समुद्र द्वारा माल वहन विधेयक | Current Affairs | Vision IAS
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लोक सभा ने समुद्र द्वारा माल वहन विधेयक, 2024 पारित किया। 

  • विधेयक का उद्देश्य: समझने में आसानी के लिए प्रावधानों की भाषा को सरल बनाना।

विधेयक के बारे में

  • यह भारतीय समुद्र द्वारा माल वहन अधिनियम, 1925 का स्थान लेगा।
  • यह भारत के एक पत्तन से भारत के किसी अन्य पत्तन या विश्व के किसी अन्य पत्तन तक माल के परिवहन से संबंधित उत्तरदायित्वों, दायित्वों, अधिकारों और उन्मुक्तियों को स्थापित करता है।
  • यह अगस्त 1924 के इंटरनेशनल कन्वेंशन फॉर द यूनिफिकेशन ऑफ सर्टेन रूल्स ऑफ लॉ रेलटिंग टू बिल्स ऑफ लैडिंग (हेग नियम) तथा उसके बाद के संशोधनों के अनुरूप है।

विदेशी निवेश और नीतिगत बदलावों के बीच वित्त वर्ष 2025 में भारतीय बॉण्ड प्रतिफल में भारी गिरावट आई है।

  • परिभाषा: बॉण्ड, निवेशक द्वारा उधारकर्ता को एक निश्चित अवधि के लिए नियमित ब्याज भुगतान के बदले में दिया जाने वाला ऋण है।

बॉण्ड प्रतिफल के बारे में

  • परिभाषा: यह उधारकर्ता (जारीकर्ता) और ऋणदाता (निवेशक) के बीच एक अनुबंध या ऋण सुरक्षा है। इसमें एक उधारकर्ता (जारीकर्ता) एक ऋणदाता (बॉण्ड-धारक या निवेशक) को भविष्य की तिथि (परिपक्वता तिथि) पर मूल राशि (अंकित मूल्य) चुकाने का वादा करता है। साथ ही आवधिक ब्याज भुगतान (कूपन) भी करता है। 

बॉण्ड के मूल्य और बॉण्ड प्रतिफल के बीच संबंध

  • जब बॉण्ड की कीमतें बढ़ती हैं, तो प्रतिफल कम हो जाता है, और जब बॉण्ड की कीमतें गिरती हैं, तो प्रतिफल बढ़ता है।  
  • यदि बाजार ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो नये बॉण्ड्स पर अधिक प्रतिफल प्रदान किया जाता है, जिससे कम प्रतिफल वाले मौजूदा बॉण्ड्स कम आकर्षक हो जाते हैं।
    • इससे मौजूदा बॉण्ड्स की कीमतों में गिरावट आती है, जिससे उनका प्रतिफल बढ़ जाता है।

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के अंतर्गत 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर को मंजूरी दी।

हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के बारे में

  • यह एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल है। इसका उपयोग मुख्य रूप से सड़क निर्माण जैसी अवसंरचना संबंधी परियोजनाओं में किया जाता है।
  • वित्त-पोषण: निर्माण के दौरान परियोजना लागत का 40% सरकार द्वारा वित्त-पोषित किया जाता है तथा शेष 60% निजी विकासकर्ता द्वारा वहन किया जाता है ।
    • हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत निजी विकासकर्ता समय के साथ सरकार द्वारा निर्धारित एन्युटी भुगतान के माध्यम से लागत को वसूल करता है।
  • अन्य मॉडल्स की तुलना में इसके लाभ: संतुलित जोखिम-साझाकरण, निजी विकासकर्ताओं के लिए सुनिश्चित रिटर्न आदि।

युद्ध अभ्यास इंद्र का 14वां संस्करण 28 मार्च, 2025 से 02 अप्रैल, 2025 तक चेन्नई में आयोजित किया जा रहा है।

युद्ध अभ्यास इंद्र के बारे में

  • यह भारत और रूस की नौसेनाओं के मध्य द्विपक्षीय युद्ध अभ्यास है, जो 2003 से शुरू हुआ था।
  • यह युद्ध अभ्यास दो चरणों में आयोजित किया जाएगा- पत्तन आधारित चरण (चेन्नई में) और बंगाल की खाड़ी में समुद्री चरण।
  • भागीदारी: रूसी संघ के नौसेना पोत पेचंगा, रेज्की और अलदार त्सिडेंझापोव तथा भारतीय नौसेना के पोत राणा, कुथार व समुद्री गश्ती विमान P8L शामिल हुए हैं।

हाल ही में, भारतीय थल सेना ने फर्स्ट पर्सन व्यू (FPV) ड्रोन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इसे चंडीगढ़ स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी के सहयोग से मेजर सेफस चेतन ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है।

फर्स्ट पर्सन व्यू (FPV) ड्रोन के बारे में

  • प्रमुख विशेषताएं
    • हमला करने की सटीक क्षमता: यह दुश्मन के बंकरों, वाहनों और छोटी प्रणालियों को प्रभावी ढंग से निशाना बना सकता है।
    • पायलट-नियंत्रित ट्रिगर: इसमें ट्रिगर को केवल रेडियो कंट्रोलर के माध्यम से एक्टिवेट किया जाता है। इससे समयपूर्व विस्फोट का जोखिम न्यूनतम हो जाता है।
    • रियल टाइम में पेलोड की निगरानी: बेहतर सटीकता के लिए ऑपरेटर FPV गॉगल्स के माध्यम से पेलोड की लाइव स्थिति जान सकते हैं।
  • सामरिक महत्त्व
    • स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी: इससे विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम होगी।
    • लागत प्रभावी हथियार: यह कम लागत पर युद्धक्षेत्र में सटीक हमला करने का विकल्प प्रदान करता है।

बांग्लादेश ने तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन एवं पुनरुद्धार परियोजना में चीन की भागीदारी का स्वागत किया।

तीस्ता नदी के बारे में

  • उत्पत्ति: यह सिक्किम में छोम्बो छू के रूप में हिमनदीय झील खांगचुंग छू से निकलती है।
  • यह झील पौहुनरी चोटी से उतरने वाले तीस्ता खांगसे ग्लेशियर के मुहाने पर स्थित है।
  • यह सिक्किम और पश्चिम बंगाल से होकर बहती है और फिर बांग्लादेश में प्रवेश कर जमुना नदी (ब्रह्मपुत्र) में मिल जाती है।
  • सहायक नदियां:
    • बाएं किनारे की सहायक नदियां: लाचुंग छू, रंगपो छू, चाकुंग छू आदि।
    • दाएं तट की सहायक नदियां: रंगीत नदी (सबसे बड़ी सहायक नदी) आदि।
  • तीस्ता संधि: 2011 में एक मसौदा समझौते का प्रस्ताव रखा गया था। इसके अनुसार शुष्क मौसम के दौरान भारत को तीस्ता का 42.5% तथा बांग्लादेश को 37.5% जल आवंटित करने की योजना बनाई गई थी
    • हालांकि, पश्चिम बंगाल की आपत्तियों के कारण इस समझौते के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी गई।

भारत सरकार अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग के लिए फोटोनिक चिप अनुसंधान को बढ़ावा दे रही है।

फोटोनिक चिप के बारे में

  • अवधारणा: एक फोटोनिक चिप एक इलेक्ट्रॉनिक चिप की तरह होती है। हालांकि, यह विद्युत (इलेक्ट्रॉन) की जगह प्रकाश (फोटॉन) का उपयोग करती है।
  • घटक: इसमें रेज़िस्टर्स और ट्रांज़िस्टर्स की बजाय वेवगाइड्स, लेजर व  पोलराइजर जैसे ऑप्टिकल घटक होते हैं।
  • महत्त्व:
    • अल्ट्रा-हाई स्पीड, हाई बैंडविड्थ और बेहतर ऊर्जा दक्षता के साथ डेटा संचारित कर सकती हैं।
    • ये बहुत कम हीट उत्पन्न करती हैं और विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप से प्रभावित नहीं होती हैं।
    • ये चिप्स 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर जैसे नए अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त हैं।

केंद्र सरकार ने दूसरे राष्ट्रीय जीन बैंक (NGB) की स्थापना की घोषणा की। इसका उद्देश्य भविष्य में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 10 लाख क्रॉप (फसल) जर्मप्लाज्म का संरक्षण करना है।

  • पहला NGB 1996 में नई दिल्ली स्थित ICAR-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBPGR) में स्थापित किया गया था।

जीन बैंक के बारे में

  • जीन बैंक ऐसे जैव-भंडार होते हैं, जहां पादपों, जानवरों और सूक्ष्मजीवों की आनुवंशिक सामग्री को संरक्षित किया जाता है। इनका उद्देश्य जैव विविधता को बचाना और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।
  • जीन बैंक के प्रकार
    • सीड बैंक (बीज बैंक) – जैसे स्वालबार्ड ग्लोबल सीड वॉल्ट, नॉर्वे।
    • फील्ड जीन बैंक – प्राकृतिक परिस्थितियों में जीवित पादपों का संरक्षण।
    • क्रायो-प्रिजर्वेशन बैंक – ऊतक, भ्रूण और कोशिकाओं को संरक्षित करने के लिए।
    • पोलन (पराग) और DNA बैंक।

भारत में अन्य जीन बैंक

  • पशु जीन बैंक: ICAR-राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBAGR), हरियाणा।
  • माइक्रोबियल जीन बैंक: ICAR-राष्ट्रीय कृषि महत्वपूर्ण सूक्ष्मजीव ब्यूरो (NBAIM), उत्तर प्रदेश।
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