भारत सरकार ने अधिवक्ता अधिनियम, 1961 में संशोधन करने के लिए अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक, 2025 के ड्राफ्ट को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया।
ड्राफ्ट विधेयक के बारे में
- संशोधनों का उद्देश्य कानूनी पेशे और कानूनी शिक्षा को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप बनाना है।
- प्रस्तावित प्रमुख संशोधन
- परिभाषा का विस्तार: "विधि स्नातकों" में अब 3 या 5 वर्षीय डिग्री धारक को भी शामिल किया गया है; "विधिक पेशेवर" में कॉर्पोरेट और विदेशी वकील को भी शामिल किया गया है।
- न्याय में बाधा न बनने वाली केवल प्रतीकात्मक या एक दिवसीय हड़ताल को छोड़कर वकीलों या अधिवक्ताओं की हड़ताल पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- बार काउंसिल में सरकार द्वारा मनोनीत अधिकतम तीन सदस्यों को शामिल करने की अनुमति दी गई है।
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1 sourceभारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने ESG रेटिंग प्रदाताओं (ERPs) के लिए विनियामकीय फ्रेमवर्क को मजबूत करने हेतु नए उपायों का प्रस्ताव दिया है।
ESG फ्रेमवर्क के बारे में
- यह मानकों का एक सेट है जो यह बताता है कि कोई कंपनी हमारे ग्रह और लोगों के लिए कैसे काम करती है। इसमें तीन आयाम शामिल हैं:
- पर्यावरणीय: इसके तहत कंपनी के प्रदर्शन की जांच की जाती है कि वह पृथ्वी it के प्रति अपने कर्तव्यों को कितनी अच्छे से निभा रही है।
- सामाजिक: इसमें यह देखा जाता है कि कंपनी अपने कर्मचारियों, आपूर्तिकर्ताओं, ग्राहकों और समुदायों के साथ संबंधों का प्रबंधन कैसे करती है।
- गवर्नेंस: यह किसी संगठन के प्रबंधन और नियंत्रण के लिए नियमों, सर्वोत्तम प्रथाओं एवं प्रक्रियाओं को उजागर करती है।
- महत्त्व: इसका उपयोग निवेश की जांच करने के लिए किया जाता है, तथा यह कंपनियों को जिम्मेदारी से कार्य करने हेतु प्रोत्साहित करता है।
हाल ही में, कम प्रतिफल के कारण सॉवरेन ग्रीन बॉण्ड्स (SGrBs) में निवेशकों की कम रुचि देखी जा रही है।
सॉवरेन ग्रीन बॉण्ड्स (SGrBs) के बारे में
- घोषणा: इसकी घोषणा अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता को काफी कम करने के लिए केंद्रीय बजट 2022-23 में की गई थी।
- इसके बारे में: ये पर्यावरण अनुकूल हरित परियोजनाओं के लिए धन जुटाने हेतु केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए डेब्ट इंस्ट्रूमेंट हैं।
- हरित परियोजनाएं ऐसी परियोजनाएं होती हैं, जो संसाधन उपयोग में ऊर्जा दक्षता को प्रोत्साहित करती हैं, कार्बन उत्सर्जन को कम करती हैं, क्लाइमेट रेजिलिएंस को बढ़ावा देती हैं, तथा प्राकृतिक पारिस्थितिकी-तंत्र एवं जैव विविधता को पर्याप्त महत्व देती हैं और उनको बेहतर बनाती हैं।
- महत्त्व: यह भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदानों (NDCs) को प्राप्त करने; अनुच्छेद 48-A के तहत संवैधानिक दायित्वों को पूरा करने आदि के लिए महत्वपूर्ण है।
हाल ही में, वेवलैप्स और भारत XR ने XR क्रिएटर हैकथॉन का आयोजन किया गया। इस हैकथॉन में एक्सटेंडेड रियल्टी के इनोवेटर्स की अगली पीढ़ी को आगे आने का अवसर दिया गया।
एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) के बारे में
- यह एक व्यापक शब्दावली है, जिसमें वर्चुअल रियलिटी (VR), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और मिक्स्ड रियलिटी (MR) जैसी इमर्सिव प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।
- प्रमुख एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) प्रौद्योगिकियां:
- वर्चुअल रियलिटी (VR): VR उपयोगकर्ताओं को पूरी तरह से एक काल्पनिक (सिमुलेटेड) परिवेश का अनुभव कराती है। इसमें एक हेडसेट का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे उपयोगकर्ता एक आभासी दुनिया में चला जाता है।
- ऑगमेंटेड रियलिटी (AR): यह डिजिटल कंटेंट को जोड़कर वास्तविक दुनिया को और अधिक समृद्ध बनाती है। अतः यह वास्तविकता को हटाए बिना उपयोगकर्ता के अनुभव को और बेहतर करती है।
- मिक्स्ड रियलिटी (MR): यह वास्तविक दुनिया और डिजिटल ग्राफिक्स का मिला-जुला रूप है। इसमें उपयोगकर्ता डिजिटल और वास्तविक दुनिया दोनों से सीधे अंतर्क्रिया कर सकते हैं।
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1 sourceहाल ही में, इनडायरेक्ट प्रॉम्प्ट इंजेक्शन (IPI) एक नया सुरक्षा खतरा बनकर उभरा है। इसे AI चैटबॉट्स को मैनिपुलेट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
इनडाइरेक्ट प्रॉम्ट इंजेक्शन (IPI) के बारे में
- यह तब होता है, जब एक लार्ज लेंग्वेज मॉडल (LLM) साइबर हमलावर द्वारा नियंत्रित बाह्य स्रोतों जैसे वेबसाइट्स या फाइलों से इनपुट स्वीकार करता है।
- LLMs मशीन लर्निंग मॉडल्स होते हैं, जो विशाल डेटा सेट्स का विश्लेषण करके मानव की क्षमता के समान भाषा को समझ और जनरेट कर सकते हैं।
- हमला तब होता है, जब हमलावर गैर-हानिकारक लगने वाले दस्तावेज़ों या ईमेल्स में हानिकारक निर्देश डालता है। इससे चैटबॉट्स अवैध क्रियाएं करने लगते हैं, जैसे संवेदनशील जानकारी खोजना।
- प्रभाव: चैटबॉट की लांग-टर्म मेमोरी करप्ट हो जाती है, उपयोगकर्ता का डेटा चोरी हो सकता है, आदि।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के यूक्लिड अंतरिक्ष टेलिस्कोप ने NGC 6505 नामक आइंस्टीन रिंग की खोज की।
आइंस्टीन रिंग के बारे में
- यह प्रकाश का एक वलय है। इसे पहली बार 1987 में खोजा गया था। यह एक प्रकार के डार्क मैटर, आकाशगंगा या आकाशगंगाओं के समूह के चारों ओर बनता है।
- आइंस्टीन रिंग ग्रेविटेशनल लेंसिंग का एक उदाहरण है।
- ग्रेविटेशनल लेंसिंग एक परिघटना है। इसके अंतर्गत अधिक दूर से चमकने वाले प्रकाश को उसके स्रोत और प्रेक्षक के बीच आने वाले किसी पिंड (जैसे कि आकाशगंगा या क्वासर) के गुरुत्वाकर्षण द्वारा मोड़ दिया जाता है। पिंड का गुरुत्वाकर्षण अपने आस-पास के स्पेस-टाइम में इतनी वक्रता (curvature) उत्पन्न कर देता है, कि उससे प्रकाश अपने पथ से विचलित हो जाता है।
- आइंस्टीन रिंग से जुड़े गुरुत्वाकर्षण प्रभाव ब्रह्मांड के विस्तार का अध्ययन करने, अदृश्य डार्क मैटर और डार्क एनर्जी के प्रभावों का पता लगाने आदि में मदद कर सकते हैं।
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1 sourceयुगांडा सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सूडान वायरस रोग के प्रकोप की पुष्टि की।
सूडान वायरस रोग (SVD) के बारे में
- यह एक वायरल रक्तस्रावी फीवर रोग है। इसका वायरस इबोला वायरस की फैमिली से संबंधित है।
- इसकी पहली बार 1976 में दक्षिणी सूडान में पहचान की गई थी।
- इसमें मृत्यु दर 41% से 70% के बीच है।
- संचरण: यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के रक्त, अन्य शारीरिक तरल पदार्थ, अंगों या दूषित सतहों व पदार्थों के प्रत्यक्ष संपर्क में आने से फैलता है। इसका जोखिम नैदानिक लक्षणों के प्रकट होने के बाद शुरू होता है और रोग की गंभीरता के साथ बढ़ता जाता है।
- अभी तक SVD के लिए कोई लाइसेंस प्राप्त टीका उपलब्ध नहीं है।
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1 sourceहाल ही में, भारतीय प्रधान मंत्री ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति को ढोकरा कलाकृतियां उपहार के रूप में भेंट की।
ढोकरा कलाकृतियों के बारे में
- उत्पत्ति: इस कला का इतिहास छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के क्षेत्रों में रहने वाली ढोकरा डामर जनजातियों से जुड़ा हुआ है। ये जनजातियां मध्य भारत की पारंपरिक धातु कला की कारीगर हैं।
- तकनीक: इसमें धातु की ढलाई के लिए लुप्त-मोम विधि अथवा सायर पेर्ड्यू का उपयोग किया जाता है।
- सबसे प्रारंभिक उदाहरण: भारत में इस कला का प्रचलन पिछले 4,000 वर्षों से भी अधिक समय से रहा है। सबसे प्रारंभिक ज्ञात ढोकरा कलाकृति मोहनजोदड़ो से मिली नर्तकी की मूर्ति है।
- विषयवस्तु: प्राकृतिक दृश्य, पौराणिक कथाएं और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषय।