NCISM ने “देश का प्रकृति परीक्षण अभियान” के पहले चरण को पूरा कर पांच गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए ।
NCISM के बारे में
- परिचय: यह भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग अधिनियम, 2020 के तहत गठित एक वैधानिक संस्था है।
- संरचना: इसमें 29 सदस्य होते हैं, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है।
- मंत्रालय: आयुष मंत्रालय
- NCISM के उद्देश्य:
- सुधार: आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और सोवा-रिग्पा (AUS&SR) चिकित्सा शिक्षा पद्धति को बढ़ावा देना तथा सभी के लिए पर्याप्त एवं शिक्षित कार्यबल की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- बढ़ावा: अनुसंधान-आधारित AUS&SR प्रैक्टिस और पारदर्शी संस्थागत मूल्यांकन को बढ़ावा देना।
- विनियमन: पंजीकरण, नैतिक दिशा-निर्देशों और शिकायत निवारण के माध्यम से AUS&SR मानकों को विनियमित करना।
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1 sourceभारत ने BOBP-IGO की अध्यक्षता संभाली।
BOBP-IGO के बारे में
- उत्पत्ति: 2003
- उद्देश्य: यह एक अंतर-सरकारी संगठन है जो बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में संधारणीय तटीय मत्स्य पालन के लिए सहयोग को बढ़ावा देता है और तकनीकी सलाह प्रदान करता है।
- सदस्य: बांग्लादेश, भारत, मालदीव और श्रीलंका
- इंडोनेशिया, मलेशिया, म्यांमार और थाईलैंड नॉन--कॉन्ट्रैक्टिंग सहयोगी पक्षकार हैं।
- बंगाल की खाड़ी लार्ज मरीन इकोसिस्टम प्रोजेक्ट II:
- उद्देश्य: सजीव समुद्री संसाधनों के अतिदोहन, महत्वपूर्ण पर्यावासों के क्षरण तथा जल प्रदूषण से संबंधित मुद्दों पर ध्यान देना।
- योजना की अवधि: यह पांच वर्ष (2023-2028) की एक परियोजना है और वैश्विक पर्यावरण सुविधा (GEF) इसकी फंडिंग कर रहा है।
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1 sourceRBI ने तरलता में सुधार के लिए 10 बिलियन USD-INR के स्वैप की योजना बनाई है।
- स्वैप एक वित्तीय साधन है जिसका उपयोग बैंकिंग प्रणाली में तरलता प्रबंधन के लिए किया जाता है।
खरीद/ बिक्री स्वैप के बारे में
- खरीद चरण: RBI भारतीय रुपये के बदले बैंकों से अमेरिकी डॉलर खरीदता है। इससे बैंकिंग प्रणाली में रुपये की आपूर्ति बढ़ जाती है।
- बिक्री चरण: एक नियत अवधि (इस मामले में, तीन वर्ष) के बाद, RBI उतनी ही मात्रा में अमेरिकी डॉलर बैंकों को वापस बेच देता है और बदले में भारतीय रुपया प्राप्त करता है।
एक अध्ययन में पाया गया है कि संरक्षित क्षेत्रों के बाहर मानवीय गतिविधियों के कारण जैवविविधता को नुकसान पहुंचता है तथा “एक्सटिंक्शन फ़िल्टरिंग” के कारण संवेदनशील प्रजातियां लुप्त हो जाती हैं।
एक्सटिंक्शन फ़िल्टरिंग के बारे में
- एक्सटिंक्शन फ़िल्टरिंग वह प्रक्रिया है जिसमें मानवीय व्यवधान के कारण संवेदनशील प्रजातियां लुप्त हो जाती हैं। इसमें केवल वे प्रजातियां ही बच पाती हैं, जो खराब हो चुके लैंडस्केप में जीवित रहने में सक्षम होती हैं।
- जैव विविधता की हानि के इस पैटर्न के परिणामस्वरूप उष्णकटिबंधीय वनों में प्रजातियों की विविधता में कमी और एकरूपता में वृद्धि वाली आबादी देखने को मिलती है।
- चिंता: समय के साथ, एक्सटिंक्शन फ़िल्टरिंग के कारण संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र कमजोर हो जाता है और पर्यावरणीय परिवर्तनों से उबरने की उनकी क्षमता कम हो जाती है।
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1 sourceहाल ही में, वियतनाम की सरकार ने गल्फ ऑफ टॉनकिन आधार रेखा का मानचित्र प्रकाशित किया।

- आधार रेखा का उपयोग प्रादेशिक जल क्षेत्र और अनन्य आर्थिक क्षेत्र की सीमा निर्धारित करने के लिए किया जाता है।
गल्फ ऑफ टॉनकिन के बारे में
- वियतनाम गल्फ ऑफ टॉनकिन में चीन के साथ समुद्री सीमा साझा करता है।
- यह दक्षिण चीन सागर का उत्तर-पश्चिमी भाग है। यह चीन (उत्तर और पूर्व), हैनान द्वीप (पूर्व) और उत्तरी वियतनाम (पश्चिम) से घिरा हुआ है।
- वियतनाम की रेड रिवर इसमें आकर मिल जाती है। इसके मुख्य बंदरगाहों में उत्तरी वियतनाम में अवस्थित बेन थुय और हैफोंग तथा चीन में अवस्थित वीहाईवी (पखोई) शामिल हैं।
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1 sourceभारत में डिजिटल और ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देने के लिए भारत टेक ट्रायम्फ प्रोग्राम शुरू किया गया है।
भारत टेक ट्रायम्फ प्रोग्राम के बारे में
- प्रारंभ: इसे इंटरैक्टिव एंटरटेनमेंट एंड इनोवेशन काउंसिल (IEIC) ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) की साझेदारी में शुरू किया है।
- उद्देश्य: अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत के गेमिंग टैलेंट को पहचानना और प्रदर्शित करना।
- यह भारतीय इनोवेटर्स को अपनी विशेषज्ञता प्रदर्शित करने और अंतर्राष्ट्रीय गेमिंग उद्योग में भारत की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करेगा।
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1 sourceपेरोव्स्काइट लाइट एमिटिंग डायोड्स (PeLEDs) के जरिए अगली पीढ़ी की प्रकाश तकनीक में सुधार के लिए एक नई तकनीक विकसित की गई है।
पेरोव्स्काइट LEDs (PeLEDs) के बारे में
- यह ऑर्गेनिक LEDs (OLEDs) और क्वांटम डॉट LEDs (QLEDs) के फायदों को एकीकृत करता है। यह ऊष्मा और नमी के प्रति उनकी संवेदनशीलता तथा रंग अस्थिरता कम को करता है। इससे अधिक कुशल और टिकाऊ ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण की संभावना बढ़ती है।
- OLEDs मोनोलिथिक, सॉलिड-स्टेट वाले डिवाइस हैं, जो आमतौर पर दो पतली-फिल्म प्रवाहकीय इलेक्ट्रोड के बीच रखी गई कार्बनिक पतली फिल्म की परतों से बने होते हैं।
- QLED डिस्प्ले तकनीक क्वांटम डॉट्स (सेमीकंडक्टर नैनोक्रिस्टल) का उपयोग करती है, जिससे चमकदार और उच्च-गुणवत्ता वाली छवियां उत्पन्न होती हैं।
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1 sourceइलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सरकार की डिजिटल उपस्थिति को सुसंगत बनाने के लिए डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल (DBIM) जारी किया है।
DBIM के बारे में
- यह पहल सरकारी वेबसाइट्स को सरल और मानकीकृत बनाने पर केंद्रित है।
- लक्ष्य: नागरिकों के लिए सरकारी वेबसाइटों को नेविगेट करना आसान बनाना और आवश्यक सरकारी सेवाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करना।
- उद्देश्य: सेवा वितरण को प्रभावी बनाना; सरकारी मंत्रालयों में बेहतर संचार सुनिश्चित करना; सरकारी प्राथमिकताओं को अधिक पारदर्शी बनाना; आदि।
- महत्त्व: यह “यूनिफार्म गवर्नेंस” की शुरुआत करके सरकार के “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा।