रक्षा मंत्री ने भारत के लिए हाइब्रिड वारफेयर (युद्ध) के खतरों को रेखांकित किया | Current Affairs | Vision IAS
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हाल ही में, भारत के रक्षा मंत्री ने इस तथ्य पर जोर दिया कि हाइब्रिड वारफेयर शांति काल में भी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसंरचनाओं (Critical national infrastructure) को खतरा पहुंचा सकता है।

हाइब्रिड वारफेयर के बारे में

  • यह पारंपरिक और गैर-पारंपरिक युद्ध के तरीकों का संयोजन है। इसमें सैन्य अभियान, साइबर युद्ध, दुष्प्रचार (Disinformation) अभियान और आर्थिक दबाव शामिल होते हैं।
    • उदाहरण के लिए: चीन की "थ्री वारफेयर स्ट्रेटेजी" जिसमें मनोवैज्ञानिक, राजनीतिक और कानूनी रणनीतियां शामिल हैं। 

हाइब्रिड वारफेयर की मुख्य विशेषताएं

  • अस्पष्टता (Obscurity): हाइब्रिड वारफेयर में इस तथ्य का पता नहीं चल पाता कि दुश्मन की कोई कार्रवाई शांतिकालीन कार्रवाई है या वास्तविक युद्ध जैसी कार्रवाई है।
  • अनिर्णय की स्थिति (Vagueness): इस तरह का युद्ध, दुश्मन की कार्रवाई की पहचान करना जटिल बनाता है और जवाबी कार्रवाई में दुविधा में डाल देता है। ऐसा इस कारण, क्योंकि हाइब्रिड वारफेयर का पीड़ित देश न तो हमले का पता लगा पाता है और न ही इसे किसी देश की प्रत्यक्ष कार्रवाई से जोड़ पाता है।

हाइब्रिड वारफेयर के उभरने के प्रमुख कारण

  • सामरिक लाभ (Strategic Advantage): यह युद्ध की बिना औपचारिक घोषणा किए राजनीतिक या आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है। ऐसा इस कारण, क्योंकि इस तरह के युद्ध में कूटनीतिक वार्ता की संभावना बनी रहती है।
  • कम लागत (Less Costly): इस तरह का युद्ध किसी कार्रवाई की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी लेने से बचने में मदद करता है। साथ ही, इसमें कम लॉजिस्टिक्स और कम खर्चे की जरूरत पड़ती है।

भारत के लिए हाइब्रिड वारफेयर के खतरे

  • बाहरी खतरे: पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी संगठनों, ड्रग कार्टेल्स और छद्म ताकतों का समर्थन भारत की सुरक्षा के लिए खतरा है।
  • देश के भीतर उग्रपंथी और घुसपैठिये: मध्य भारत में नक्सलवाद, पूर्वोत्तर क्षेत्र में नृजातीय संघर्ष आदि भारत की आंतरिक सुरक्षा के समक्ष मुख्य खतरे हैं।
  • महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसंरचनाओं पर खतरा: उदाहरण के लिए- कुछ समय पहले कुडनकुलम परमाणु संयंत्र पर साइबर हमले हुए थे।

हाइब्रिड वारफेयर से निपटने के उपाय

  • रक्षा रणनीतियों में हाइब्रिड वारफेयर को शामिल करना: भारत को अपनी भौगोलिक अवस्थिति से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए अनुकूलन उपाय करने होंगे। साथ ही, अपने सबल पक्षों और सामर्थ्यों का उपयोग करना होगा।
  • सशस्त्र बलों का क्षमता-निर्माण: अत्याधुनिक तकनीकों को संभालने के लिए सैनिकों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित और तैयार करना होगा।

भारत में हाइब्रिड वारफेयर से निपटने के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदम

  • भारत की तीनों सेनाओं के मध्य एकीकरण: इसके लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का पद बनाया गया है।
  • साइबर खतरों से निपटने के लिए उपाय: रक्षा साइबर एजेंसी (Defence Cyber Agency) का संचालन किया जा रहा है।
  • रक्षा क्षेत्रक में स्वदेशीकरण: 'मेक इन इंडिया' पहल आदि के माध्यम से रक्षा क्षेत्रक में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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