारत का कवरेज 93.7% है, जबकि दूसरी खुराक के लिए 92.2% है।

भारत सरकार ने भूमिगत कोयला खनन को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की। 

  • इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना और खनन कार्य को लाभकारी बनने में लगने वाले लंबे समय से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना है।​
  • भूमिगत खनन सतह पर खनन की तुलना में भूमि की सतह पर कम व्यवधान उत्पन्न करता है। इससे भूमिगत खनन पर्यावरणीय रूप से अधिक अनुकूल माना जाता है। ​

 प्रमुख प्रोत्साहन उपाय

  • फ्लोर रेवेन्यू शेयर में कमी: भूमिगत कोयला खदानों के लिए न्यूनतम राजस्व हिस्सेदारी को 4% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इससे वित्तीय बोझ कम होगा और परियोजनाओं को लाभकारी बनाया जा सकेगा। ​
  • अग्रिम भुगतान से छूट: भूमिगत खनन परियोजनाओं के लिए अनिवार्य अग्रिम भुगतान की आवश्यकता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। इससे निजी क्षेत्रक की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

भारत सरकार ने घोषणा की है कि पाकिस्तान के नागरिक अब सार्क वीज़ा छूट योजना (SVES) के अंतर्गत भारत की यात्रा नहीं कर सकेंगे।

सार्क वीज़ा छूट योजना (SVES) के बारे में:

  • शुरुआत: यह योजना 1992 में शुरू की गई थी। 1988 में इस्लामाबाद में आयोजित चौथे सार्क शिखर सम्मेलन में इस वीज़ा की शुरुआत के बारे में निर्णय लिया गया था।
  • उद्देश्य: सार्क सदस्य देशों के बीच जनसंपर्क को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना।
  • लाभार्थी वर्ग: इस योजना के अंतर्गत 24 श्रेणियों के व्यक्ति बिना वीज़ा के यात्रा करने के लिए पात्र थे। इनमें गणमान्य व्यक्ति, उच्चतर न्यायालयों के न्यायाधीश, सांसद आदि शामिल हैं।

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) के बारे मे

  • स्थापना: इसकी स्थापना 1985 में ढाका में सार्क चार्टर पर हस्ताक्षर के साथ हुई थी। 
  • सदस्य: सार्क के सदस्य हैं- अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका।

केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में डिजिलॉकर के माध्यम से खेल प्रमाण-पत्र जारी करने का शुभारंभ किया।

  • महत्त्व: डिजिलॉकर के माध्यम से जारी किए जाने वाले खेल प्रमाण-पत्रों को जल्द ही नेशनल स्पोर्ट्स रिपॉजिटरी सिस्टम (NSRS) के साथ जोड़ा जाएगा। इससे सरकारी नकद पुरस्कारों का स्वचालित भुगतान सीधे एथलीटों के बैंक खातों में हो सकेगा।

डिजिलॉकर के बारे में

  • लॉन्च: 2015 में। यह सुरक्षित क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म है।
  • मंत्रालय: यह डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की प्रमुख पहल है।
  • उद्देश्य: नागरिकों को उनके डिजिटल डॉक्यूमेंट वॉलेट में प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज़ों तक पहुंच प्रदान करके उनका ‘डिजिटल सशक्तीकरण’ करना।

केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में भारत के किसी भी चिड़ियाघर में कस्तूरी मृग के संरक्षण के लिए कोई प्रजनन कार्यक्रम शुरू नहीं किया गया है।

कस्तूरी मृग के बारे में

  • कस्तूरी मृग छोटे व अकेले रहने वाले खुर वाले शाकाहारी जीव हैं। ये मुख्यतः रात या संध्या के समय विचरण करते हैं। इनका संबंध मोस्किडाए फैमिली से है।
  • कस्तूरी मृग की कुल 7 प्रजातियां (जैसे- कश्मीर कस्तूरी मृग, अनहुई कस्तूरी मृग आदि) हैं। ये एशिया के लगभग 13 देशों जैसे- भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, चीन, म्यांमार, रूस (साइबेरिया) आदि में पाए जाते हैं।
  • इनका शिकार मुख्यतः 'कस्तूरी ग्रंथि' के लिए किया जाता है। यह ग्रंथि केवल व्यस्क नर मृगों में पाई जाती है। नर मृग मादा साथी को आकर्षित करने के लिए इसका स्राव करते है। कस्तूरी का इत्र उद्योग में अत्यधिक महत्त्व है।
  • पर्यावास: असकोट वन्यजीव अभयारण्य, गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान, आदि।

संरक्षण स्थिति

  • IUCN: एंडेंजर्ड (केवल साइबेरियाई कस्तूरी मृग ही वल्नरेबल श्रेणी में है)I
  • CITES: परिशिष्ट-I (केवल अफ़गानिस्तान, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल और पाकिस्तान में पाई जाने वाली आबादी; अन्य सभी आबादी परिशिष्ट-II में शामिल हैं)।
  • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची-I में सूचीबद्ध।

CCS ने पहलगाम आतंकवादी घटना पर पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाया।

CCS के बारे में

  • संरचना: इसकी अध्यक्षता प्रधान मंत्री करता है। इसमें वित्त, रक्षा, गृह और विदेश मंत्री शामिल होते हैं। जरुरत पड़ने पर रक्षा प्रमुखों और वरिष्ठ नौकरशाहों को भी बैठक में बुलाया जा सकता है।
  • कार्य:
    • यह राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा और सुरक्षा निकायों में प्रमुख नियुक्तियों पर महत्वपूर्ण निर्णय लेती है।
    • यह आंतरिक सुरक्षा, कानून एवं व्यवस्था, सुरक्षा चिंताओं वाले विदेशी मामलों आदि पर चर्चा करती है।

मंत्रिमंडलीय समितियों के बारे में

  • इनका गठन प्रधान मंत्री द्वारा मंत्रिमंडल के चयनित सदस्यों के साथ मिलकर किया जाता है।
  • इस समय कुल 8 मंत्रिमंडलीय समितियां हैं। इनमें आर्थिक मामलोंराजनीतिक मामलों, और संसदीय मामलों जैसी समितियां शामिल हैं।

सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक नई पहल ‘AI किरण’ की शुरुआत की।

AI किरण के बारे में

  • उद्देश्य: महिलाओं को इनोवेटर, चेंजमेकर और लीडर के रूप में उभरने में सहायता प्रदान करने हेतु एक जीवंत AI समुदाय को बढ़ावा देना।
  • नेतृत्व: भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) का कार्यालय।
  • फोकस क्षेत्र: यह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा जैसे अहम क्षेत्रों में AI में प्रगति को आगे बढ़ाने वाली 250 से अधिक महिलाओं के योगदान को उजागर करने पर केंद्रित है।

किरण योजना के बारे में

  • KIRAN/ किरण (नॉलेज इन्वॉल्वमेंट इन रिसर्च एडवांसमेंट थ्रू नर्चरिंग) योजना विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा शुरू की गई थी।
  • उद्देश्य: विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं का समर्थन एवं सशक्तीकरण करके लैंगिक समानता को बढ़ावा देना।
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