MSMEs के लिए नया क्रेडिट असेसमेंट मॉडल | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

केन्द्रीय वित्त मंत्री ने MSMEs के लिए डिजिटल फुटप्रिंट-आधारित क्रेडिट असेसमेंट मॉडल लॉन्च किया 

  • केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषणा की गई थी कि सार्वजनिक क्षेत्रक के बैंक (PSBs) MSMEs को ऋण देने से पहले उनके ऋण भुगतान की क्षमता का आकलन अपने स्तर से करेंगे। इसके लिए उन्हें किसी बाहरी एजेंसी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। 
  • इस डिजिटल असेसमेंट मॉडल में निम्नलिखित डिजिटल फुटप्रिंट का उपयोग किया जाएगा:
    • NSDL के जरिए नाम और पैन सत्यापन;
    • OTP के जरिए मोबाइल और ईमेल सत्यापन;
    • सेवा प्रदाता की मदद से API से GST डेटा प्राप्त करना; तथा 
    • बैंक स्टेटमेंट का विश्लेषण।
  • यह मॉडल MSMEs को ऋण देने की मंजूरी प्रक्रिया को स्वचालित बना देगा। इससे लघु और मध्यम उद्यमों को तेजी से एवं पारदर्शी तरीके से ऋण प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

लिथुआनिया ने रूस से सुरक्षा चिंताओं के कारण क्लस्टर म्यूनिशंस कन्वेंशन (CCM) से हटने की घोषणा की। 

क्लस्टर म्यूनिशंस क्या हैं?

  • क्लस्टर म्यूनिशंस ऐसे हथियार होते हैं, जो हवा में विस्फोट होने के बाद सब-म्यूनिशंस या छोटे-छोटे विस्फोटक बमों में खंडित होकर बड़े क्षेत्र में फैल जाते हैं। 

क्लस्टर म्यूनिशंस कन्वेंशन (CCM) के बारे में

  • CCM एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है। यह संधि क्लस्टर म्यूनिशंस/ हथियारों के उपयोग, भंडारण, उत्पादन और स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाती है।
    • इसे क्लस्टर म्यूनिशंस पर ओस्लो घोषणा-पत्र (2007) के तहत अपनाया गया था।
    • यह कन्वेंशन 2008 में अपनाया गया था और 2010 में लागू किया गया था। 
  • वैधानिक स्थिति: यह अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी विधि के तहत कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतर्राष्ट्रीय संधि है।
  • भारत की स्थिति: 
    • भारत ने इस संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
    • रूस, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे कई बड़े देश भी इस संधि में शामिल नहीं हैं। 

केरल ने डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केरल पुलिस हेतु 'एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर' (SOC) लॉन्च किया है।

  • यह सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) के 'त्रिनेत्र' (TRINETRA) प्लेटफॉर्म पर आधारित है।
  • C-DOT संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) का एक स्वायत्त दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र है।

C-DOT के त्रिनेत्र के बारे में

  • यह AI-आधारित, स्वदेशी और एकीकृत साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म है। इसे उद्यमों और महत्वपूर्ण क्षेत्रकों की साइबर सुरक्षा करने के लिए विकसित किया गया है।
  • यह एंडपॉइंट्स, नेटवर्क ट्रैफिक और यूजर बिहेवियर की निगरानी करने में मदद करता है। इसके अलावा, यह सुभेद्यताओं की पहचान करने, विसंगतियों का पता लगाने और साइबर खतरों को कम करने में भी सहायक है।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 

गोल्डन डोम के बारे में 

  • यह संयुक्त राज्य अमेरिका का एक मिसाइल रक्षा कार्यक्रम है।  इसका उद्देश्य बैलिस्टिक, हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइलों तथा अन्य उन्नत हवाई हमलों के खतरों से अमेरिका की रक्षा करना है। 
  • इसका निर्माण इजरायल की 'आयरन डोम' मिसाइल रक्षा प्रणाली से प्रभावित होकर किया जा रहा है। 
  • आयरन डोम एक बहुस्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली है। इस प्रणाली का विकास कम दूरी के खतरों से बचने के लिए किया गया है।

भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने फटीग-रेसिस्टेंट (Fatigue-Resistant) मल्टी-प्रिंसिपल एलीमेंट एलॉय (MPEA) विकसित किया है। 

  • इस खोज ने उस पारंपरिक धारणा को चुनौती दी है कि उच्च-बल (Strength) से फटीग-लाइफ (Fatigue Life) पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • इस शोध को “अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन” से मदद मिली है।

मल्टी-प्रिंसिपल एलीमेंट एलॉय (MPEA) के बारे में

  • इसे "कम्पोजिशनली काम्प्लेक्स एलॉय (CCAs)" भी कहा जा रहा है।
  • यह पारंपरिक मिश्र-धातुओं (Alloys) से अलग होता है, क्योंकि इसमें केवल एक या दो तत्वों की बजाय कई प्रमुख तत्व शामिल होते हैं।
  • मुख्य विशेषताएं: उच्च बल, बेहतर संक्षारण प्रतिरोधी (Enhanced Corrosion Resistance), अत्यधिक तापीय स्थिरता आदि। 
  • पारंपरिक रूप से माना जाता है कि बल बढ़ाने से फटीग लाइफ कम होती है।
    • मैटेरियल साइंस में फटीग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें चक्रीय भार (Cyclic Loading) के कारण किसी पदार्थ में दरारें (Cracks) उत्पन्न होती हैं। फटीग लाइफ किसी सामग्री द्वारा दोहराए जाने वाले तनावों (Repeated Loading) के तहत विफल होने से पहले सहन किए गए कुल तनाव चक्रों (Stress Cycles) की संख्या को दर्शाती है।
  • हालांकि IISc के शोध से पता चलता है कि निम्नलिखित उपायों से फटीग प्रतिरोध को बढ़ाया जा सकता है:
    • फाइनर डिस्लोकेशन संरचनाओं द्वारा;
    • ग्रेन साइज को कम करके उच्चतर बैक स्ट्रेस उत्पन्न करके आदि।

जम्मू और कश्मीर सरकार नियंत्रण रेखा (LoC) के करीब स्थित बंगस घाटी को एक इकोटूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में बढ़ावा दे रही है। 

बंगस घाटी के बारे में 

  • यह जगह कश्मीर के ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र में अवस्थित है। 
  • इस घाटी में अलग-अलग प्रकार के बायोम हैं। यहां पर्वत बायोम, घास के मैदान का बायोम और टैगा या शंकुधारी वन (स्थानीय भाषा में बुडलू) बायोम हैं। 
    • हरे-भरे घास के मैदान इस घाटी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। 
  • मुख्य घाटी को बोध बंगस या "बड़ी बंगस घाटी" कहा जाता है, जो एक रैखिक अंडाकार कटोरे के आकार की है। इसके साथ एक छोटी घाटी भी है, जिसे लाकुत बंगस कहा जाता है।

यूक्रेन का दावा है कि रूस नीपर नदी (Dnieper River) पर अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए "आत्मघाती मिशन" शुरू कर रहा है। 

नीपर नदी के बारे में 

  • यह नदी यूक्रेन को दो भागों में विभाजित करती है। इस तरह इस नदी के दाएं और बाएं-किनारों पर यूक्रेन के क्षेत्र स्थित हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव इसी नदी के तट पर स्थित है। 
  • यह यूरोप की चौथी सबसे लंबी नदी है।
    • यूरोप की तीन सबसे लंबी नदियां वोल्गा, डेन्यूब और यूराल हैं। 
  • उद्गम: यह नदी रूस की वल्दाई हिल्स (मास्को से लगभग 150 मील पश्चिम) से उत्पन्न होती है। 
  • यह नदी रूस, बेलारूस और यूक्रेन से बहती हुई काला सागर (Black Sea) में मिल जाती है।

इंडियन नेवल सेलिंग वेसेल (INSV) तारिणी ने नाविका सागर परिक्रमा II अभियान के तहत फ़ॉकलैंड द्वीप समूह के पोर्ट स्टेनली में प्रवेश किया।

  • इस अभियान का नेतृत्व दो महिला अधिकारी कर रही हैं। यह  अभियान महिला सशक्तीकरण और मेरीटाइम एक्सीलेंस के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

फ़ॉकलैंड द्वीप समूह के बारे में 

  • राजधानी: स्टेनली। 
  • अवस्थिति: यह दक्षिण अटलांटिक में एक सुदूर द्वीप समूह है। यह अर्जेंटीना के पूर्व में स्थित है। 
  • राजनीतिक स्थिति: यह स्वशासन वाला ब्रिटिश-ओवरसीज क्षेत्र है। इसके रक्षा और विदेश मामले यूनाइटेड किंगडम सरकार देखती है।  
  • इस द्वीप समूह पर अर्जेंटीना भी अपना दावा करता रहा है। अर्जेंटीना इसे इस्लास माल्विनास (Islas Malvinas) कहता है। इस द्वीप पर अधिकार को लेकर 1982 में फ़ॉकलैंड युद्ध हुआ था।
  • अर्थव्यवस्था: इसके विशाल महाद्वीपीय शेल्फ के कारण मात्स्यिकी मुख्य आर्थिक गतिविधि है। यहां के जल क्षेत्र में समुद्री ट्राउट और स्क्विड प्रजातियां बड़ी मात्रा में पाई जाती हैं।
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED VIDEOS

1
न्यूज़ टुडे | डेली करेंट अफेयर्स | 2 एवं 3 फरवरी, 2025

न्यूज़ टुडे | डेली करेंट अफेयर्स | 2 एवं 3 फरवरी, 2025

YouTube HD
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet