ब्रिक्स सदस्य देशों के श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक 2025 में घोषणा-पत्र अपनाया गया | Current Affairs | Vision IAS
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इस घोषणा-पत्र में दो महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई है: “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एंड द फ्यूचर ऑफ़ वर्क” तथा "द इम्पैटस ऑफ़ क्लाइमेट चेंज ऑन द वर्ल्ड ऑफ़ वर्क एंड ए जस्ट ट्रांजीशन।”

  • बैठक का आयोजन ब्राजील की अध्यक्षता में ब्रासीलिया में किया गया। इस बैठक की थीम थी- “अधिक समावेशी और सतत गवर्नेंस के लिए ग्लोबल साउथ के सहयोग को मजबूत करना”।

घोषणा-पत्र की मुख्य विशेषताओं पर एक नजर

  • अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने श्रमिक अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए इसका समर्थन किया है।
  • घोषणा-पत्र में ब्रिक्स देशों ने निम्नलिखित प्रतिबद्धता जताई है:
    • नवाचार और श्रमिक संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए समावेशी AI नीतियों को बढ़ावा देंगे।
    • न्यायसंगत जलवायु संक्रमण सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक संवाद को प्रोत्साहित करेंगे।
    • विशेष रूप से लेबर गवर्नेंस, डिजिटल समावेशन और हरित नौकरियों के सृजन में दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करेंगे।

श्रमिकों के लिए घोषणा-पत्र का महत्त्व

  • गरिमापूर्ण कार्य के लिए AI का उपयोग: यह सभी श्रमिकों की AI तक समान पहुंच सुनिश्चित करने में सहायक साबित होगा, जिससे उनकी अभिव्यक्ति को सार्थक सामाजिक संवाद के माध्यम से सुनना आसान हो जाएगा।
    • ILO के अनुसार ब्रिक्स देश दक्षिण-दक्षिण सहयोग के माध्यम से कार्यस्थलों पर AI के अधिकार-आधारित उपयोग के संबंध में आवश्यक परिवर्तनों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। 
  • जस्ट ट्रांजीशन-हरित नौकरियां व समावेशी नीतियां: पारिस्थितिकी-तंत्र के पतन से 1.2 बिलियन आजीविका खतरे में हैं; लगभग 2.4 बिलियन श्रमिक हानिकारक अत्यधिक गर्मी में काम करने हेतु मजबूर हैं।
  • सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा: सामाजिक सुरक्षा में व्याप्त अंतर तेजी से बढ़ रहा है। इससे प्लेटफॉर्म वर्कर्स जैसा असुरक्षित वर्ग भी और अधिक प्रभावित हो रहा है। आज भी 83 प्रतिशत लोगों के लिए बुनियादी सामाजिक सुरक्षा का कोई प्रावधान नहीं है।
  • सामाजिक न्याय को प्रोत्साहन: ILO ने ब्रिक्स देशों को "वैश्विक सामाजिक न्याय गठबंधन" के माध्यम से समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत उन्हें मानक मार्गदर्शन तथा शोध संबंधी और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
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